Khule Badan Yeh Kapde Tang
🎵 2772 characters
⏱️ 6:21 duration
🆔 ID: 11120802
📜 Lyrics
अरे, खुले बदन, ये कपड़े तंग, बहकते कदम, थिरकते अंग
खुले बदन, ये कपड़े तंग, बहकते कदम, थिरकते अंग
हम तो रह गए दंग देख के नये दौर का रंग
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
(चिक-चिक, चिक-चिक-हा-हू)
(हो, चिक-चिक, चिक-चिक-हा-हू)
(हो, चिक-चिक, चिक-चिक-हा-हू)
(हो, चिक-चिक, चिक-चिक-हा-हू)
शरम-धरम से दूर जवानी, अपने पे मग़रूर जवानी, वाह-वाह!
शरम-धरम से दूर जवानी, अपने पे मग़रूर जवानी
भला-बुरा सब भूल चुकी है, आज नशे में चूर जवानी
हर शहज़ादा झूम रहा एक नयी परी के संग
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
चैन से हैं माँ-बाप तो सोए, अपनी हवस में ख़ुद को डुबोए, हाए-हाए
चैन से हैं माँ-बाप तो सोए, अपनी हवस में ख़ुद को डुबोए
दोनों जहाँ की याद भुला के दौलत और शराब में खोए
औलादें उड़ रहीं हवा में जैसे कटी पतंग
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
अरे, खुले बदन, ये कपड़े तंग, बहकते कदम, थिरकते अंग
खुले बदन, ये कपड़े तंग, बहकते कदम, थिरकते अंग
हम तो रह गए दंग देख के नये दौर का रंग
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
हो, नींद खुली जब होश में आए सारे सपने हुए पराए
चंद दिनों की झूठी मस्ती आख़िर एक दिन लहु रुलाए
सारी उमर में ज़हर घोल दे दो दिन की वो उमंग
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
खुले बदन, ये कपड़े तंग, बहकते कदम, थिरकते अंग
हम तो रह गए दंग देख के नये दौर का रंग
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
(चिक-चिक, चिक-चिक-हा-हू)
(हो, चिक-चिक, चिक-चिक-हा-हू)
(हो, चिक-चिक, चिक-चिक-हा-हू)
(हो, चिक-चिक, चिक-चिक-हा-हू)
शरम-धरम से दूर जवानी, अपने पे मग़रूर जवानी, वाह-वाह!
शरम-धरम से दूर जवानी, अपने पे मग़रूर जवानी
भला-बुरा सब भूल चुकी है, आज नशे में चूर जवानी
हर शहज़ादा झूम रहा एक नयी परी के संग
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
चैन से हैं माँ-बाप तो सोए, अपनी हवस में ख़ुद को डुबोए, हाए-हाए
चैन से हैं माँ-बाप तो सोए, अपनी हवस में ख़ुद को डुबोए
दोनों जहाँ की याद भुला के दौलत और शराब में खोए
औलादें उड़ रहीं हवा में जैसे कटी पतंग
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
अरे, खुले बदन, ये कपड़े तंग, बहकते कदम, थिरकते अंग
खुले बदन, ये कपड़े तंग, बहकते कदम, थिरकते अंग
हम तो रह गए दंग देख के नये दौर का रंग
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
हो, नींद खुली जब होश में आए सारे सपने हुए पराए
चंद दिनों की झूठी मस्ती आख़िर एक दिन लहु रुलाए
सारी उमर में ज़हर घोल दे दो दिन की वो उमंग
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
⏱️ Synced Lyrics
[00:44.88] अरे, खुले बदन, ये कपड़े तंग, बहकते कदम, थिरकते अंग
[00:52.04] खुले बदन, ये कपड़े तंग, बहकते कदम, थिरकते अंग
[00:57.76] हम तो रह गए दंग देख के नये दौर का रंग
[01:02.21] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[01:05.17] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[01:08.44]
[01:35.88] (चिक-चिक, चिक-चिक-हा-हू)
[01:38.42] (हो, चिक-चिक, चिक-चिक-हा-हू)
[01:41.37] (हो, चिक-चिक, चिक-चिक-हा-हू)
[01:44.01] (हो, चिक-चिक, चिक-चिक-हा-हू)
[01:47.31]
[01:59.65] शरम-धरम से दूर जवानी, अपने पे मग़रूर जवानी, वाह-वाह!
