Tu Jo Hai - Female Version - From "Kadak Singh"
🎵 1310 characters
⏱️ 4:43 duration
🆔 ID: 11200290
📜 Lyrics
तू जो है वो मैं हूँ, जो तू है तो मैं हूँ
ऐसे तू है यहीं, जैसे तू है नहीं, आँखें रोई रे
साँसें थकी मेरी, राहें तकी तेरी, नींदें खोई रे
तू जो है वो मैं हूँ, जो तू है तो मैं हूँ
ऐसे तू है यहीं, जैसे तू है नहीं, आँखें रोई रे
साँसें थकी मेरी, राहें तकी तेरी, नींदें खोई रे
एक चाट का ठेला कहीं हमको बुलाता रहा
एक बाँसुरी वाला कहीं एक धुन बजाता रहा
ख़ाली था वो झूला जिसे झोंका हिलाता रहा
क्यूँ ताश के पत्तों से घर मिल के बना ना सका?
भीगी July की खिली सी धूप थी
हम ही नहीं थे
Hmm, कोई फुहार थी बजी सितार सी
हम ही नहीं थे
तू जो है वो मैं हूँ
ऐसे तू है यहीं, जैसे तू है नहीं, आँखें रोई रे
साँसें थकी मेरी, राहें तकी तेरी, नींदें खोई रे
तू जो है वो मैं हूँ, जो तू है तो मैं हूँ
ऐसे तू है यहीं, जैसे तू है नहीं, आँखें रोई रे
साँसें थकी मेरी, राहें तकी तेरी, नींदें खोई रे
एक चाट का ठेला कहीं हमको बुलाता रहा
एक बाँसुरी वाला कहीं एक धुन बजाता रहा
ख़ाली था वो झूला जिसे झोंका हिलाता रहा
क्यूँ ताश के पत्तों से घर मिल के बना ना सका?
भीगी July की खिली सी धूप थी
हम ही नहीं थे
Hmm, कोई फुहार थी बजी सितार सी
हम ही नहीं थे
तू जो है वो मैं हूँ
⏱️ Synced Lyrics
[00:19.54] तू जो है वो मैं हूँ, जो तू है तो मैं हूँ
[00:43.71] ऐसे तू है यहीं, जैसे तू है नहीं, आँखें रोई रे
[00:59.43] साँसें थकी मेरी, राहें तकी तेरी, नींदें खोई रे
[01:15.56] तू जो है वो मैं हूँ, जो तू है तो मैं हूँ
[01:31.85] ऐसे तू है यहीं, जैसे तू है नहीं, आँखें रोई रे
[01:47.55] साँसें थकी मेरी, राहें तकी तेरी, नींदें खोई रे
[02:00.51]
[02:40.10] एक चाट का ठेला कहीं हमको बुलाता रहा
[02:48.16] एक बाँसुरी वाला कहीं एक धुन बजाता रहा
[03:08.10] ख़ाली था वो झूला जिसे झोंका हिलाता रहा
[03:16.29] क्यूँ ताश के पत्तों से घर मिल के बना ना सका?
[03:23.76] भीगी July की खिली सी धूप थी
[03:31.58] हम ही नहीं थे
[03:38.87] Hmm, कोई फुहार थी बजी सितार सी
[03:47.32] हम ही नहीं थे
[03:53.14]
[04:27.42] तू जो है वो मैं हूँ
[04:38.07]
[00:43.71] ऐसे तू है यहीं, जैसे तू है नहीं, आँखें रोई रे
[00:59.43] साँसें थकी मेरी, राहें तकी तेरी, नींदें खोई रे
[01:15.56] तू जो है वो मैं हूँ, जो तू है तो मैं हूँ
[01:31.85] ऐसे तू है यहीं, जैसे तू है नहीं, आँखें रोई रे
[01:47.55] साँसें थकी मेरी, राहें तकी तेरी, नींदें खोई रे
[02:00.51]
[02:40.10] एक चाट का ठेला कहीं हमको बुलाता रहा
[02:48.16] एक बाँसुरी वाला कहीं एक धुन बजाता रहा
[03:08.10] ख़ाली था वो झूला जिसे झोंका हिलाता रहा
[03:16.29] क्यूँ ताश के पत्तों से घर मिल के बना ना सका?
[03:23.76] भीगी July की खिली सी धूप थी
[03:31.58] हम ही नहीं थे
[03:38.87] Hmm, कोई फुहार थी बजी सितार सी
[03:47.32] हम ही नहीं थे
[03:53.14]
[04:27.42] तू जो है वो मैं हूँ
[04:38.07]