Sultan Mirza Vs Shoaib Khan Theme (Once Upon a Time in Mumbai)
🎵 729 characters
⏱️ 2:49 duration
🆔 ID: 13948242
📜 Lyrics
जब दोस्त बना के काम हो सकता है
तो फिर दुश्मन क्यूँ बनाएँ?
एक मशवरा है
अगर किसी चीज़ की लत पड़ जाए
तो वो लत आदमी की पहचान बन जाती है
पहचान ही तो बनानी है ना, साहब
और इस शहर में करना ही क्या है?
चाहे वो रास्ता ग़लत ही क्यूँ ना हो?
रास्ते की परवाह करूँगा
तो मंज़िल बुरा मान जाएगी
दुआ में याद रखना
तो फिर दुश्मन क्यूँ बनाएँ?
एक मशवरा है
अगर किसी चीज़ की लत पड़ जाए
तो वो लत आदमी की पहचान बन जाती है
पहचान ही तो बनानी है ना, साहब
और इस शहर में करना ही क्या है?
चाहे वो रास्ता ग़लत ही क्यूँ ना हो?
रास्ते की परवाह करूँगा
तो मंज़िल बुरा मान जाएगी
दुआ में याद रखना
⏱️ Synced Lyrics
[00:13.80] जब दोस्त बना के काम हो सकता है
[00:18.90] तो फिर दुश्मन क्यूँ बनाएँ?
[00:20.22]
[01:17.51] एक मशवरा है
[01:21.42] अगर किसी चीज़ की लत पड़ जाए
[01:24.52] तो वो लत आदमी की पहचान बन जाती है
[01:28.20] पहचान ही तो बनानी है ना, साहब
[01:31.59] और इस शहर में करना ही क्या है?
[01:35.67] चाहे वो रास्ता ग़लत ही क्यूँ ना हो?
[01:37.49]
[01:47.86] रास्ते की परवाह करूँगा
[01:48.85] तो मंज़िल बुरा मान जाएगी
[01:50.48]
[02:34.71] दुआ में याद रखना
[02:36.07]
[00:18.90] तो फिर दुश्मन क्यूँ बनाएँ?
[00:20.22]
[01:17.51] एक मशवरा है
[01:21.42] अगर किसी चीज़ की लत पड़ जाए
[01:24.52] तो वो लत आदमी की पहचान बन जाती है
[01:28.20] पहचान ही तो बनानी है ना, साहब
[01:31.59] और इस शहर में करना ही क्या है?
[01:35.67] चाहे वो रास्ता ग़लत ही क्यूँ ना हो?
[01:37.49]
[01:47.86] रास्ते की परवाह करूँगा
[01:48.85] तो मंज़िल बुरा मान जाएगी
[01:50.48]
[02:34.71] दुआ में याद रखना
[02:36.07]