Anjanadri Theme Song (From "HanuMan") [Hindi]
🎵 1832 characters
⏱️ 2:00 duration
🆔 ID: 14249077
📜 Lyrics
अंजनाद्री गाथा ये पुरातन
एक शिशु की वांछा है पावन
केसरी-भार्या प्रार्थना विलीन दिवस-रात्री
ईश्वर मनोरथ करे प्रदान
अष्टसिद्धि बालक बलवान
अंजना पुत्र, पवन-नंदन
अरुण किरण प्रातः काल मुख पर
दिवाकर को वो समझे फलाहार
उत्साही बालक खादितं इच्छति नारंग सूर्यम्
सूर्य सहसा अदृश्य अर्थात् जगत अन्धकारम्
इंद्र देव बालक को रोके
ऐरावत पर चढ़कर टोके
आंजनेय के समीप जाकर वज्रपात करे देवा
पवन-नंदन के हनु को यूँ वज्र-वार से तोड़ा
विद्युत वेग से धरणीतल तक रक्त बिंदु का पतन
गहन समुद्र के भीतर जाकर एक सीप में जा वो समाया
कालांतर वो बूँद बनी मोती
हनुमरुधिर मणि परिवर्तित
प्रतीक्षा युगानी योग्य योद्धा की
निरंत निश्चल प्रतीक्षा में
सहस्त्र वर्ष प्रतीक्षा में
निरंत निश्चल प्रतीक्षा में
सहस्त्र वर्ष प्रतीक्षा में
एक शिशु की वांछा है पावन
केसरी-भार्या प्रार्थना विलीन दिवस-रात्री
ईश्वर मनोरथ करे प्रदान
अष्टसिद्धि बालक बलवान
अंजना पुत्र, पवन-नंदन
अरुण किरण प्रातः काल मुख पर
दिवाकर को वो समझे फलाहार
उत्साही बालक खादितं इच्छति नारंग सूर्यम्
सूर्य सहसा अदृश्य अर्थात् जगत अन्धकारम्
इंद्र देव बालक को रोके
ऐरावत पर चढ़कर टोके
आंजनेय के समीप जाकर वज्रपात करे देवा
पवन-नंदन के हनु को यूँ वज्र-वार से तोड़ा
विद्युत वेग से धरणीतल तक रक्त बिंदु का पतन
गहन समुद्र के भीतर जाकर एक सीप में जा वो समाया
कालांतर वो बूँद बनी मोती
हनुमरुधिर मणि परिवर्तित
प्रतीक्षा युगानी योग्य योद्धा की
निरंत निश्चल प्रतीक्षा में
सहस्त्र वर्ष प्रतीक्षा में
निरंत निश्चल प्रतीक्षा में
सहस्त्र वर्ष प्रतीक्षा में
⏱️ Synced Lyrics
[00:08.01] अंजनाद्री गाथा ये पुरातन
[00:10.54] एक शिशु की वांछा है पावन
[00:13.37] केसरी-भार्या प्रार्थना विलीन दिवस-रात्री
[00:18.66] ईश्वर मनोरथ करे प्रदान
[00:21.16] अष्टसिद्धि बालक बलवान
[00:24.01] अंजना पुत्र, पवन-नंदन
[00:28.61]
[00:34.55] अरुण किरण प्रातः काल मुख पर
[00:37.33] दिवाकर को वो समझे फलाहार
[00:39.88] उत्साही बालक खादितं इच्छति नारंग सूर्यम्
[00:44.72] सूर्य सहसा अदृश्य अर्थात् जगत अन्धकारम्
[00:50.89]
[00:56.06] इंद्र देव बालक को रोके
[00:58.59] ऐरावत पर चढ़कर टोके
[01:01.24] आंजनेय के समीप जाकर वज्रपात करे देवा
[01:06.70] पवन-नंदन के हनु को यूँ वज्र-वार से तोड़ा
[01:11.86] विद्युत वेग से धरणीतल तक रक्त बिंदु का पतन
[01:17.47] गहन समुद्र के भीतर जाकर एक सीप में जा वो समाया
[01:23.17]
[01:27.91] कालांतर वो बूँद बनी मोती
[01:30.78] हनुमरुधिर मणि परिवर्तित
[01:33.38] प्रतीक्षा युगानी योग्य योद्धा की
[01:36.19] निरंत निश्चल प्रतीक्षा में
[01:38.52] सहस्त्र वर्ष प्रतीक्षा में
[01:41.21] निरंत निश्चल प्रतीक्षा में
[01:43.93] सहस्त्र वर्ष प्रतीक्षा में
[01:47.09]
[00:10.54] एक शिशु की वांछा है पावन
[00:13.37] केसरी-भार्या प्रार्थना विलीन दिवस-रात्री
[00:18.66] ईश्वर मनोरथ करे प्रदान
[00:21.16] अष्टसिद्धि बालक बलवान
[00:24.01] अंजना पुत्र, पवन-नंदन
[00:28.61]
[00:34.55] अरुण किरण प्रातः काल मुख पर
[00:37.33] दिवाकर को वो समझे फलाहार
[00:39.88] उत्साही बालक खादितं इच्छति नारंग सूर्यम्
[00:44.72] सूर्य सहसा अदृश्य अर्थात् जगत अन्धकारम्
[00:50.89]
[00:56.06] इंद्र देव बालक को रोके
[00:58.59] ऐरावत पर चढ़कर टोके
[01:01.24] आंजनेय के समीप जाकर वज्रपात करे देवा
[01:06.70] पवन-नंदन के हनु को यूँ वज्र-वार से तोड़ा
[01:11.86] विद्युत वेग से धरणीतल तक रक्त बिंदु का पतन
[01:17.47] गहन समुद्र के भीतर जाकर एक सीप में जा वो समाया
[01:23.17]
[01:27.91] कालांतर वो बूँद बनी मोती
[01:30.78] हनुमरुधिर मणि परिवर्तित
[01:33.38] प्रतीक्षा युगानी योग्य योद्धा की
[01:36.19] निरंत निश्चल प्रतीक्षा में
[01:38.52] सहस्त्र वर्ष प्रतीक्षा में
[01:41.21] निरंत निश्चल प्रतीक्षा में
[01:43.93] सहस्त्र वर्ष प्रतीक्षा में
[01:47.09]