Namami Shamishan Nirvan Roopam
🎵 5632 characters
⏱️ 11:01 duration
🆔 ID: 14230426
📜 Lyrics
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
निराकारमोंकारमूलम् तुरीयम्
गिराज्ञानगोतीतमीशम् गिरीशम्
करालम् महाकालकालम् कृपालम्
गुणागारसंसारपारम् नतोऽहम्
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
तुषाराद्रिसंकाशगौरम् गभीरम्
मनोभूतकोटि प्रभाश्रीशरीरम्
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारुगंगा
लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजंगा
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
चलत्कुण्डलं भ्रू सुनेत्रं विशालं
प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं
प्रियं शंकरं सर्वनाथं भजामि
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
प्रचण्डम् प्रकृष्टम् प्रगल्भम् परेशम्
अखण्डम् अजम् भानुकोटिप्रकाशम्
त्रयः शूलनिर्मूलनम् शूलपाणिम्
भजेऽहम् भवानीपतिम् भावगम्यम्
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
कलातीत कल्याण कल्पान्तकारी
सदा सज्जनानन्ददाता पुरारि
चिदानन्द सन्दोह मोहापहारि
प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारि
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
न यावद् उमानाथपादारविन्दम्
भजन्तीह लोके परे वा नराणाम्
न तावत्सुखम् शान्ति सन्तापनाशम्
प्रसीद प्रभो सर्वभूताधिवासम्
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
न जानामि योगम् जपम् नैव पूजाम्
नतोऽहम् सदा सर्वदा शम्भु तुभ्यम्
जराजन्मदुःखौघ तातप्यमानम्
प्रभो पाहि आपन्नमामीश शम्भो
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
रुद्राष्टकमिदम् प्रोक्तम् विप्रेण हरतोषये
श्री रुद्राष्टकम् सम्पूर्णम्
ये पठन्ति नरा भक्त्या तेषाम् शम्भुः प्रसीदति
इति श्री गोस्वामी तुलसीदास कृतं श्री रुद्राष्टकम् सम्पूर्णम्
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
निराकारमोंकारमूलम् तुरीयम्
गिराज्ञानगोतीतमीशम् गिरीशम्
करालम् महाकालकालम् कृपालम्
गुणागारसंसारपारम् नतोऽहम्
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
तुषाराद्रिसंकाशगौरम् गभीरम्
मनोभूतकोटि प्रभाश्रीशरीरम्
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारुगंगा
लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजंगा
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
चलत्कुण्डलं भ्रू सुनेत्रं विशालं
प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं
प्रियं शंकरं सर्वनाथं भजामि
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
प्रचण्डम् प्रकृष्टम् प्रगल्भम् परेशम्
अखण्डम् अजम् भानुकोटिप्रकाशम्
त्रयः शूलनिर्मूलनम् शूलपाणिम्
भजेऽहम् भवानीपतिम् भावगम्यम्
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
कलातीत कल्याण कल्पान्तकारी
सदा सज्जनानन्ददाता पुरारि
चिदानन्द सन्दोह मोहापहारि
प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारि
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
न यावद् उमानाथपादारविन्दम्
भजन्तीह लोके परे वा नराणाम्
न तावत्सुखम् शान्ति सन्तापनाशम्
प्रसीद प्रभो सर्वभूताधिवासम्
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
न जानामि योगम् जपम् नैव पूजाम्
नतोऽहम् सदा सर्वदा शम्भु तुभ्यम्
जराजन्मदुःखौघ तातप्यमानम्
प्रभो पाहि आपन्नमामीश शम्भो
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
(नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
(विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
रुद्राष्टकमिदम् प्रोक्तम् विप्रेण हरतोषये
श्री रुद्राष्टकम् सम्पूर्णम्
ये पठन्ति नरा भक्त्या तेषाम् शम्भुः प्रसीदति
इति श्री गोस्वामी तुलसीदास कृतं श्री रुद्राष्टकम् सम्पूर्णम्
⏱️ Synced Lyrics
[00:26.52] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
[00:32.20] विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
[00:38.33] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[00:44.59] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[00:50.96] निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
[00:56.83] चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्
[01:03.24] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[01:09.36] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[01:15.80]
[01:46.71] निराकारमोंकारमूलम् तुरीयम्
[01:52.72] गिराज्ञानगोतीतमीशम् गिरीशम्
[01:59.05] करालम् महाकालकालम् कृपालम्
[02:05.21] गुणागारसंसारपारम् नतोऽहम्
[02:15.04] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
[02:20.72] विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
[02:26.98] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[02:33.22] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[02:39.60]
[02:58.73] तुषाराद्रिसंकाशगौरम् गभीरम्
[03:04.22] मनोभूतकोटि प्रभाश्रीशरीरम्
[03:10.34] स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारुगंगा
[03:16.62] लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजंगा
[03:26.45] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
[03:32.18] विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
[03:38.41] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[03:44.49] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[03:50.89]
[04:21.88] चलत्कुण्डलं भ्रू सुनेत्रं विशालं
[04:27.95] प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्
[04:34.25] मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं
[04:40.40] प्रियं शंकरं सर्वनाथं भजामि
[04:50.15] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
[04:55.92] विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
[05:02.30] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[05:08.35] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[05:14.78]
[05:33.83] प्रचण्डम् प्रकृष्टम् प्रगल्भम् परेशम्
[05:39.42] अखण्डम् अजम् भानुकोटिप्रकाशम्
[05:45.65] त्रयः शूलनिर्मूलनम् शूलपाणिम्
[05:51.98] भजेऽहम् भवानीपतिम् भावगम्यम्
[06:01.25] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
[06:07.38] विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
