Voh Dekhnay Mein (Female Acoustic Version)
🎵 543 characters
⏱️ 1:21 duration
🆔 ID: 12801623
📜 Lyrics
वो देखने में कैसा सीधा साधा लगता
है बोलता के वो कुछ नहीं समजता, अंदर से कितना तेज है
कभी अजीब सा, कभी हसीन लगता
कभी किसी किताब का है सीन लगता, फीलॉसोपी का क्रेज है
केहता है ये एक फेज है, केहता है ये एक फेज है
वो ...वो ...
है बोलता के वो कुछ नहीं समजता, अंदर से कितना तेज है
कभी अजीब सा, कभी हसीन लगता
कभी किसी किताब का है सीन लगता, फीलॉसोपी का क्रेज है
केहता है ये एक फेज है, केहता है ये एक फेज है
वो ...वो ...
⏱️ Synced Lyrics
[00:15.70] वो देखने में कैसा सीधा साधा लगता
[00:19.59] है बोलता के वो कुछ नहीं समजता, अंदर से कितना तेज है
[00:30.76] कभी अजीब सा, कभी हसीन लगता
[00:34.49] कभी किसी किताब का है सीन लगता, फीलॉसोपी का क्रेज है
[00:45.37] केहता है ये एक फेज है, केहता है ये एक फेज है
[00:58.22] वो ...वो ...
[01:11.42]
[00:19.59] है बोलता के वो कुछ नहीं समजता, अंदर से कितना तेज है
[00:30.76] कभी अजीब सा, कभी हसीन लगता
[00:34.49] कभी किसी किताब का है सीन लगता, फीलॉसोपी का क्रेज है
[00:45.37] केहता है ये एक फेज है, केहता है ये एक फेज है
[00:58.22] वो ...वो ...
[01:11.42]