Hori Mein - From "Gulmohar"
🎵 2450 characters
⏱️ 3:03 duration
🆔 ID: 14048261
📜 Lyrics
गुँचे, कहीं फूल बिखरे से देखो, हाय
मखमल से जिस्मों पे कलियों की बरखा जाए
कजरा रे, नैनों से मुश्किल है बचना, हाय
बाक़ी अदाओं पे लट्टू से होते जाए
फागुन की रुत का ये जादू भी चढ़ता जाए
खिल गए होरी में, खिल गए होरी में
मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
मिल गए होरी में, खिल गए होरी में
मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
गजरा मैं खोलूँ (ना-ना), आगे-पीछे डोलूँ (ना-ना)
तेरे छव ज़मीं-नभ देख रहा
बन्ना रे, कान्हा (काहे?) भँवरा दीवाना (हाय)
होरी के बहाने मोहे छेड़ क्यूँ रहा?
होरी के बहाने मोहे छेड़ क्यूँ रहा?
अंग-संग होरी में, सब रंग होरी में
मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
अंग-संग होरी में, सब रंग होरी में
मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
आज इशारों में क़िस्सा कोई कहता जाए
दिल की उमंगों की उड़ती पतंगें, हाय
मुँह में मोहन, के राधा, कोई मीरा आए
अधखुले अधरों पे बंसी कोई बाजे जाए
फागुन के गीतों की सरगम पे नाचे-गाएँ
दम-दम होरी में, तुम-हम होरी में
मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
दम-दम होरी में, तुम-हम होरी में
मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
ओ, झूमें होरी में
मखमल से जिस्मों पे कलियों की बरखा जाए
कजरा रे, नैनों से मुश्किल है बचना, हाय
बाक़ी अदाओं पे लट्टू से होते जाए
फागुन की रुत का ये जादू भी चढ़ता जाए
खिल गए होरी में, खिल गए होरी में
मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
मिल गए होरी में, खिल गए होरी में
मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
गजरा मैं खोलूँ (ना-ना), आगे-पीछे डोलूँ (ना-ना)
तेरे छव ज़मीं-नभ देख रहा
बन्ना रे, कान्हा (काहे?) भँवरा दीवाना (हाय)
होरी के बहाने मोहे छेड़ क्यूँ रहा?
होरी के बहाने मोहे छेड़ क्यूँ रहा?
अंग-संग होरी में, सब रंग होरी में
मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
अंग-संग होरी में, सब रंग होरी में
मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
आज इशारों में क़िस्सा कोई कहता जाए
दिल की उमंगों की उड़ती पतंगें, हाय
मुँह में मोहन, के राधा, कोई मीरा आए
अधखुले अधरों पे बंसी कोई बाजे जाए
फागुन के गीतों की सरगम पे नाचे-गाएँ
दम-दम होरी में, तुम-हम होरी में
मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
दम-दम होरी में, तुम-हम होरी में
मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
ओ, झूमें होरी में
⏱️ Synced Lyrics
[00:26.32] गुँचे, कहीं फूल बिखरे से देखो, हाय
[00:31.22] मखमल से जिस्मों पे कलियों की बरखा जाए
[00:35.86] कजरा रे, नैनों से मुश्किल है बचना, हाय
[00:40.66] बाक़ी अदाओं पे लट्टू से होते जाए
[00:45.45] फागुन की रुत का ये जादू भी चढ़ता जाए
[00:49.81] खिल गए होरी में, खिल गए होरी में
[00:54.68] मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
[00:59.42] मिल गए होरी में, खिल गए होरी में
[01:04.30] मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
[01:08.26]
[01:32.53] गजरा मैं खोलूँ (ना-ना), आगे-पीछे डोलूँ (ना-ना)
[01:37.32] तेरे छव ज़मीं-नभ देख रहा
[01:42.17] बन्ना रे, कान्हा (काहे?) भँवरा दीवाना (हाय)
[01:47.30] होरी के बहाने मोहे छेड़ क्यूँ रहा?
[01:52.00] होरी के बहाने मोहे छेड़ क्यूँ रहा?
[01:56.31] अंग-संग होरी में, सब रंग होरी में
[02:01.23] मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
[02:06.02] अंग-संग होरी में, सब रंग होरी में
[02:10.60] मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
[02:15.80] आज इशारों में क़िस्सा कोई कहता जाए
[02:20.36] दिल की उमंगों की उड़ती पतंगें, हाय
[02:25.17] मुँह में मोहन, के राधा, कोई मीरा आए
[02:30.05] अधखुले अधरों पे बंसी कोई बाजे जाए
[02:34.82] फागुन के गीतों की सरगम पे नाचे-गाएँ
[02:39.18] दम-दम होरी में, तुम-हम होरी में
[02:43.91] मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
[02:48.72] दम-दम होरी में, तुम-हम होरी में
[02:53.54] मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
[02:57.94] ओ, झूमें होरी में
[03:00.02]
[00:31.22] मखमल से जिस्मों पे कलियों की बरखा जाए
[00:35.86] कजरा रे, नैनों से मुश्किल है बचना, हाय
[00:40.66] बाक़ी अदाओं पे लट्टू से होते जाए
[00:45.45] फागुन की रुत का ये जादू भी चढ़ता जाए
[00:49.81] खिल गए होरी में, खिल गए होरी में
[00:54.68] मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
[00:59.42] मिल गए होरी में, खिल गए होरी में
[01:04.30] मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
[01:08.26]
[01:32.53] गजरा मैं खोलूँ (ना-ना), आगे-पीछे डोलूँ (ना-ना)
[01:37.32] तेरे छव ज़मीं-नभ देख रहा
[01:42.17] बन्ना रे, कान्हा (काहे?) भँवरा दीवाना (हाय)
[01:47.30] होरी के बहाने मोहे छेड़ क्यूँ रहा?
[01:52.00] होरी के बहाने मोहे छेड़ क्यूँ रहा?
[01:56.31] अंग-संग होरी में, सब रंग होरी में
[02:01.23] मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
[02:06.02] अंग-संग होरी में, सब रंग होरी में
[02:10.60] मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
[02:15.80] आज इशारों में क़िस्सा कोई कहता जाए
[02:20.36] दिल की उमंगों की उड़ती पतंगें, हाय
[02:25.17] मुँह में मोहन, के राधा, कोई मीरा आए
[02:30.05] अधखुले अधरों पे बंसी कोई बाजे जाए
[02:34.82] फागुन के गीतों की सरगम पे नाचे-गाएँ
[02:39.18] दम-दम होरी में, तुम-हम होरी में
[02:43.91] मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
[02:48.72] दम-दम होरी में, तुम-हम होरी में
[02:53.54] मन पे जी वो रंग डारो, झूमें होरी में
[02:57.94] ओ, झूमें होरी में
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