Murdaghar
🎵 4599 characters
⏱️ 2:41 duration
🆔 ID: 12163196
📜 Lyrics
खुद से बड़ा कोई अब मुझको लगता नहीं
दिल तो लगाना चाहूँ, पर दिल खुद कहीं लगता नहीं
मैं शायर, ज़िंदगी (ज़िंदगी) खुद को बयाँ करे
इस मंज़िल पे आके मैं पल-भर भी भटका नहीं
सब ख़िलाफ़ है, हर दिल में पाप है, हर घर में ख़ामोशियाँ
जिस दिन से मैंने इन लाखों लोगों की रूह में खुद को पाया
दिन ना हल मिले, जो मेरी मुश्किलें सर पे चढ़के मुझे मौत दे
हाँ, मैं लिखने बैठा, हर वक़्त ऐसा, जादू जो सुन उठे रौंगटें
बस दो जने हैं हम, मैं और मेरी सादगी के मारे हैं (सादगी के मारे)
इस जंगली दुनिया में जो छीन खाता, उसे सभी जानते हैं (सभी जानते हैं)
मायूस चेहरा करता बयान, तुम्हें कौन-कौन चाहे? (चाहे)
पर हँसता चेहरा नहीं इतना क़ाबिल कि वो तुझे भी हँसा पाए
जब से बरसातों में सीखा है मैंने इन आँसुओं को छुपाना
तब से खुद की हँसी से मुझको नफ़रत हो गई है
खुद से मैं करूँ ये सवाल, "अभी क्या है मेरी existense?" (मैं कौन हूँ?)
जब लड़े मेरे माँ-बाप, काश कि वो ये करे understand
उस घर की थी कितनी ज़रूरत मुझे, जहाँ से निकाल फेंका मुझे
मेरे दिल में ज़हर, मेरे कपड़े फटे, मेरे बाप ने नहीं देखा मुझे
ये industry नोचे हर दिन, मैं ले लूँगा फाँसी अब किसी भी दिन
मैं कैसे निभाऊँ किसी से ये रिश्ता? माँ, मैं नही हूँ फ़रिश्ता
तुझे कर ले क़ुबूल, ऐ खुदा, मेरी मेहनत मुझे अंजाम मिले (अंजाम मिले)
दुआ मैं करूँ, "मेरे दुश्मन को भी जहाँ में खड़ा, वही मुकाम मिले" (मुकाम मिले)
ले कर मेरे सीने पे वार, मैं पीठ पे गोली से मरता नहीं (मरता नहीं)
मिट्टी से बनाया गया हूँ, मैं पानी की लहरों से डरता नहीं (डरता नहीं)
जब से धुएँ से लगन, मुझे ओस के पीछे ही छुपना पसंद (छुपना पसंद)
जब से मैं उसपे मरा, मुझे हर जनम बस उसी पे ही मरना पसंद
ये क़ाबिलों की दुनिया में नाकामयाब, मुझे किसी का ना ख़ौफ़ सताए
ना जाने मुझे कैसे मिली ऐसी कला, पिछले जनम कैसे होंगे मेरे करम
हाँ, हाँ, मेरे नशे करने लगे मुझे तबाह
कोई तो ले बचा
हाँ, हाँ, मैने दी खुद को जीने की सज़ा
इतना तड़पाया खुद को आईने में बोला, "बेवफ़ा"
भाग जा, घर से भाग जा
इतना दूर तू फिर ना लौटना
बच्चे, तू उड़ना भूला तो माँ को करना याद फिर
अब तो खुद की परछाई से भी मन सा भर रहा
दिल तो लगाना चाहूँ, पर दिल खुद कहीं लगता नहीं
मैं शायर, ज़िंदगी (ज़िंदगी) खुद को बयाँ करे
इस मंज़िल पे आके मैं पल-भर भी भटका नहीं
सब ख़िलाफ़ है, हर दिल में पाप है, हर घर में ख़ामोशियाँ
जिस दिन से मैंने इन लाखों लोगों की रूह में खुद को पाया
दिन ना हल मिले, जो मेरी मुश्किलें सर पे चढ़के मुझे मौत दे
हाँ, मैं लिखने बैठा, हर वक़्त ऐसा, जादू जो सुन उठे रौंगटें
बस दो जने हैं हम, मैं और मेरी सादगी के मारे हैं (सादगी के मारे)
इस जंगली दुनिया में जो छीन खाता, उसे सभी जानते हैं (सभी जानते हैं)
मायूस चेहरा करता बयान, तुम्हें कौन-कौन चाहे? (चाहे)
पर हँसता चेहरा नहीं इतना क़ाबिल कि वो तुझे भी हँसा पाए
जब से बरसातों में सीखा है मैंने इन आँसुओं को छुपाना
तब से खुद की हँसी से मुझको नफ़रत हो गई है
खुद से मैं करूँ ये सवाल, "अभी क्या है मेरी existense?" (मैं कौन हूँ?)
