Ponchh Kar Ashq Apni Ankhon Se
🎵 2124 characters
⏱️ 4:07 duration
🆔 ID: 11470457
📜 Lyrics
पोंछकर अश्क़ अपनी आँखों से
पोंछकर अश्क़ अपनी आँखों से
मुस्कुराओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
सर उठाओ तो कोई बात बने
पोंछकर अश्क़ अपनी आँखों से
मुस्कुराओ तो कोई बात बने
ज़िन्दगी भीख में नहीं मिलती
ज़िन्दगी भीख में नहीं मिलती
ज़िन्दगी बढ़ के छिनी जाती है
ज़िन्दगी बढ़ के छिनी जाती है
अपना हक़ संगदिल ज़माने से
छिन पाओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
सर उठाओ तो कोई बात बने
रंग और नस्ल, ज़ात और मज़हब
रंग और नस्ल, ज़ात और मज़हब
जो भी हो, आदमी से कमतर है
जो भी हो, आदमी से कमतर है
इस हक़ीक़त को तुम भी मेरी तरह
मान जाओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
सर उठाओ तो कोई बात बने
नफ़रतों के जहान में हमको
नफ़रतों के जहान में हमको
प्यार की बस्तियाँ बसानी है
प्यार की बस्तियाँ बसानी है
दूर रहना कोई कमाल नहीं
पास आओ तो कोई बात बने
पोंछकर अश्क़ अपनी आँखों से
मुस्कुराओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
सर उठाओ तो कोई बात बने
पोंछकर अश्क़ अपनी आँखों से
मुस्कुराओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
सर उठाओ तो कोई बात बने
पोंछकर अश्क़ अपनी आँखों से
मुस्कुराओ तो कोई बात बने
ज़िन्दगी भीख में नहीं मिलती
ज़िन्दगी भीख में नहीं मिलती
ज़िन्दगी बढ़ के छिनी जाती है
ज़िन्दगी बढ़ के छिनी जाती है
अपना हक़ संगदिल ज़माने से
छिन पाओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
सर उठाओ तो कोई बात बने
रंग और नस्ल, ज़ात और मज़हब
रंग और नस्ल, ज़ात और मज़हब
जो भी हो, आदमी से कमतर है
जो भी हो, आदमी से कमतर है
इस हक़ीक़त को तुम भी मेरी तरह
मान जाओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
सर उठाओ तो कोई बात बने
नफ़रतों के जहान में हमको
नफ़रतों के जहान में हमको
प्यार की बस्तियाँ बसानी है
प्यार की बस्तियाँ बसानी है
दूर रहना कोई कमाल नहीं
पास आओ तो कोई बात बने
पोंछकर अश्क़ अपनी आँखों से
मुस्कुराओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
सर उठाओ तो कोई बात बने
⏱️ Synced Lyrics
[00:07.90] पोंछकर अश्क़ अपनी आँखों से
[00:19.74] पोंछकर अश्क़ अपनी आँखों से
[00:28.61] मुस्कुराओ तो कोई बात बने
[00:34.51] सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
[00:39.98] सर उठाओ तो कोई बात बने
[00:45.40] पोंछकर अश्क़ अपनी आँखों से
[00:50.55] मुस्कुराओ तो कोई बात बने
[00:55.57]
[01:10.35] ज़िन्दगी भीख में नहीं मिलती
[01:15.75] ज़िन्दगी भीख में नहीं मिलती
[01:20.95] ज़िन्दगी बढ़ के छिनी जाती है
[01:26.28] ज़िन्दगी बढ़ के छिनी जाती है
[01:31.82] अपना हक़ संगदिल ज़माने से
[01:39.82] छिन पाओ तो कोई बात बने
[01:45.03] सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
[01:50.38] सर उठाओ तो कोई बात बने
[01:55.29]
[02:09.63] रंग और नस्ल, ज़ात और मज़हब
[02:14.90] रंग और नस्ल, ज़ात और मज़हब
[02:20.12] जो भी हो, आदमी से कमतर है
[02:25.63] जो भी हो, आदमी से कमतर है
[02:31.19] इस हक़ीक़त को तुम भी मेरी तरह
[02:37.78] मान जाओ तो कोई बात बने
[02:43.65] सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
[02:48.99] सर उठाओ तो कोई बात बने
[02:53.90]
[03:08.53] नफ़रतों के जहान में हमको
[03:13.97] नफ़रतों के जहान में हमको
[03:19.06] प्यार की बस्तियाँ बसानी है
[03:24.45] प्यार की बस्तियाँ बसानी है
[03:29.93] दूर रहना कोई कमाल नहीं
[03:37.35] पास आओ तो कोई बात बने
[03:43.14] पोंछकर अश्क़ अपनी आँखों से
[03:48.40] मुस्कुराओ तो कोई बात बने
[03:53.56] सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
[03:59.07] सर उठाओ तो कोई बात बने
[04:04.41]
[00:19.74] पोंछकर अश्क़ अपनी आँखों से
[00:28.61] मुस्कुराओ तो कोई बात बने
[00:34.51] सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
[00:39.98] सर उठाओ तो कोई बात बने
[00:45.40] पोंछकर अश्क़ अपनी आँखों से
[00:50.55] मुस्कुराओ तो कोई बात बने
[00:55.57]
[01:10.35] ज़िन्दगी भीख में नहीं मिलती
[01:15.75] ज़िन्दगी भीख में नहीं मिलती
[01:20.95] ज़िन्दगी बढ़ के छिनी जाती है
[01:26.28] ज़िन्दगी बढ़ के छिनी जाती है
[01:31.82] अपना हक़ संगदिल ज़माने से
[01:39.82] छिन पाओ तो कोई बात बने
[01:45.03] सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
[01:50.38] सर उठाओ तो कोई बात बने
[01:55.29]
[02:09.63] रंग और नस्ल, ज़ात और मज़हब
[02:14.90] रंग और नस्ल, ज़ात और मज़हब
[02:20.12] जो भी हो, आदमी से कमतर है
[02:25.63] जो भी हो, आदमी से कमतर है
[02:31.19] इस हक़ीक़त को तुम भी मेरी तरह
[02:37.78] मान जाओ तो कोई बात बने
[02:43.65] सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
[02:48.99] सर उठाओ तो कोई बात बने
[02:53.90]
[03:08.53] नफ़रतों के जहान में हमको
[03:13.97] नफ़रतों के जहान में हमको
[03:19.06] प्यार की बस्तियाँ बसानी है
[03:24.45] प्यार की बस्तियाँ बसानी है
[03:29.93] दूर रहना कोई कमाल नहीं
[03:37.35] पास आओ तो कोई बात बने
[03:43.14] पोंछकर अश्क़ अपनी आँखों से
[03:48.40] मुस्कुराओ तो कोई बात बने
[03:53.56] सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
[03:59.07] सर उठाओ तो कोई बात बने
[04:04.41]