Nazaare Ho
🎵 2430 characters
⏱️ 4:30 duration
🆔 ID: 1024572
📜 Lyrics
हो, दस्तूरों को धता बता के
खुद के मन का पता बता के
Window seat करी है offer
क़िस्मत ने फिर पास बिठा के
ओ, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ-हो
हो-हो, नज़ारे, हो, नज़ारे, ओ
उड़ने की चाहत थी कच्ची
पर गिरने की फ़ितरत थी सच्ची
खोने के मौसम में, यारों
कुछ पाने की आदत है अच्छी
हो, नींद को आँख दिखा दी हमने
उम्मीदों का साथ निभा के
Window seat करी है offer
क़िस्मत ने फिर पास बिठा के
ओ, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ-हो
हो-हो, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ
तूने-मैंने सपने देखे थे औने-पौने
आगे होगा क्या बता
लोग-बाग सब एक राग हैं
अपनी ही धुन तू सुना
हो, सख़्त छतों पे उगा है बरगद
देखो सब कुछ तोड़-ताड़ के
Window seat करी है offer
क़िस्मत ने फिर पास बिठा के
ओ, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ-हो
हो-हो, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ
कुछ आधा होगा, अधूरा होगा
जो अपने मन का, वो पूरा होगा
भरम के पानी में भटकती नाव का
कोई ना कोई किनारा होगा
हो, जकड़ी मुट्ठी खोल हवा में
बात बनेगी बात-बात में
सोच-साच के क्यूँ है जीना?
क्यूँ जीना है inch नाप के?
ओ, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ-हो
हो-हो, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ
हो, दस्तूरों को धता बता के
खुद के मन का पता बता के
Window seat करी है offer
क़िस्मत ने फिर पास बिठा के
हो, नज़ारे, हो, नज़ारे, ओ
खुद के मन का पता बता के
Window seat करी है offer
क़िस्मत ने फिर पास बिठा के
ओ, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ-हो
हो-हो, नज़ारे, हो, नज़ारे, ओ
उड़ने की चाहत थी कच्ची
पर गिरने की फ़ितरत थी सच्ची
खोने के मौसम में, यारों
कुछ पाने की आदत है अच्छी
हो, नींद को आँख दिखा दी हमने
उम्मीदों का साथ निभा के
Window seat करी है offer
क़िस्मत ने फिर पास बिठा के
ओ, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ-हो
हो-हो, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ
तूने-मैंने सपने देखे थे औने-पौने
आगे होगा क्या बता
लोग-बाग सब एक राग हैं
अपनी ही धुन तू सुना
हो, सख़्त छतों पे उगा है बरगद
देखो सब कुछ तोड़-ताड़ के
Window seat करी है offer
क़िस्मत ने फिर पास बिठा के
ओ, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ-हो
हो-हो, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ
कुछ आधा होगा, अधूरा होगा
जो अपने मन का, वो पूरा होगा
भरम के पानी में भटकती नाव का
कोई ना कोई किनारा होगा
हो, जकड़ी मुट्ठी खोल हवा में
बात बनेगी बात-बात में
सोच-साच के क्यूँ है जीना?
क्यूँ जीना है inch नाप के?