जब लड़े मेरे माँ-बाप, काश कि वो ये करे understand
उस घर की थी कितनी ज़रूरत मुझे, जहाँ से निकाल फेंका मुझे
मेरे दिल में ज़हर, मेरे कपड़े फटे, मेरे बाप ने नहीं देखा मुझे
ये industry नोचे हर दिन, मैं ले लूँगा फाँसी अब किसी भी दिन
मैं कैसे निभाऊँ किसी से ये रिश्ता? माँ, मैं नही हूँ फ़रिश्ता
तुझे कर ले क़ुबूल, ऐ खुदा, मेरी मेहनत मुझे अंजाम मिले (अंजाम मिले)
दुआ मैं करूँ, "मेरे दुश्मन को भी जहाँ में खड़ा, वही मुकाम मिले" (मुकाम मिले)
ले कर मेरे सीने पे वार, मैं पीठ पे गोली से मरता नहीं (मरता नहीं)
मिट्टी से बनाया गया हूँ, मैं पानी की लहरों से डरता नहीं (डरता नहीं)
जब से धुएँ से लगन, मुझे ओस के पीछे ही छुपना पसंद (छुपना पसंद)
जब से मैं उसपे मरा, मुझे हर जनम बस उसी पे ही मरना पसंद
ये क़ाबिलों की दुनिया में नाकामयाब, मुझे किसी का ना ख़ौफ़ सताए
ना जाने मुझे कैसे मिली ऐसी कला, पिछले जनम कैसे होंगे मेरे करम
हाँ, हाँ, मेरे नशे करने लगे मुझे तबाह
कोई तो ले बचा
हाँ, हाँ, मैने दी खुद को जीने की सज़ा
इतना तड़पाया खुद को आईने में बोला, "बेवफ़ा"
भाग जा, घर से भाग जा
इतना दूर तू फिर ना लौटना
बच्चे, तू उड़ना भूला तो माँ को करना याद फिर
अब तो खुद की परछाई से भी मन सा भर रहा
⏱️ Synced Lyrics
[00:18.95] खुद से बड़ा कोई अब मुझको लगता नहीं
[00:22.69] दिल तो लगाना चाहूँ, पर दिल खुद कहीं लगता नहीं
[00:26.31] मैं शायर, ज़िंदगी (ज़िंदगी) खुद को बयाँ करे
[00:30.18] इस मंज़िल पे आके मैं पल-भर भी भटका नहीं
[00:33.59] सब ख़िलाफ़ है, हर दिल में पाप है, हर घर में ख़ामोशियाँ
[00:37.26] जिस दिन से मैंने इन लाखों लोगों की रूह में खुद को पाया
[00:41.15] दिन ना हल मिले, जो मेरी मुश्किलें सर पे चढ़के मुझे मौत दे
[00:44.59] हाँ, मैं लिखने बैठा, हर वक़्त ऐसा, जादू जो सुन उठे रौंगटें
[00:48.45] बस दो जने हैं हम, मैं और मेरी सादगी के मारे हैं (सादगी के मारे)
[00:52.12] इस जंगली दुनिया में जो छीन खाता, उसे सभी जानते हैं (सभी जानते हैं)
[00:56.09] मायूस चेहरा करता बयान, तुम्हें कौन-कौन चाहे? (चाहे)
[00:59.75] पर हँसता चेहरा नहीं इतना क़ाबिल कि वो तुझे भी हँसा पाए
[01:03.13] जब से बरसातों में सीखा है मैंने इन आँसुओं को छुपाना
[01:08.13] तब से खुद की हँसी से मुझको नफ़रत हो गई है
[01:11.65] खुद से मैं करूँ ये सवाल, "अभी क्या है मेरी existense?" (मैं कौन हूँ?)