[02:07.84] शरम-धरम से दूर जवानी, अपने पे मग़रूर जवानी
[02:13.35] भला-बुरा सब भूल चुकी है, आज नशे में चूर जवानी
[02:20.18] हर शहज़ादा झूम रहा एक नयी परी के संग
[02:24.88] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[02:27.55] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[02:31.24]
[03:17.68] चैन से हैं माँ-बाप तो सोए, अपनी हवस में ख़ुद को डुबोए, हाए-हाए
[03:25.58] चैन से हैं माँ-बाप तो सोए, अपनी हवस में ख़ुद को डुबोए
[03:31.39] दोनों जहाँ की याद भुला के दौलत और शराब में खोए
[03:38.24] औलादें उड़ रहीं हवा में जैसे कटी पतंग
[03:42.83] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[03:45.59] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[03:48.86] अरे, खुले बदन, ये कपड़े तंग, बहकते कदम, थिरकते अंग
[03:55.83] खुले बदन, ये कपड़े तंग, बहकते कदम, थिरकते अंग
[04:01.58] हम तो रह गए दंग देख के नये दौर का रंग
[04:06.12] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[04:08.86] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[04:12.36]
[05:00.10] हो, नींद खुली जब होश में आए सारे सपने हुए पराए
[05:20.68] चंद दिनों की झूठी मस्ती आख़िर एक दिन लहु रुलाए
[05:37.45]
[05:44.53] सारी उमर में ज़हर घोल दे दो दिन की वो उमंग
[05:49.46] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[05:52.17] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[05:55.71]
[00:52.04] खुले बदन, ये कपड़े तंग, बहकते कदम, थिरकते अंग
[00:57.76] हम तो रह गए दंग देख के नये दौर का रंग
[01:02.21] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[01:05.17] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[01:08.44]
[01:35.88] (चिक-चिक, चिक-चिक-हा-हू)
[01:38.42] (हो, चिक-चिक, चिक-चिक-हा-हू)
[01:41.37] (हो, चिक-चिक, चिक-चिक-हा-हू)
[01:44.01] (हो, चिक-चिक, चिक-चिक-हा-हू)
[01:47.31]
[01:59.65] शरम-धरम से दूर जवानी, अपने पे मग़रूर जवानी, वाह-वाह!
[02:07.84] शरम-धरम से दूर जवानी, अपने पे मग़रूर जवानी
[02:13.35] भला-बुरा सब भूल चुकी है, आज नशे में चूर जवानी
[02:20.18] हर शहज़ादा झूम रहा एक नयी परी के संग
[02:24.88] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[02:27.55] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[02:31.24]
[03:17.68] चैन से हैं माँ-बाप तो सोए, अपनी हवस में ख़ुद को डुबोए, हाए-हाए
[03:25.58] चैन से हैं माँ-बाप तो सोए, अपनी हवस में ख़ुद को डुबोए
[03:31.39] दोनों जहाँ की याद भुला के दौलत और शराब में खोए
[03:38.24] औलादें उड़ रहीं हवा में जैसे कटी पतंग
[03:42.83] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[03:45.59] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[03:48.86] अरे, खुले बदन, ये कपड़े तंग, बहकते कदम, थिरकते अंग
[03:55.83] खुले बदन, ये कपड़े तंग, बहकते कदम, थिरकते अंग
[04:01.58] हम तो रह गए दंग देख के नये दौर का रंग
[04:06.12] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[04:08.86] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[04:12.36]
[05:00.10] हो, नींद खुली जब होश में आए सारे सपने हुए पराए
[05:20.68] चंद दिनों की झूठी मस्ती आख़िर एक दिन लहु रुलाए
[05:37.45]
[05:44.53] सारी उमर में ज़हर घोल दे दो दिन की वो उमंग
[05:49.46] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[05:52.17] कहाँ थे हम, कहाँ हैं हम
[05:55.71]