Simanama
🎵 2951 characters
⏱️ 4:16 duration
🆔 ID: 14300031
📜 Lyrics
सुन है...
गाउँले हो सुन सुन
पराई घरको कथा होइन यो
घरभित्रकै व्यथा हाम्रै हो यो
सुन है...
हिमालको काखमा सुख शान्ति थियो
मर्यादाको मियो सल्केर बल्यो
सुनसान रातमा दनदनी आगो
मृत्युको जहर फैलिए जस्तो
गाउँ-बस्तीमा डढेलो
समयको झेली खेलैले
देश दुख्यो गाउँ-ठाउँमा
समयको झेली खेलैले
देश दुख्यो गाउँ-ठाउँमा
इस... इस...
पोल्टिक्स गर्ने दाजै-दिदै हो
देश दुख्यो गाउँ-ठाउँमा
अइया...
लछारिनुपर्ने पछारिनुपर्ने
बिनाकारण सधैं चोट खानुपर्ने
नखाको विष लागी नै रहने
हर पल हर साँझ मरिरहनुपर्ने
कुन दैवको श्राप लाग्यो
अचम्म के भो हाम्रो घरैमा
सिस्नो उम्य्रो दैलो-दैलोमा
सिमानामा टक्क अडेर
छातीभरि देश बोकेर
सिमानामा टक्क अडेर
छातीभरि देश बोकेर
रोए है...
पैतालादेखि हत्केलासम्म
वेदनाको छाल फुटुन्जेलसम्म
चर्केर छाती उर्लिए व्यथा
चुपचाप जङ्घार तर्नेमा बेला
भक्कानो छाडी रुँदै
मुग्लान पसे हाम्रै दाजुभाइ
पूर्वै जाने रेलै चढेर
मुग्लान पसे हाम्रै दाजुभाइ
पूर्वै जाने रेलै चढेर
मन वचनमा प्रीति साँचेर
वैरभाव साँच्चै त्यागेर
सोचे है...
नभए देश कहाँ पाउँछ स्वर्ग
यो गुदी कुरा मनमै गुन
शान्तिभन्दा पर छैन अर्को बुद्ध
प्रेमले मिले वैरीले छुन्न
लौ बेलैमा होस पुर्याउँ
सुन्दर शान्त देश रचेर
पुर्खैको आशिष सम्झेर
सुन्दर शान्त देश रचेर
पुर्खैको आशिष सम्झेर
गाउँले हो सुन सुन
पराई घरको कथा होइन यो
घरभित्रकै व्यथा हाम्रै हो यो
सुन है...
हिमालको काखमा सुख शान्ति थियो
मर्यादाको मियो सल्केर बल्यो
सुनसान रातमा दनदनी आगो
मृत्युको जहर फैलिए जस्तो
गाउँ-बस्तीमा डढेलो
समयको झेली खेलैले
देश दुख्यो गाउँ-ठाउँमा
समयको झेली खेलैले
देश दुख्यो गाउँ-ठाउँमा
इस... इस...
पोल्टिक्स गर्ने दाजै-दिदै हो
देश दुख्यो गाउँ-ठाउँमा
अइया...
लछारिनुपर्ने पछारिनुपर्ने
बिनाकारण सधैं चोट खानुपर्ने
नखाको विष लागी नै रहने
हर पल हर साँझ मरिरहनुपर्ने
कुन दैवको श्राप लाग्यो
अचम्म के भो हाम्रो घरैमा
सिस्नो उम्य्रो दैलो-दैलोमा
सिमानामा टक्क अडेर
छातीभरि देश बोकेर
सिमानामा टक्क अडेर
छातीभरि देश बोकेर
रोए है...
पैतालादेखि हत्केलासम्म
वेदनाको छाल फुटुन्जेलसम्म
चर्केर छाती उर्लिए व्यथा
चुपचाप जङ्घार तर्नेमा बेला
भक्कानो छाडी रुँदै
मुग्लान पसे हाम्रै दाजुभाइ
पूर्वै जाने रेलै चढेर
मुग्लान पसे हाम्रै दाजुभाइ
पूर्वै जाने रेलै चढेर
मन वचनमा प्रीति साँचेर
वैरभाव साँच्चै त्यागेर
सोचे है...
नभए देश कहाँ पाउँछ स्वर्ग
यो गुदी कुरा मनमै गुन
शान्तिभन्दा पर छैन अर्को बुद्ध
प्रेमले मिले वैरीले छुन्न
लौ बेलैमा होस पुर्याउँ
सुन्दर शान्त देश रचेर
पुर्खैको आशिष सम्झेर
सुन्दर शान्त देश रचेर
पुर्खैको आशिष सम्झेर
⏱️ Synced Lyrics
[00:06.44] सुन है...
[00:09.11] गाउँले हो सुन सुन
[00:13.47] पराई घरको कथा होइन यो
[00:16.32] घरभित्रकै व्यथा हाम्रै हो यो
[00:20.32] सुन है...
[00:23.44] हिमालको काखमा सुख शान्ति थियो
[00:24.86] मर्यादाको मियो सल्केर बल्यो
[00:26.77] सुनसान रातमा दनदनी आगो
[00:28.29] मृत्युको जहर फैलिए जस्तो
[00:29.78] गाउँ-बस्तीमा डढेलो
[00:31.92] समयको झेली खेलैले
[00:35.12] देश दुख्यो गाउँ-ठाउँमा
[00:38.48] समयको झेली खेलैले
[00:41.88] देश दुख्यो गाउँ-ठाउँमा
[00:45.91]
[00:48.00] इस... इस...
