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Bas Yehi Apradh Main Har Baar

👤 Mukesh 🎼 Sitare Zameen Par - Manoj Kumar - "Main Na Bhoolunga" ⏱️ 5:03
🎵 3081 characters
⏱️ 5:03 duration
🆔 ID: 10067974

📜 Lyrics

बस यहीं अपराध मैं हर बार करता हूँ
बस यहीं अपराध मैं हर बार करता हूँ
आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ

बस यहीं अपराध मैं हर बार करता हूँ
बस यहीं अपराध मैं हर बार करता हूँ
आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ

एक खिलौना बन गया दुनिया के मेले में
कोई खेले भीड़ में, कोई अकेले में
एक खिलौना बन गया दुनिया के मेले में
कोई खेले भीड़ में, कोई अकेले में

मुस्कुरा कर भेंट हर स्वीकार करता हूँ
मुस्कुरा कर भेंट हर स्वीकार करता हूँ
आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ

हूँ बहुत नादान, करता हूँ ये नादानी
बेचकर खुशियाँ, खरीदूँ आँख का पानी
हूँ बहुत नादान, करता हूँ ये नादानी
बेचकर खुशियाँ, खरीदूँ आँख का पानी

हाथ खाली हैं मगर व्यापार करता हूँ
हाथ खाली हैं मगर व्यापार करता हूँ
आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ

मैं बसाना चाहता हूँ स्वर्ग धरती पर
आदमी जिसमें रहे बस आदमी बन कर
मैं बसाना चाहता हूँ स्वर्ग धरती पर
आदमी जिसमें रहे बस आदमी बन कर

उस नगर की हर गली तैयार करता हूँ
उस नगर की हर गली तैयार करता हूँ
आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ

बस यहीं अपराध मैं हर बार करता हूँ
बस यहीं अपराध मैं हर बार करता हूँ
आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ

⏱️ Synced Lyrics

[00:23.59] बस यहीं अपराध मैं हर बार करता हूँ
[00:29.91] बस यहीं अपराध मैं हर बार करता हूँ
[00:35.74] आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
[00:41.57] आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
[00:47.56] बस यहीं अपराध मैं हर बार करता हूँ
[00:53.33] बस यहीं अपराध मैं हर बार करता हूँ
[00:59.32] आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
[01:05.29] आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
[01:11.56]
[01:34.89] एक खिलौना बन गया दुनिया के मेले में
[01:40.80] कोई खेले भीड़ में, कोई अकेले में
[01:46.73] एक खिलौना बन गया दुनिया के मेले में
[01:52.67] कोई खेले भीड़ में, कोई अकेले में
[01:58.36] मुस्कुरा कर भेंट हर स्वीकार करता हूँ
[02:04.29] मुस्कुरा कर भेंट हर स्वीकार करता हूँ
[02:10.32] आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
[02:15.99] आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
[02:22.36]
[02:39.59] हूँ बहुत नादान, करता हूँ ये नादानी
[02:45.36] बेचकर खुशियाँ, खरीदूँ आँख का पानी
[02:51.33] हूँ बहुत नादान, करता हूँ ये नादानी
[02:56.93] बेचकर खुशियाँ, खरीदूँ आँख का पानी
[03:02.74] हाथ खाली हैं मगर व्यापार करता हूँ
[03:08.57] हाथ खाली हैं मगर व्यापार करता हूँ
[03:14.46] आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
[03:20.20] आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
[03:26.52]
[03:49.29] मैं बसाना चाहता हूँ स्वर्ग धरती पर
[03:55.24] आदमी जिसमें रहे बस आदमी बन कर
[04:01.06] मैं बसाना चाहता हूँ स्वर्ग धरती पर
[04:07.20] आदमी जिसमें रहे बस आदमी बन कर
[04:12.67] उस नगर की हर गली तैयार करता हूँ
[04:18.58] उस नगर की हर गली तैयार करता हूँ
[04:24.21] आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
[04:29.98] आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
[04:35.81] बस यहीं अपराध मैं हर बार करता हूँ
[04:41.46] बस यहीं अपराध मैं हर बार करता हूँ
[04:47.35] आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
[04:53.16] आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ
[04:57.77]

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