Kuchh Log Mohabbat Ko
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⏱️ 6:44 duration
🆔 ID: 11850996
📜 Lyrics
मोहब्बत का ताल्लूक, शान-ओ-शौकत से नहीं होता
ये सौदा ऐसा सौदा है, जो दौलत से नहीं होता
कुछ लोग मोहब्बत को
कुछ लोग मोहब्बत को, ब्योपार समझते हैं
दुनिया को खिलौनों का, बाज़ार समझते हैं
कुछ लोग मोहब्बत को, ब्योपार समझते हैं
कुछ लोग मोहब्बत को
दौलत का नशा इनको कुछ इतना ज़्यादा है
दौलत का नशा इनको कुछ इतना ज़्यादा है
दुनिया की हर इक शय को
दुनिया की हर इक शय को, पाने का इरादा है
अपने को दो आलम का
अपने को दो आलम का, मुख़्तार समझते हैं
कुछ लोग मोहब्बत को
दिल क्या है, वफ़ा क्या है, ये लोग ना समझेंगे
दिल क्या है, वफ़ा क्या है, ये लोग ना समझेंगे
मिटने की अदा क्या है
मिटने की अदा क्या है, ये लोग ना समझेंगे
हर शक्स को बिकने पर
हर शक्स को बिकने पर, तैय्यार समझते हैं
कुछ लोग मोहब्बत को
कहिये भी तो इन जैसे दिलदारों को क्या कहिये
कहिये भी तो इन जैसे दिलदारों को क्या कहिये
मजबूर हैं आदत से
मजबूर हैं आदत से, बेचारों को क्या कहिये
हम ऐसे दिमाग़ों को
हम ऐसे दिमाग़ों को
हम ऐसे दिमाग़ों को
हम ऐसे दिमाग़ों को, बिमार समझते हैं
कुछ लोग मोहब्बत को
ब्योपार समझते हैं
कुछ लोग मोहब्बत को
ये सौदा ऐसा सौदा है, जो दौलत से नहीं होता
कुछ लोग मोहब्बत को
कुछ लोग मोहब्बत को, ब्योपार समझते हैं
दुनिया को खिलौनों का, बाज़ार समझते हैं
कुछ लोग मोहब्बत को, ब्योपार समझते हैं
कुछ लोग मोहब्बत को
दौलत का नशा इनको कुछ इतना ज़्यादा है
दौलत का नशा इनको कुछ इतना ज़्यादा है
दुनिया की हर इक शय को
दुनिया की हर इक शय को, पाने का इरादा है
अपने को दो आलम का
अपने को दो आलम का, मुख़्तार समझते हैं
कुछ लोग मोहब्बत को
दिल क्या है, वफ़ा क्या है, ये लोग ना समझेंगे
दिल क्या है, वफ़ा क्या है, ये लोग ना समझेंगे
मिटने की अदा क्या है
मिटने की अदा क्या है, ये लोग ना समझेंगे
हर शक्स को बिकने पर
हर शक्स को बिकने पर, तैय्यार समझते हैं
कुछ लोग मोहब्बत को
कहिये भी तो इन जैसे दिलदारों को क्या कहिये
कहिये भी तो इन जैसे दिलदारों को क्या कहिये
मजबूर हैं आदत से
मजबूर हैं आदत से, बेचारों को क्या कहिये
हम ऐसे दिमाग़ों को
हम ऐसे दिमाग़ों को
हम ऐसे दिमाग़ों को
हम ऐसे दिमाग़ों को, बिमार समझते हैं
कुछ लोग मोहब्बत को
ब्योपार समझते हैं
कुछ लोग मोहब्बत को
⏱️ Synced Lyrics
[00:18.94] मोहब्बत का ताल्लूक, शान-ओ-शौकत से नहीं होता
[00:37.27] ये सौदा ऐसा सौदा है, जो दौलत से नहीं होता
[00:57.13]
[01:03.65] कुछ लोग मोहब्बत को
[01:09.85] कुछ लोग मोहब्बत को, ब्योपार समझते हैं
[01:20.61] दुनिया को खिलौनों का, बाज़ार समझते हैं
[01:32.57] कुछ लोग मोहब्बत को, ब्योपार समझते हैं
[01:43.22] कुछ लोग मोहब्बत को
[01:49.14]
