Tera Mangal: Maitri Bhavana
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⏱️ 3:11 duration
🆔 ID: 13105315
📜 Lyrics
तेरा मंगल, तेरा मंगल, तेरा मंगल होय रे
सबका मंगल, सबका मंगल, सबका मंगल होय रे
जिस गुरुदेव ने धर्म दिया है उनका मंगल होय रे
जिस जननी ने जनम दिया है उसका मंगल होय रे
पाला, पोसा और बढाया उस पिता का मंगल होय रे
इस जगत के सब दुखियारे प्राणी का मंगल होय रे
जल में, स्थल में और गगन में सबका मंगल होय रे
अंतरमन की गाठे टूटे, अंतर निर्मल होय रे
राग, द्वेष और मोह मिट जाए, शील समाधी होय रे
शुद्ध धर्म धरती पर जागे, पाप पारजित होय रे
इस धरती के तरदीन में, कण-कण में धर्म समोय रे
शुद्ध धर्म जन-जन में जागे, घर-घर शांति समोय रे
तेरा मंगल, मेरा मंगल, सबका मंगल होय रे
सबका मंगल, सबका मंगल, सबका मंगल होय रे
जिस गुरुदेव ने धर्म दिया है उनका मंगल होय रे
जिस जननी ने जनम दिया है उसका मंगल होय रे
पाला, पोसा और बढाया उस पिता का मंगल होय रे
इस जगत के सब दुखियारे प्राणी का मंगल होय रे
जल में, स्थल में और गगन में सबका मंगल होय रे
अंतरमन की गाठे टूटे, अंतर निर्मल होय रे
राग, द्वेष और मोह मिट जाए, शील समाधी होय रे
शुद्ध धर्म धरती पर जागे, पाप पारजित होय रे
इस धरती के तरदीन में, कण-कण में धर्म समोय रे
शुद्ध धर्म जन-जन में जागे, घर-घर शांति समोय रे
तेरा मंगल, मेरा मंगल, सबका मंगल होय रे
⏱️ Synced Lyrics
[00:02.28] तेरा मंगल, तेरा मंगल, तेरा मंगल होय रे
[00:15.60] सबका मंगल, सबका मंगल, सबका मंगल होय रे
[00:29.92] जिस गुरुदेव ने धर्म दिया है उनका मंगल होय रे
[00:43.89] जिस जननी ने जनम दिया है उसका मंगल होय रे
[00:57.92] पाला, पोसा और बढाया उस पिता का मंगल होय रे
[01:12.53] इस जगत के सब दुखियारे प्राणी का मंगल होय रे
[01:25.67] जल में, स्थल में और गगन में सबका मंगल होय रे
[01:38.88] अंतरमन की गाठे टूटे, अंतर निर्मल होय रे
[01:52.89] राग, द्वेष और मोह मिट जाए, शील समाधी होय रे
[02:04.93] शुद्ध धर्म धरती पर जागे, पाप पारजित होय रे
[02:17.96] इस धरती के तरदीन में, कण-कण में धर्म समोय रे
[02:29.90] शुद्ध धर्म जन-जन में जागे, घर-घर शांति समोय रे
[02:43.87] तेरा मंगल, मेरा मंगल, सबका मंगल होय रे
[00:15.60] सबका मंगल, सबका मंगल, सबका मंगल होय रे
[00:29.92] जिस गुरुदेव ने धर्म दिया है उनका मंगल होय रे
[00:43.89] जिस जननी ने जनम दिया है उसका मंगल होय रे
[00:57.92] पाला, पोसा और बढाया उस पिता का मंगल होय रे
[01:12.53] इस जगत के सब दुखियारे प्राणी का मंगल होय रे
[01:25.67] जल में, स्थल में और गगन में सबका मंगल होय रे
[01:38.88] अंतरमन की गाठे टूटे, अंतर निर्मल होय रे
[01:52.89] राग, द्वेष और मोह मिट जाए, शील समाधी होय रे
[02:04.93] शुद्ध धर्म धरती पर जागे, पाप पारजित होय रे
[02:17.96] इस धरती के तरदीन में, कण-कण में धर्म समोय रे
[02:29.90] शुद्ध धर्म जन-जन में जागे, घर-घर शांति समोय रे
[02:43.87] तेरा मंगल, मेरा मंगल, सबका मंगल होय रे