Radha Kaise Na Jale
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⏱️ 5:35 duration
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📜 Lyrics
मधुबन में जो कन्हैया किसी गोपी से मिले
कभी मुस्काए, कभी छेड़े, कभी बात करे
राधा कैसे ना जले, राधा कैसे ना जले
आग तन-मन में लगे
राधा कैसे ना जले? राधा कैसे ना जले?
मधुबन में भले कान्हा किसी गोपी से मिलें
मन में तो राधा के ही प्रेम के हैं फूल खिलें
किस लिए राधा जले? किस लिए राधा जले? (होए, होए)
बिना सोचे, समझे, किस लिए राधा जले? (किस लिए राधा जले?)
हो, गोपियाँ तारे हैं, चाँद है राधा
फिर क्यूँ है उसको बिस्वास आधा?
हो, गोपियाँ तारे हैं, चाँद है राधा
फिर क्यूँ है उसको विश्वास आधा
कान्हा जी का जो सदा इधर-उधर ध्यान रहे
राधा बेचारी को फिर अपने पे क्या मान रहे?
गोपियाँ आनी-जानी हैं, राधा तो मन की रानी है
गोपियाँ आनी-जानी हैं, राधा तो मन की रानी है
साँझ-सखारे, जमुना किनारे
"राधा-राधा," ही कान्हा पुकारे (ओए-होए, ओए-होए)
बाँहों के हार जो डाले कोई कान्हा के गले
राधा कैसे ना जले? राधा कैसे ना जले?
राधा कैसे ना जले? राधा कैसे ना जले?
आग तन-मन में लगे
राधा कैसे ना जले? राधा कैसे ना जले?
मन में है राधे को कान्हा जो बसाएँ
तो कान्हा काहे को उसे ना बताएँ?
प्रेम की अपनी अलग बोली, अलग भासा है
बात नैनों से हो, कान्हा की यही आसा है
कान्हा के ये जो नैना हैं, जिनमें गोपियों के चैना हैं
कान्हा के ये जो नैना हैं, जिनमें गोपियों के चैना हैं
मिली नजरिया, हुई बावरिया गोरी-गोरी सी कोई गुजरिया
कान्हा का प्यार किसी गोपी के मन में जो पले
किसलिए राधा जले, राधा जले, राधा जले?
राधा कैसे ना जले?
किसलिए राधा जले?
राधा कैसे ना जले?
किसलिए राधा जले?
राधा कैसे ना जले?
किसलिए राधा जले?
किसलिए राधा जले?
राधा कैसे ना जले?
राधा कैसे ना जले?
राधा कैसे ना जले?
कभी मुस्काए, कभी छेड़े, कभी बात करे
राधा कैसे ना जले, राधा कैसे ना जले
आग तन-मन में लगे
राधा कैसे ना जले? राधा कैसे ना जले?
मधुबन में भले कान्हा किसी गोपी से मिलें
मन में तो राधा के ही प्रेम के हैं फूल खिलें
किस लिए राधा जले? किस लिए राधा जले? (होए, होए)
बिना सोचे, समझे, किस लिए राधा जले? (किस लिए राधा जले?)
हो, गोपियाँ तारे हैं, चाँद है राधा
फिर क्यूँ है उसको बिस्वास आधा?
हो, गोपियाँ तारे हैं, चाँद है राधा
फिर क्यूँ है उसको विश्वास आधा
कान्हा जी का जो सदा इधर-उधर ध्यान रहे
राधा बेचारी को फिर अपने पे क्या मान रहे?
गोपियाँ आनी-जानी हैं, राधा तो मन की रानी है
गोपियाँ आनी-जानी हैं, राधा तो मन की रानी है
साँझ-सखारे, जमुना किनारे
"राधा-राधा," ही कान्हा पुकारे (ओए-होए, ओए-होए)
बाँहों के हार जो डाले कोई कान्हा के गले
राधा कैसे ना जले? राधा कैसे ना जले?
राधा कैसे ना जले? राधा कैसे ना जले?
आग तन-मन में लगे
राधा कैसे ना जले? राधा कैसे ना जले?
मन में है राधे को कान्हा जो बसाएँ
तो कान्हा काहे को उसे ना बताएँ?
प्रेम की अपनी अलग बोली, अलग भासा है
बात नैनों से हो, कान्हा की यही आसा है
कान्हा के ये जो नैना हैं, जिनमें गोपियों के चैना हैं
कान्हा के ये जो नैना हैं, जिनमें गोपियों के चैना हैं
मिली नजरिया, हुई बावरिया गोरी-गोरी सी कोई गुजरिया
कान्हा का प्यार किसी गोपी के मन में जो पले
किसलिए राधा जले, राधा जले, राधा जले?
राधा कैसे ना जले?
किसलिए राधा जले?
राधा कैसे ना जले?
किसलिए राधा जले?
राधा कैसे ना जले?
किसलिए राधा जले?
किसलिए राधा जले?
राधा कैसे ना जले?
राधा कैसे ना जले?
राधा कैसे ना जले?
⏱️ Synced Lyrics
[00:40.62] मधुबन में जो कन्हैया किसी गोपी से मिले
[00:45.92] कभी मुस्काए, कभी छेड़े, कभी बात करे
[00:50.44] राधा कैसे ना जले, राधा कैसे ना जले
[00:55.38] आग तन-मन में लगे
[00:57.43] राधा कैसे ना जले? राधा कैसे ना जले?
[01:05.91] मधुबन में भले कान्हा किसी गोपी से मिलें
[01:10.93] मन में तो राधा के ही प्रेम के हैं फूल खिलें
[01:15.44] किस लिए राधा जले? किस लिए राधा जले? (होए, होए)
[01:20.38] बिना सोचे, समझे, किस लिए राधा जले? (किस लिए राधा जले?)