[02:26.38] दौलत का नशा इनको कुछ इतना ज़्यादा है
[02:31.87]
[02:34.74] दौलत का नशा इनको कुछ इतना ज़्यादा है
[02:40.79] दुनिया की हर इक शय को
[02:46.51] दुनिया की हर इक शय को, पाने का इरादा है
[02:55.14] अपने को दो आलम का
[03:00.92] अपने को दो आलम का, मुख़्तार समझते हैं
[03:11.61] कुछ लोग मोहब्बत को
[03:17.35]
[03:47.86] दिल क्या है, वफ़ा क्या है, ये लोग ना समझेंगे
[03:55.57] दिल क्या है, वफ़ा क्या है, ये लोग ना समझेंगे
[04:01.25] मिटने की अदा क्या है
[04:06.71] मिटने की अदा क्या है, ये लोग ना समझेंगे
[04:15.57] हर शक्स को बिकने पर
[04:21.13] हर शक्स को बिकने पर, तैय्यार समझते हैं
[04:32.59] कुछ लोग मोहब्बत को
[04:39.01]
[05:18.63] कहिये भी तो इन जैसे दिलदारों को क्या कहिये
[05:26.42]
[05:30.22] कहिये भी तो इन जैसे दिलदारों को क्या कहिये
[05:38.88] मजबूर हैं आदत से
[05:44.60] मजबूर हैं आदत से, बेचारों को क्या कहिये
[05:53.21] हम ऐसे दिमाग़ों को
[05:58.82] हम ऐसे दिमाग़ों को
[06:04.12] हम ऐसे दिमाग़ों को
[06:10.12] हम ऐसे दिमाग़ों को, बिमार समझते हैं
[06:21.50] कुछ लोग मोहब्बत को
[06:26.89] ब्योपार समझते हैं
[06:32.46] कुछ लोग मोहब्बत को
[06:41.27]
[00:37.27] ये सौदा ऐसा सौदा है, जो दौलत से नहीं होता
[00:57.13]
[01:03.65] कुछ लोग मोहब्बत को
[01:09.85] कुछ लोग मोहब्बत को, ब्योपार समझते हैं
[01:20.61] दुनिया को खिलौनों का, बाज़ार समझते हैं
[01:32.57] कुछ लोग मोहब्बत को, ब्योपार समझते हैं
[01:43.22] कुछ लोग मोहब्बत को
[01:49.14]
[02:26.38] दौलत का नशा इनको कुछ इतना ज़्यादा है
[02:31.87]
[02:34.74] दौलत का नशा इनको कुछ इतना ज़्यादा है
[02:40.79] दुनिया की हर इक शय को
[02:46.51] दुनिया की हर इक शय को, पाने का इरादा है
[02:55.14] अपने को दो आलम का
[03:00.92] अपने को दो आलम का, मुख़्तार समझते हैं
[03:11.61] कुछ लोग मोहब्बत को
[03:17.35]
[03:47.86] दिल क्या है, वफ़ा क्या है, ये लोग ना समझेंगे
[03:55.57] दिल क्या है, वफ़ा क्या है, ये लोग ना समझेंगे
[04:01.25] मिटने की अदा क्या है
[04:06.71] मिटने की अदा क्या है, ये लोग ना समझेंगे
[04:15.57] हर शक्स को बिकने पर
[04:21.13] हर शक्स को बिकने पर, तैय्यार समझते हैं
[04:32.59] कुछ लोग मोहब्बत को
[04:39.01]
[05:18.63] कहिये भी तो इन जैसे दिलदारों को क्या कहिये
[05:26.42]
[05:30.22] कहिये भी तो इन जैसे दिलदारों को क्या कहिये
[05:38.88] मजबूर हैं आदत से
[05:44.60] मजबूर हैं आदत से, बेचारों को क्या कहिये
[05:53.21] हम ऐसे दिमाग़ों को
[05:58.82] हम ऐसे दिमाग़ों को
[06:04.12] हम ऐसे दिमाग़ों को
[06:10.12] हम ऐसे दिमाग़ों को, बिमार समझते हैं
[06:21.50] कुछ लोग मोहब्बत को
[06:26.89] ब्योपार समझते हैं
[06:32.46] कुछ लोग मोहब्बत को
[06:41.27]