Kabhi Khamosh Baithoge
🎵 2442 characters
⏱️ 6:20 duration
🆔 ID: 12973258
📜 Lyrics
कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
कोई जब पूछ बैठेगा ख़ामोशी का सबब तुम से
कोई जब पूछ बैठेगा ख़ामोशी का सबब तुम से
बहुत समझाना चाहोगे, मगर समझा ना पाओगे
बहुत समझाना चाहोगे, मगर समझा ना पाओगे
मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
मेरा ग़म मुस्कुराने पर तुम्हें मजबूर कर देगा
मेरा ग़म मुस्कुराने पर तुम्हें मजबूर कर देगा
किसी महफ़िल में जाओगे तो रस्मन मुस्कुराओगे
किसी महफ़िल मे जाओगे तो रस्मन मुस्कुराओगे
मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
तसव्वुर में कभी आऊँगा लम्हात-ए-हसीं बन कर
तसव्वुर में कभी आऊँगा लम्हात-ए-हसीं बन कर
कभी आहट मेरी पाओगे, और मुझको ना पाओगे
कभी आहट मेरी पाओगे, और मुझको ना पाओगे
मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
कोई जब पूछ बैठेगा ख़ामोशी का सबब तुम से
कोई जब पूछ बैठेगा ख़ामोशी का सबब तुम से
बहुत समझाना चाहोगे, मगर समझा ना पाओगे
बहुत समझाना चाहोगे, मगर समझा ना पाओगे
मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
मेरा ग़म मुस्कुराने पर तुम्हें मजबूर कर देगा
मेरा ग़म मुस्कुराने पर तुम्हें मजबूर कर देगा
किसी महफ़िल में जाओगे तो रस्मन मुस्कुराओगे
किसी महफ़िल मे जाओगे तो रस्मन मुस्कुराओगे
मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
तसव्वुर में कभी आऊँगा लम्हात-ए-हसीं बन कर
तसव्वुर में कभी आऊँगा लम्हात-ए-हसीं बन कर
कभी आहट मेरी पाओगे, और मुझको ना पाओगे
कभी आहट मेरी पाओगे, और मुझको ना पाओगे
मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
⏱️ Synced Lyrics
[00:03.01] कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
[00:17.39]
[00:26.22] कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
[00:36.64] मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
[00:46.75] कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
[00:58.80]
[01:34.55] कोई जब पूछ बैठेगा ख़ामोशी का सबब तुम से
[01:45.22] कोई जब पूछ बैठेगा ख़ामोशी का सबब तुम से
[01:55.66] बहुत समझाना चाहोगे, मगर समझा ना पाओगे
[02:06.08] बहुत समझाना चाहोगे, मगर समझा ना पाओगे
[02:16.87] मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
[02:27.19] कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
[02:39.14]
[03:03.77] मेरा ग़म मुस्कुराने पर तुम्हें मजबूर कर देगा
[03:14.36] मेरा ग़म मुस्कुराने पर तुम्हें मजबूर कर देगा
[03:25.09] किसी महफ़िल में जाओगे तो रस्मन मुस्कुराओगे
[03:35.34] किसी महफ़िल मे जाओगे तो रस्मन मुस्कुराओगे
[03:45.93] मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
[03:56.22] कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
[04:09.14]
[04:48.28] तसव्वुर में कभी आऊँगा लम्हात-ए-हसीं बन कर
[04:58.88] तसव्वुर में कभी आऊँगा लम्हात-ए-हसीं बन कर
[05:09.24] कभी आहट मेरी पाओगे, और मुझको ना पाओगे
[05:19.46] कभी आहट मेरी पाओगे, और मुझको ना पाओगे
[05:29.95] मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
[05:40.15] कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
[05:50.31] मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
[06:00.97] कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
[06:14.31]
[00:17.39]
[00:26.22] कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
[00:36.64] मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
[00:46.75] कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
[00:58.80]
[01:34.55] कोई जब पूछ बैठेगा ख़ामोशी का सबब तुम से
[01:45.22] कोई जब पूछ बैठेगा ख़ामोशी का सबब तुम से
[01:55.66] बहुत समझाना चाहोगे, मगर समझा ना पाओगे
[02:06.08] बहुत समझाना चाहोगे, मगर समझा ना पाओगे
[02:16.87] मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
[02:27.19] कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
[02:39.14]
[03:03.77] मेरा ग़म मुस्कुराने पर तुम्हें मजबूर कर देगा
[03:14.36] मेरा ग़म मुस्कुराने पर तुम्हें मजबूर कर देगा
[03:25.09] किसी महफ़िल में जाओगे तो रस्मन मुस्कुराओगे
[03:35.34] किसी महफ़िल मे जाओगे तो रस्मन मुस्कुराओगे
[03:45.93] मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
[03:56.22] कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
[04:09.14]
[04:48.28] तसव्वुर में कभी आऊँगा लम्हात-ए-हसीं बन कर
[04:58.88] तसव्वुर में कभी आऊँगा लम्हात-ए-हसीं बन कर
[05:09.24] कभी आहट मेरी पाओगे, और मुझको ना पाओगे
[05:19.46] कभी आहट मेरी पाओगे, और मुझको ना पाओगे
[05:29.95] मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
[05:40.15] कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
[05:50.31] मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे
[06:00.97] कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे
[06:14.31]