ओ, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ-हो
हो-हो, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ
हो, दस्तूरों को धता बता के
खुद के मन का पता बता के
Window seat करी है offer
क़िस्मत ने फिर पास बिठा के
हो, नज़ारे, हो, नज़ारे, ओ
⏱️ Synced Lyrics
[00:30.52] हो, दस्तूरों को धता बता के
[00:33.38] खुद के मन का पता बता के
[00:36.07] Window seat करी है offer
[00:38.34] क़िस्मत ने फिर पास बिठा के
[00:40.77] ओ, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ-हो
[00:48.81] हो-हो, नज़ारे, हो, नज़ारे, ओ
[00:59.96] उड़ने की चाहत थी कच्ची
[01:04.48] पर गिरने की फ़ितरत थी सच्ची
[01:09.56] खोने के मौसम में, यारों
[01:13.95] कुछ पाने की आदत है अच्छी
[01:18.43] हो, नींद को आँख दिखा दी हमने
[01:21.45] उम्मीदों का साथ निभा के
[01:23.81] Window seat करी है offer
[01:26.29] क़िस्मत ने फिर पास बिठा के
[01:28.84] ओ, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ-हो
[01:36.89] हो-हो, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ
[01:44.74]
[01:57.53] तूने-मैंने सपने देखे थे औने-पौने
[02:02.48] आगे होगा क्या बता
[02:07.01] लोग-बाग सब एक राग हैं
[02:11.87] अपनी ही धुन तू सुना
[02:16.06] हो, सख़्त छतों पे उगा है बरगद
[02:19.07] देखो सब कुछ तोड़-ताड़ के
[02:21.53] Window seat करी है offer
[02:23.95] क़िस्मत ने फिर पास बिठा के
[02:26.33] ओ, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ-हो
[02:34.43] हो-हो, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ
[02:43.25]
[03:08.65] कुछ आधा होगा, अधूरा होगा
[03:13.31] जो अपने मन का, वो पूरा होगा
[03:18.30] भरम के पानी में भटकती नाव का
[03:22.91] कोई ना कोई किनारा होगा
[03:27.92] हो, जकड़ी मुट्ठी खोल हवा में
[03:31.03] बात बनेगी बात-बात में
[03:33.59] सोच-साच के क्यूँ है जीना?
[03:36.09] क्यूँ जीना है inch नाप के?
[03:38.28] ओ, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ-हो
[03:46.35] हो-हो, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ
[03:56.81] हो, दस्तूरों को धता बता के
[03:59.93] खुद के मन का पता बता के
[04:02.34] Window seat करी है offer
[04:04.56] क़िस्मत ने फिर पास बिठा के
[04:07.79] हो, नज़ारे, हो, नज़ारे, ओ
[04:15.68]
[00:33.38] खुद के मन का पता बता के
[00:36.07] Window seat करी है offer
[00:38.34] क़िस्मत ने फिर पास बिठा के
[00:40.77] ओ, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ-हो
[00:48.81] हो-हो, नज़ारे, हो, नज़ारे, ओ
[00:59.96] उड़ने की चाहत थी कच्ची
[01:04.48] पर गिरने की फ़ितरत थी सच्ची
[01:09.56] खोने के मौसम में, यारों
[01:13.95] कुछ पाने की आदत है अच्छी
[01:18.43] हो, नींद को आँख दिखा दी हमने
[01:21.45] उम्मीदों का साथ निभा के
[01:23.81] Window seat करी है offer
[01:26.29] क़िस्मत ने फिर पास बिठा के
[01:28.84] ओ, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ-हो
[01:36.89] हो-हो, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ
[01:44.74]
[01:57.53] तूने-मैंने सपने देखे थे औने-पौने
[02:02.48] आगे होगा क्या बता
[02:07.01] लोग-बाग सब एक राग हैं
[02:11.87] अपनी ही धुन तू सुना
[02:16.06] हो, सख़्त छतों पे उगा है बरगद
[02:19.07] देखो सब कुछ तोड़-ताड़ के
[02:21.53] Window seat करी है offer
[02:23.95] क़िस्मत ने फिर पास बिठा के
[02:26.33] ओ, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ-हो
[02:34.43] हो-हो, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ
[02:43.25]
[03:08.65] कुछ आधा होगा, अधूरा होगा
[03:13.31] जो अपने मन का, वो पूरा होगा
[03:18.30] भरम के पानी में भटकती नाव का
[03:22.91] कोई ना कोई किनारा होगा
[03:27.92] हो, जकड़ी मुट्ठी खोल हवा में
[03:31.03] बात बनेगी बात-बात में
[03:33.59] सोच-साच के क्यूँ है जीना?
[03:36.09] क्यूँ जीना है inch नाप के?
[03:38.28] ओ, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ-हो
[03:46.35] हो-हो, नज़ारे, ओ, नज़ारे, ओ
[03:56.81] हो, दस्तूरों को धता बता के
[03:59.93] खुद के मन का पता बता के
[04:02.34] Window seat करी है offer
[04:04.56] क़िस्मत ने फिर पास बिठा के
[04:07.79] हो, नज़ारे, हो, नज़ारे, ओ
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