Saathiya
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📜 Lyrics
साथिया हंममममम साथिया हंमममममम
मद्धम मद्धम तेरी ये गीली हँसी
साथिया हंममममम साथिया हंमममममम
सुन के हमने सारी पी ली हँसी (ओ हो हो)
हँसती रहे तू हँसती रहे हया की लाली खिलती रहे
जुल्फों के नीचे गर्दन पे सुबह शाम मिलती रहे
हँसती रहे तू हँसती रहे हया की लाली खिलती रहे
जुल्फों के नीचे गर्दन पे सुबह ओर शाम मिलती रहे
सौंधी सी हँसी तेरी खिलती रहे मिलती रहे
पीली धूप पहन के तुम देखो बाग़ में मत जाना
भंवरे तुमको सब छेड़ेंगे फूलों में मत जाना
मद्धम
मद्धम
हंस दे फिर से
सोणा
सोणा
फिर से हंस दे
ताजा गिरे पत्ते की तरह सब्ज लॉन पर लेटे हुए
सात रंग हैं बहारों के एक अदा में लपेटे हुए
सावन भादों सारे तुमसे
मौसम मौसम हंसते रहना
मद्धम मद्धम हँसते रहना
साथिया हंममममम साथिया हंमममममम
मद्धम मद्धम तेरी ये गीली हँसी (ओ हो हो)
साथिया हंममममम साथिया हंमममममम
सुन के हमने सारी पी ली हँसी
कभी नीले आसमां पे
चलो घुमने चलें हम
कोई अब्र मिल गया तो
जमीं पे बरस लें हम
तेरी बाली हिल गयी है
कभी शब चमक उठी है
कभी शाम खिल गयी है
तेरे बालों की पनाह में
इस सियाह रात गुजरे
तेरी काली काली आँखे
कोई उजली बात उतरे
तेरी इक हंसी के बदले
मेरी ये ज़मीन ले ले
मेरा आसमान ले ले
साथिया हंममममम साथिया हंमममममम
मद्धम मद्धम तेरी गीली हँसी
साथिया हंममममम साथिया हंमममममम
सुन के हमने सारी पी ली हँसी
मद्धम मद्धम तेरी ये गीली हँसी
साथिया हंममममम साथिया हंमममममम
सुन के हमने सारी पी ली हँसी (ओ हो हो)
हँसती रहे तू हँसती रहे हया की लाली खिलती रहे
जुल्फों के नीचे गर्दन पे सुबह शाम मिलती रहे
हँसती रहे तू हँसती रहे हया की लाली खिलती रहे
जुल्फों के नीचे गर्दन पे सुबह ओर शाम मिलती रहे
सौंधी सी हँसी तेरी खिलती रहे मिलती रहे
पीली धूप पहन के तुम देखो बाग़ में मत जाना
भंवरे तुमको सब छेड़ेंगे फूलों में मत जाना
मद्धम
मद्धम
हंस दे फिर से
सोणा
सोणा
फिर से हंस दे
ताजा गिरे पत्ते की तरह सब्ज लॉन पर लेटे हुए
सात रंग हैं बहारों के एक अदा में लपेटे हुए
सावन भादों सारे तुमसे
मौसम मौसम हंसते रहना
मद्धम मद्धम हँसते रहना
साथिया हंममममम साथिया हंमममममम
मद्धम मद्धम तेरी ये गीली हँसी (ओ हो हो)
साथिया हंममममम साथिया हंमममममम
सुन के हमने सारी पी ली हँसी
कभी नीले आसमां पे
चलो घुमने चलें हम
कोई अब्र मिल गया तो
जमीं पे बरस लें हम
तेरी बाली हिल गयी है
कभी शब चमक उठी है
कभी शाम खिल गयी है
तेरे बालों की पनाह में
इस सियाह रात गुजरे
तेरी काली काली आँखे
कोई उजली बात उतरे
तेरी इक हंसी के बदले
मेरी ये ज़मीन ले ले
मेरा आसमान ले ले
साथिया हंममममम साथिया हंमममममम
मद्धम मद्धम तेरी गीली हँसी
साथिया हंममममम साथिया हंमममममम
सुन के हमने सारी पी ली हँसी