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Mera Kuchh Samaan

👤 Asha Bhosle 🎼 Ijaazat (Original Motion Picture Soundtrack) ⏱️ 6:39
🎵 2717 characters
⏱️ 6:39 duration
🆔 ID: 1028569

📜 Lyrics

मेरा कुछ सामाँ तुम्हारे पास पड़ा हैं
मेरा कुछ सामाँ तुम्हारे पास पड़ा हैं
हो, सावन के कुछ भीगे-भीगे दिन रखे हैं
ओ, और मेरे इक ख़त में लिपटी राख पड़ी है

वो राख बुझा दो, मेरा वो सामाँ लौटा दो
वो राख बुझा दो, मेरा वो सामाँ लौटा दो

मेरा कुछ सामाँ तुम्हारे पास पड़ा हैं
हो, सावन के कुछ भीगे-भीगे दिन रखे हैं
हो, और मेरे इक ख़त में लिपटी राख पड़ी है
वो राख बुझा दो, मेरा वो सामाँ लौटा दो

पतझड़ है कुछ (है ना?)

ओ, पतझड़ में कुछ पत्तों के गिरने की आहट
कानों में इक बार पहन के लौटाई थी
पतझड़ की वो शाख अभी तक काँप रही है

वो शाख गिरा दो, मेरा वो सामाँ लौटा दो
वो शाख गिरा दो, मेरा वो सामाँ लौटा दो

इक अकेली छतरी में जब आधे-आधे भीग रहे थे
इक अकेली छतरी में जब आधे-आधे भीग रहे थे
आधे सूखे, आधे गीले सुखा तो मैं ले आयी थी
गीला मन शायद बिस्तर के पास पड़ा हो
वो भिजवा दो, मेरा वो सामाँ लौटा दो

११६ चाँद की रातें, एक तुम्हारे काँधे का तिल
११६ चाँद की रातें, एक तुम्हारे काँधे का तिल
गीली मेहँदी की खुशबू, झूठ-मूठ के शिकवे कुछ
झूठ-मूठ के वादें भी सब याद करा दूँ

सब भिजवा दो, मेरा वो सामाँ लौटा दो
सब भिजवा दो, मेरा वो सामाँ लौटा दो

एक इजाज़त दे-दो, बस जब इसको दफ़नाऊँगी
मैं भी वहीं सो जाऊँगी, मैं भी वहीं सो जाऊँगी

⏱️ Synced Lyrics

[00:23.77] मेरा कुछ सामाँ तुम्हारे पास पड़ा हैं
[00:34.79] मेरा कुछ सामाँ तुम्हारे पास पड़ा हैं
[00:45.04] हो, सावन के कुछ भीगे-भीगे दिन रखे हैं
[00:53.78] ओ, और मेरे इक ख़त में लिपटी राख पड़ी है
[01:03.02] वो राख बुझा दो, मेरा वो सामाँ लौटा दो
[01:11.25] वो राख बुझा दो, मेरा वो सामाँ लौटा दो
[01:19.66] मेरा कुछ सामाँ तुम्हारे पास पड़ा हैं
[01:30.32] हो, सावन के कुछ भीगे-भीगे दिन रखे हैं
[01:38.75] हो, और मेरे इक ख़त में लिपटी राख पड़ी है
[01:48.05] वो राख बुझा दो, मेरा वो सामाँ लौटा दो
[01:59.44] पतझड़ है कुछ (है ना?)
[02:05.35]
[02:27.38] ओ, पतझड़ में कुछ पत्तों के गिरने की आहट
[02:38.94] कानों में इक बार पहन के लौटाई थी
[02:47.59] पतझड़ की वो शाख अभी तक काँप रही है
[02:55.92] वो शाख गिरा दो, मेरा वो सामाँ लौटा दो
[03:04.44] वो शाख गिरा दो, मेरा वो सामाँ लौटा दो
[03:12.88]
[03:52.69] इक अकेली छतरी में जब आधे-आधे भीग रहे थे
[04:08.95] इक अकेली छतरी में जब आधे-आधे भीग रहे थे
[04:17.44] आधे सूखे, आधे गीले सुखा तो मैं ले आयी थी
[04:25.93] गीला मन शायद बिस्तर के पास पड़ा हो
[04:34.49] वो भिजवा दो, मेरा वो सामाँ लौटा दो
[04:42.99]
[05:00.36] ११६ चाँद की रातें, एक तुम्हारे काँधे का तिल
[05:14.95] ११६ चाँद की रातें, एक तुम्हारे काँधे का तिल
[05:26.47] गीली मेहँदी की खुशबू, झूठ-मूठ के शिकवे कुछ
[05:37.82] झूठ-मूठ के वादें भी सब याद करा दूँ
[05:46.01] सब भिजवा दो, मेरा वो सामाँ लौटा दो
[05:54.61] सब भिजवा दो, मेरा वो सामाँ लौटा दो
[06:03.45] एक इजाज़त दे-दो, बस जब इसको दफ़नाऊँगी
[06:15.17] मैं भी वहीं सो जाऊँगी, मैं भी वहीं सो जाऊँगी
[06:34.03]

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