[06:13.55] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[06:19.74] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[06:26.08]
[06:56.99] कलातीत कल्याण कल्पान्तकारी
[07:03.20] सदा सज्जनानन्ददाता पुरारि
[07:09.35] चिदानन्द सन्दोह मोहापहारि
[07:15.54] प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारि
[07:25.41] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
[07:31.03] विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
[07:37.46] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[07:43.55] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[07:49.96]
[08:15.16] न यावद् उमानाथपादारविन्दम्
[08:20.71] भजन्तीह लोके परे वा नराणाम्
[08:27.06] न तावत्सुखम् शान्ति सन्तापनाशम्
[08:33.01] प्रसीद प्रभो सर्वभूताधिवासम्
[08:43.09] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
[08:48.76] विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
[08:55.19] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[09:01.07] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[09:07.45]
[09:38.22] न जानामि योगम् जपम् नैव पूजाम्
[09:44.63] नतोऽहम् सदा सर्वदा शम्भु तुभ्यम्
[09:50.87] जराजन्मदुःखौघ तातप्यमानम्
[09:56.97] प्रभो पाहि आपन्नमामीश शम्भो
[10:06.44] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
[10:12.47] विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
[10:18.81] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[10:24.86] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[10:32.38] रुद्राष्टकमिदम् प्रोक्तम् विप्रेण हरतोषये
[10:38.77] श्री रुद्राष्टकम् सम्पूर्णम्
[10:43.76] ये पठन्ति नरा भक्त्या तेषाम् शम्भुः प्रसीदति
[10:50.74] इति श्री गोस्वामी तुलसीदास कृतं श्री रुद्राष्टकम् सम्पूर्णम्
[10:59.15]
[00:32.20] विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
[00:38.33] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[00:44.59] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[00:50.96] निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
[00:56.83] चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्
[01:03.24] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[01:09.36] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[01:15.80]
[01:46.71] निराकारमोंकारमूलम् तुरीयम्
[01:52.72] गिराज्ञानगोतीतमीशम् गिरीशम्
[01:59.05] करालम् महाकालकालम् कृपालम्
[02:05.21] गुणागारसंसारपारम् नतोऽहम्
[02:15.04] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
[02:20.72] विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
[02:26.98] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[02:33.22] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[02:39.60]
[02:58.73] तुषाराद्रिसंकाशगौरम् गभीरम्
[03:04.22] मनोभूतकोटि प्रभाश्रीशरीरम्
[03:10.34] स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारुगंगा
[03:16.62] लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजंगा
[03:26.45] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
[03:32.18] विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
[03:38.41] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[03:44.49] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[03:50.89]
[04:21.88] चलत्कुण्डलं भ्रू सुनेत्रं विशालं
[04:27.95] प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्
[04:34.25] मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं
[04:40.40] प्रियं शंकरं सर्वनाथं भजामि
[04:50.15] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
[04:55.92] विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
[05:02.30] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[05:08.35] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[05:14.78]
[05:33.83] प्रचण्डम् प्रकृष्टम् प्रगल्भम् परेशम्
[05:39.42] अखण्डम् अजम् भानुकोटिप्रकाशम्
[05:45.65] त्रयः शूलनिर्मूलनम् शूलपाणिम्
[05:51.98] भजेऽहम् भवानीपतिम् भावगम्यम्
[06:01.25] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
[06:07.38] विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
[06:13.55] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[06:19.74] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[06:26.08]
[06:56.99] कलातीत कल्याण कल्पान्तकारी
[07:03.20] सदा सज्जनानन्ददाता पुरारि
[07:09.35] चिदानन्द सन्दोह मोहापहारि
[07:15.54] प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारि
[07:25.41] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
[07:31.03] विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
[07:37.46] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[07:43.55] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[07:49.96]
[08:15.16] न यावद् उमानाथपादारविन्दम्
[08:20.71] भजन्तीह लोके परे वा नराणाम्
[08:27.06] न तावत्सुखम् शान्ति सन्तापनाशम्
[08:33.01] प्रसीद प्रभो सर्वभूताधिवासम्
[08:43.09] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
[08:48.76] विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
[08:55.19] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[09:01.07] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[09:07.45]
[09:38.22] न जानामि योगम् जपम् नैव पूजाम्
[09:44.63] नतोऽहम् सदा सर्वदा शम्भु तुभ्यम्
[09:50.87] जराजन्मदुःखौघ तातप्यमानम्
[09:56.97] प्रभो पाहि आपन्नमामीश शम्भो
[10:06.44] नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
[10:12.47] विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
[10:18.81] (नमामीशमीशान निर्वाणरूपं)
[10:24.86] (विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्)
[10:32.38] रुद्राष्टकमिदम् प्रोक्तम् विप्रेण हरतोषये
[10:38.77] श्री रुद्राष्टकम् सम्पूर्णम्
[10:43.76] ये पठन्ति नरा भक्त्या तेषाम् शम्भुः प्रसीदति
[10:50.74] इति श्री गोस्वामी तुलसीदास कृतं श्री रुद्राष्टकम् सम्पूर्णम्
[10:59.15]