Nashili Raat Mein (Zulf Ke Saaye Saaye / Soundtrack Version)
🎵 1257 characters
⏱️ 3:12 duration
🆔 ID: 11290353
📜 Lyrics
नशीली रात में जब तुमने ज़ुल्फ़ों को सवारा है
नशीली रात में जब तुमने ज़ुल्फ़ों को सवारा है
हमारे जज़्बा-ए-दिल को उमंगों ने उभारा है
नशीली रात...
गुलों को मिल गई रंगत तुम्हारे सुर्ख गालों से
सितारों ने चमक पाई तबस्सुम के उजालों से
तुम्हारी मुस्कुराहट ने बहारों को निखारा है
हमारे जज़्बा-ए-दिल को उमंगों ने उभारा है
नशीली रात...
लब-ए-रंगीन, अरे तौबा, गुलाबी कर दिया मौसम
तुम्हारी शोख नज़रों ने शराबी कर दिया मौसम
नशे में चूर है आलम, नशीला हर नज़ारा है
हमारे जज़्बा-ए-दिल को उमंगों ने उभारा है
नशीली रात...
नशीली रात में जब तुमने ज़ुल्फ़ों को सवारा है
हमारे जज़्बा-ए-दिल को उमंगों ने उभारा है
नशीली रात...
गुलों को मिल गई रंगत तुम्हारे सुर्ख गालों से
सितारों ने चमक पाई तबस्सुम के उजालों से
तुम्हारी मुस्कुराहट ने बहारों को निखारा है
हमारे जज़्बा-ए-दिल को उमंगों ने उभारा है
नशीली रात...
लब-ए-रंगीन, अरे तौबा, गुलाबी कर दिया मौसम
तुम्हारी शोख नज़रों ने शराबी कर दिया मौसम
नशे में चूर है आलम, नशीला हर नज़ारा है
हमारे जज़्बा-ए-दिल को उमंगों ने उभारा है
नशीली रात...
⏱️ Synced Lyrics
[00:26.95] नशीली रात में जब तुमने ज़ुल्फ़ों को सवारा है
[00:39.58] नशीली रात में जब तुमने ज़ुल्फ़ों को सवारा है
[00:51.13] हमारे जज़्बा-ए-दिल को उमंगों ने उभारा है
[01:02.57] नशीली रात...
[01:05.44]
[01:19.25] गुलों को मिल गई रंगत तुम्हारे सुर्ख गालों से
[01:30.29] सितारों ने चमक पाई तबस्सुम के उजालों से
[01:41.33] तुम्हारी मुस्कुराहट ने बहारों को निखारा है
[01:52.57] हमारे जज़्बा-ए-दिल को उमंगों ने उभारा है
[02:03.78] नशीली रात...
[02:07.44]
[02:20.46] लब-ए-रंगीन, अरे तौबा, गुलाबी कर दिया मौसम
[02:31.36] तुम्हारी शोख नज़रों ने शराबी कर दिया मौसम
[02:42.41] नशे में चूर है आलम, नशीला हर नज़ारा है
[02:53.37] हमारे जज़्बा-ए-दिल को उमंगों ने उभारा है
[03:04.43] नशीली रात...
[03:07.60]
[00:39.58] नशीली रात में जब तुमने ज़ुल्फ़ों को सवारा है
[00:51.13] हमारे जज़्बा-ए-दिल को उमंगों ने उभारा है
[01:02.57] नशीली रात...
[01:05.44]
[01:19.25] गुलों को मिल गई रंगत तुम्हारे सुर्ख गालों से
[01:30.29] सितारों ने चमक पाई तबस्सुम के उजालों से
[01:41.33] तुम्हारी मुस्कुराहट ने बहारों को निखारा है
[01:52.57] हमारे जज़्बा-ए-दिल को उमंगों ने उभारा है
[02:03.78] नशीली रात...
[02:07.44]
[02:20.46] लब-ए-रंगीन, अरे तौबा, गुलाबी कर दिया मौसम
[02:31.36] तुम्हारी शोख नज़रों ने शराबी कर दिया मौसम
[02:42.41] नशे में चूर है आलम, नशीला हर नज़ारा है
[02:53.37] हमारे जज़्बा-ए-दिल को उमंगों ने उभारा है
[03:04.43] नशीली रात...
[03:07.60]