[01:15.39] जब लड़े मेरे माँ-बाप, काश कि वो ये करे understand
[01:17.94] उस घर की थी कितनी ज़रूरत मुझे, जहाँ से निकाल फेंका मुझे
[01:22.18] मेरे दिल में ज़हर, मेरे कपड़े फटे, मेरे बाप ने नहीं देखा मुझे
[01:25.64] ये industry नोचे हर दिन, मैं ले लूँगा फाँसी अब किसी भी दिन
[01:29.34] मैं कैसे निभाऊँ किसी से ये रिश्ता? माँ, मैं नही हूँ फ़रिश्ता
[01:33.80] तुझे कर ले क़ुबूल, ऐ खुदा, मेरी मेहनत मुझे अंजाम मिले (अंजाम मिले)
[01:37.79] दुआ मैं करूँ, "मेरे दुश्मन को भी जहाँ में खड़ा, वही मुकाम मिले" (मुकाम मिले)
[01:41.45] ले कर मेरे सीने पे वार, मैं पीठ पे गोली से मरता नहीं (मरता नहीं)
[01:45.05] मिट्टी से बनाया गया हूँ, मैं पानी की लहरों से डरता नहीं (डरता नहीं)
[01:49.02] जब से धुएँ से लगन, मुझे ओस के पीछे ही छुपना पसंद (छुपना पसंद)
[01:52.93] जब से मैं उसपे मरा, मुझे हर जनम बस उसी पे ही मरना पसंद
[01:56.57] ये क़ाबिलों की दुनिया में नाकामयाब, मुझे किसी का ना ख़ौफ़ सताए
[02:00.26] ना जाने मुझे कैसे मिली ऐसी कला, पिछले जनम कैसे होंगे मेरे करम
[02:03.66] हाँ, हाँ, मेरे नशे करने लगे मुझे तबाह
[02:09.00] कोई तो ले बचा
[02:11.26] हाँ, हाँ, मैने दी खुद को जीने की सज़ा
[02:15.10] इतना तड़पाया खुद को आईने में बोला, "बेवफ़ा"
[02:18.69] भाग जा, घर से भाग जा
[02:22.07] इतना दूर तू फिर ना लौटना
[02:25.48] बच्चे, तू उड़ना भूला तो माँ को करना याद फिर
[02:29.38] अब तो खुद की परछाई से भी मन सा भर रहा
[02:33.32]
[00:22.69] दिल तो लगाना चाहूँ, पर दिल खुद कहीं लगता नहीं
[00:26.31] मैं शायर, ज़िंदगी (ज़िंदगी) खुद को बयाँ करे
[00:30.18] इस मंज़िल पे आके मैं पल-भर भी भटका नहीं
[00:33.59] सब ख़िलाफ़ है, हर दिल में पाप है, हर घर में ख़ामोशियाँ
[00:37.26] जिस दिन से मैंने इन लाखों लोगों की रूह में खुद को पाया
[00:41.15] दिन ना हल मिले, जो मेरी मुश्किलें सर पे चढ़के मुझे मौत दे
[00:44.59] हाँ, मैं लिखने बैठा, हर वक़्त ऐसा, जादू जो सुन उठे रौंगटें
[00:48.45] बस दो जने हैं हम, मैं और मेरी सादगी के मारे हैं (सादगी के मारे)
[00:52.12] इस जंगली दुनिया में जो छीन खाता, उसे सभी जानते हैं (सभी जानते हैं)
[00:56.09] मायूस चेहरा करता बयान, तुम्हें कौन-कौन चाहे? (चाहे)
[00:59.75] पर हँसता चेहरा नहीं इतना क़ाबिल कि वो तुझे भी हँसा पाए
[01:03.13] जब से बरसातों में सीखा है मैंने इन आँसुओं को छुपाना
[01:08.13] तब से खुद की हँसी से मुझको नफ़रत हो गई है
[01:11.65] खुद से मैं करूँ ये सवाल, "अभी क्या है मेरी existense?" (मैं कौन हूँ?)
[01:15.39] जब लड़े मेरे माँ-बाप, काश कि वो ये करे understand
[01:17.94] उस घर की थी कितनी ज़रूरत मुझे, जहाँ से निकाल फेंका मुझे
[01:22.18] मेरे दिल में ज़हर, मेरे कपड़े फटे, मेरे बाप ने नहीं देखा मुझे
[01:25.64] ये industry नोचे हर दिन, मैं ले लूँगा फाँसी अब किसी भी दिन
[01:29.34] मैं कैसे निभाऊँ किसी से ये रिश्ता? माँ, मैं नही हूँ फ़रिश्ता
[01:33.80] तुझे कर ले क़ुबूल, ऐ खुदा, मेरी मेहनत मुझे अंजाम मिले (अंजाम मिले)
[01:37.79] दुआ मैं करूँ, "मेरे दुश्मन को भी जहाँ में खड़ा, वही मुकाम मिले" (मुकाम मिले)
[01:41.45] ले कर मेरे सीने पे वार, मैं पीठ पे गोली से मरता नहीं (मरता नहीं)
[01:45.05] मिट्टी से बनाया गया हूँ, मैं पानी की लहरों से डरता नहीं (डरता नहीं)
[01:49.02] जब से धुएँ से लगन, मुझे ओस के पीछे ही छुपना पसंद (छुपना पसंद)
[01:52.93] जब से मैं उसपे मरा, मुझे हर जनम बस उसी पे ही मरना पसंद
[01:56.57] ये क़ाबिलों की दुनिया में नाकामयाब, मुझे किसी का ना ख़ौफ़ सताए
[02:00.26] ना जाने मुझे कैसे मिली ऐसी कला, पिछले जनम कैसे होंगे मेरे करम
[02:03.66] हाँ, हाँ, मेरे नशे करने लगे मुझे तबाह
[02:09.00] कोई तो ले बचा
[02:11.26] हाँ, हाँ, मैने दी खुद को जीने की सज़ा
[02:15.10] इतना तड़पाया खुद को आईने में बोला, "बेवफ़ा"
[02:18.69] भाग जा, घर से भाग जा
[02:22.07] इतना दूर तू फिर ना लौटना
[02:25.48] बच्चे, तू उड़ना भूला तो माँ को करना याद फिर
[02:29.38] अब तो खुद की परछाई से भी मन सा भर रहा
[02:33.32]