[01:30.19]
[01:53.67] हो, गोपियाँ तारे हैं, चाँद है राधा
[01:59.16] फिर क्यूँ है उसको बिस्वास आधा?
[02:05.80] हो, गोपियाँ तारे हैं, चाँद है राधा
[02:11.33] फिर क्यूँ है उसको विश्वास आधा
[02:16.38] कान्हा जी का जो सदा इधर-उधर ध्यान रहे
[02:21.37] राधा बेचारी को फिर अपने पे क्या मान रहे?
[02:25.85] गोपियाँ आनी-जानी हैं, राधा तो मन की रानी है
[02:30.44] गोपियाँ आनी-जानी हैं, राधा तो मन की रानी है
[02:35.25] साँझ-सखारे, जमुना किनारे
[02:37.85] "राधा-राधा," ही कान्हा पुकारे (ओए-होए, ओए-होए)
[02:41.60] बाँहों के हार जो डाले कोई कान्हा के गले
[02:46.37] राधा कैसे ना जले? राधा कैसे ना जले?
[02:47.27] राधा कैसे ना जले? राधा कैसे ना जले?
[02:51.91] आग तन-मन में लगे
[02:54.18] राधा कैसे ना जले? राधा कैसे ना जले?
[03:00.30]
[03:41.26] मन में है राधे को कान्हा जो बसाएँ
[03:45.72] तो कान्हा काहे को उसे ना बताएँ?
[03:50.53] प्रेम की अपनी अलग बोली, अलग भासा है
[03:55.31] बात नैनों से हो, कान्हा की यही आसा है
[04:00.48] कान्हा के ये जो नैना हैं, जिनमें गोपियों के चैना हैं
[04:04.10] कान्हा के ये जो नैना हैं, जिनमें गोपियों के चैना हैं
[04:09.99] मिली नजरिया, हुई बावरिया गोरी-गोरी सी कोई गुजरिया
[04:14.10] कान्हा का प्यार किसी गोपी के मन में जो पले
[04:19.73] किसलिए राधा जले, राधा जले, राधा जले?
[04:24.43] राधा कैसे ना जले?
[04:29.58] किसलिए राधा जले?
[04:34.25] राधा कैसे ना जले?
[04:39.05] किसलिए राधा जले?
[04:46.80] राधा कैसे ना जले?
[04:49.09] किसलिए राधा जले?
[04:51.43] किसलिए राधा जले?
[04:55.18]
[05:22.98] राधा कैसे ना जले?
[05:25.45] राधा कैसे ना जले?
[05:28.03] राधा कैसे ना जले?
[05:31.22]
[00:45.92] कभी मुस्काए, कभी छेड़े, कभी बात करे
[00:50.44] राधा कैसे ना जले, राधा कैसे ना जले
[00:55.38] आग तन-मन में लगे
[00:57.43] राधा कैसे ना जले? राधा कैसे ना जले?
[01:05.91] मधुबन में भले कान्हा किसी गोपी से मिलें
[01:10.93] मन में तो राधा के ही प्रेम के हैं फूल खिलें
[01:15.44] किस लिए राधा जले? किस लिए राधा जले? (होए, होए)
[01:20.38] बिना सोचे, समझे, किस लिए राधा जले? (किस लिए राधा जले?)
[01:30.19]
[01:53.67] हो, गोपियाँ तारे हैं, चाँद है राधा
[01:59.16] फिर क्यूँ है उसको बिस्वास आधा?
[02:05.80] हो, गोपियाँ तारे हैं, चाँद है राधा
[02:11.33] फिर क्यूँ है उसको विश्वास आधा
[02:16.38] कान्हा जी का जो सदा इधर-उधर ध्यान रहे
[02:21.37] राधा बेचारी को फिर अपने पे क्या मान रहे?
[02:25.85] गोपियाँ आनी-जानी हैं, राधा तो मन की रानी है
[02:30.44] गोपियाँ आनी-जानी हैं, राधा तो मन की रानी है
[02:35.25] साँझ-सखारे, जमुना किनारे
[02:37.85] "राधा-राधा," ही कान्हा पुकारे (ओए-होए, ओए-होए)
[02:41.60] बाँहों के हार जो डाले कोई कान्हा के गले
[02:46.37] राधा कैसे ना जले? राधा कैसे ना जले?
[02:47.27] राधा कैसे ना जले? राधा कैसे ना जले?
[02:51.91] आग तन-मन में लगे
[02:54.18] राधा कैसे ना जले? राधा कैसे ना जले?
[03:00.30]
[03:41.26] मन में है राधे को कान्हा जो बसाएँ
[03:45.72] तो कान्हा काहे को उसे ना बताएँ?
[03:50.53] प्रेम की अपनी अलग बोली, अलग भासा है
[03:55.31] बात नैनों से हो, कान्हा की यही आसा है
[04:00.48] कान्हा के ये जो नैना हैं, जिनमें गोपियों के चैना हैं
[04:04.10] कान्हा के ये जो नैना हैं, जिनमें गोपियों के चैना हैं
[04:09.99] मिली नजरिया, हुई बावरिया गोरी-गोरी सी कोई गुजरिया
[04:14.10] कान्हा का प्यार किसी गोपी के मन में जो पले
[04:19.73] किसलिए राधा जले, राधा जले, राधा जले?
[04:24.43] राधा कैसे ना जले?
[04:29.58] किसलिए राधा जले?
[04:34.25] राधा कैसे ना जले?
[04:39.05] किसलिए राधा जले?
[04:46.80] राधा कैसे ना जले?
[04:49.09] किसलिए राधा जले?
[04:51.43] किसलिए राधा जले?
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