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Lagaav

👤 AFKAP 🎼 Lagaav ⏱️ 2:18
🎵 2763 characters
⏱️ 2:18 duration
🆔 ID: 10749862

📜 Lyrics

इंका दृष्टि बाना काला और सफेद
जैसा बर्फ़ पर चरस है
अपन नीचे की सीढ़ी से ऊपर चढ़े
तभी बरसते गलत है
नहीं फर्क पड़ा मुझे मौसम के बदलते रूप से
तभी है खोड के लिए ख्याल
जो मेरे सालों से दफ़ान थे
पैसे आने लगे पता चला
ये प्यार का जवाब नहीं है
पर व्यवस्था हो गई उड़ान में
तो अब सवाल नहीं है
अगर दिया भाव
इन्हें लिया वो ठोक के भाव
नहीं बची है जान मेरे में
इसलिये मुझे कोई लगाव नहीं है
मेरा साथ नहीं है
ये आशकी नहीं ये आदत है
तू भी करे वेहम
वो भी क्यू करे सेहें?
यूज़ भी लगाव नहीं
वो भी करे दिखावा
माई अब भी वो दो पल के पीछे
जिसमे मुझे मिले रहेम
और सोचु वो दो पल के बर्रे में
जो मैंने किया सेहें
और जब पीछे है खाई, और आगे है कुआं
और उमर ना थमे
रहें हो जाति अलग है
फिर भी हाथ पकड़ने का मन है
और चाँद के आने से नहीं
मुझे सूरज के जाने गम है
और यादें कारी दफ़न हैं
तभी तो रिश्तों पर लगे अब कफ़न है
तब हुडी है ऊपर और झुका हुआ मेरा सर ना
नापी है दूरी और वही बढ़ाने का मन है ना
खैरात समझ अगर करी है मैंने मदद है ना
एहसान जतन को आ रहे पर
जबसे दिखने लगा मुझे तुझे भी दिखने का डर है ना
इनके रश्ड गाने लगे फिलर्स अभी
प्रतियोगिता? दौड़? पूछे किधर नहीं
जहाँ मुँह बड़ा वहाँ जिगर नहीं
मेरी सोच आगे मुझे फ़िकर नहीं
23 से 23 तक

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