Sham - Sunset Edition By Nikhil Dsouza
🎵 759 characters
⏱️ 1:11 duration
🆔 ID: 11200166
📜 Lyrics
शाम भी कोई, hmm-hmm-hmm, mhm-hmm
We're gonna need some drinks
शाम भी कोई जैसे है नदी
लहर-लहर जैसी बह रही है
कोई अनकही, कोई अनसुनी
बात धीमे-धीमे कह रही है
कहीं ना कहीं जागी हुई है कोई आरज़ू
कि बूम-बूम-बूम-पारा (पारा)
हैं ख़ामोश दोनों
जो गुमसुम-गुमसुम है ये फ़िज़ाएँ
जो कहती-सुनती है ये निगाहें
गुमसुम-गुमसुम है ये फ़िज़ाएँ
है ना?
We're gonna need some drinks
शाम भी कोई जैसे है नदी
लहर-लहर जैसी बह रही है
कोई अनकही, कोई अनसुनी
बात धीमे-धीमे कह रही है
कहीं ना कहीं जागी हुई है कोई आरज़ू
कि बूम-बूम-बूम-पारा (पारा)
हैं ख़ामोश दोनों
जो गुमसुम-गुमसुम है ये फ़िज़ाएँ
जो कहती-सुनती है ये निगाहें
गुमसुम-गुमसुम है ये फ़िज़ाएँ
है ना?
⏱️ Synced Lyrics
[00:09.89] शाम भी कोई, hmm-hmm-hmm, mhm-hmm
[00:17.28] We're gonna need some drinks
[00:19.76] शाम भी कोई जैसे है नदी
[00:23.63] लहर-लहर जैसी बह रही है
[00:27.64] कोई अनकही, कोई अनसुनी
[00:31.64] बात धीमे-धीमे कह रही है
[00:35.38] कहीं ना कहीं जागी हुई है कोई आरज़ू
[00:43.15] कि बूम-बूम-बूम-पारा (पारा)
[00:48.79] हैं ख़ामोश दोनों
[00:50.98] जो गुमसुम-गुमसुम है ये फ़िज़ाएँ
[00:54.93] जो कहती-सुनती है ये निगाहें
[00:59.27] गुमसुम-गुमसुम है ये फ़िज़ाएँ
[01:02.60] है ना?
[01:04.28]
[00:17.28] We're gonna need some drinks
[00:19.76] शाम भी कोई जैसे है नदी
[00:23.63] लहर-लहर जैसी बह रही है
[00:27.64] कोई अनकही, कोई अनसुनी
[00:31.64] बात धीमे-धीमे कह रही है
[00:35.38] कहीं ना कहीं जागी हुई है कोई आरज़ू
[00:43.15] कि बूम-बूम-बूम-पारा (पारा)
[00:48.79] हैं ख़ामोश दोनों
[00:50.98] जो गुमसुम-गुमसुम है ये फ़िज़ाएँ
[00:54.93] जो कहती-सुनती है ये निगाहें
[00:59.27] गुमसुम-गुमसुम है ये फ़िज़ाएँ
[01:02.60] है ना?
[01:04.28]