[00:58.60] पोल्टिक्स गर्ने दाजै-दिदै हो
[01:01.76] देश दुख्यो गाउँ-ठाउँमा
[01:04.94] अइया...
[01:08.36] लछारिनुपर्ने पछारिनुपर्ने
[01:09.92] बिनाकारण सधैं चोट खानुपर्ने
[01:11.55] नखाको विष लागी नै रहने
[01:13.25] हर पल हर साँझ मरिरहनुपर्ने
[01:14.99] कुन दैवको श्राप लाग्यो
[01:16.77] अचम्म के भो हाम्रो घरैमा
[01:19.87] सिस्नो उम्य्रो दैलो-दैलोमा
[01:23.27] सिमानामा टक्क अडेर
[01:26.46] छातीभरि देश बोकेर
[01:29.97]
[01:56.92] सिमानामा टक्क अडेर
[02:00.31] छातीभरि देश बोकेर
[02:03.35] रोए है...
[02:06.84] पैतालादेखि हत्केलासम्म
[02:08.48] वेदनाको छाल फुटुन्जेलसम्म
[02:10.05] चर्केर छाती उर्लिए व्यथा
[02:11.89] चुपचाप जङ्घार तर्नेमा बेला
[02:13.43] भक्कानो छाडी रुँदै
[02:15.38] मुग्लान पसे हाम्रै दाजुभाइ
[02:18.23] पूर्वै जाने रेलै चढेर
[02:21.78] मुग्लान पसे हाम्रै दाजुभाइ
[02:24.85] पूर्वै जाने रेलै चढेर
[02:29.28]
[03:01.83] मन वचनमा प्रीति साँचेर
[03:05.07] वैरभाव साँच्चै त्यागेर
[03:08.27] सोचे है...
[03:11.85] नभए देश कहाँ पाउँछ स्वर्ग
[03:13.26] यो गुदी कुरा मनमै गुन
[03:14.96] शान्तिभन्दा पर छैन अर्को बुद्ध
[03:16.75] प्रेमले मिले वैरीले छुन्न
[03:18.26] लौ बेलैमा होस पुर्याउँ
[03:20.52] सुन्दर शान्त देश रचेर
[03:23.29] पुर्खैको आशिष सम्झेर
[03:26.53] सुन्दर शान्त देश रचेर
[03:29.85] पुर्खैको आशिष सम्झेर
[03:31.27]
[00:09.11] गाउँले हो सुन सुन
[00:13.47] पराई घरको कथा होइन यो
[00:16.32] घरभित्रकै व्यथा हाम्रै हो यो
[00:20.32] सुन है...
[00:23.44] हिमालको काखमा सुख शान्ति थियो
[00:24.86] मर्यादाको मियो सल्केर बल्यो
[00:26.77] सुनसान रातमा दनदनी आगो
[00:28.29] मृत्युको जहर फैलिए जस्तो
[00:29.78] गाउँ-बस्तीमा डढेलो
[00:31.92] समयको झेली खेलैले
[00:35.12] देश दुख्यो गाउँ-ठाउँमा
[00:38.48] समयको झेली खेलैले
[00:41.88] देश दुख्यो गाउँ-ठाउँमा
[00:45.91]
[00:48.00] इस... इस...
[00:58.60] पोल्टिक्स गर्ने दाजै-दिदै हो
[01:01.76] देश दुख्यो गाउँ-ठाउँमा
[01:04.94] अइया...
[01:08.36] लछारिनुपर्ने पछारिनुपर्ने
[01:09.92] बिनाकारण सधैं चोट खानुपर्ने
[01:11.55] नखाको विष लागी नै रहने
[01:13.25] हर पल हर साँझ मरिरहनुपर्ने
[01:14.99] कुन दैवको श्राप लाग्यो
[01:16.77] अचम्म के भो हाम्रो घरैमा
[01:19.87] सिस्नो उम्य्रो दैलो-दैलोमा
[01:23.27] सिमानामा टक्क अडेर
[01:26.46] छातीभरि देश बोकेर
[01:29.97]
[01:56.92] सिमानामा टक्क अडेर
[02:00.31] छातीभरि देश बोकेर
[02:03.35] रोए है...
[02:06.84] पैतालादेखि हत्केलासम्म
[02:08.48] वेदनाको छाल फुटुन्जेलसम्म
[02:10.05] चर्केर छाती उर्लिए व्यथा
[02:11.89] चुपचाप जङ्घार तर्नेमा बेला
[02:13.43] भक्कानो छाडी रुँदै
[02:15.38] मुग्लान पसे हाम्रै दाजुभाइ
[02:18.23] पूर्वै जाने रेलै चढेर
[02:21.78] मुग्लान पसे हाम्रै दाजुभाइ
[02:24.85] पूर्वै जाने रेलै चढेर
[02:29.28]
[03:01.83] मन वचनमा प्रीति साँचेर
[03:05.07] वैरभाव साँच्चै त्यागेर
[03:08.27] सोचे है...
[03:11.85] नभए देश कहाँ पाउँछ स्वर्ग
[03:13.26] यो गुदी कुरा मनमै गुन
[03:14.96] शान्तिभन्दा पर छैन अर्को बुद्ध
[03:16.75] प्रेमले मिले वैरीले छुन्न
[03:18.26] लौ बेलैमा होस पुर्याउँ
[03:20.52] सुन्दर शान्त देश रचेर
[03:23.29] पुर्खैको आशिष सम्झेर
[03:26.53] सुन्दर शान्त देश रचेर
[03:29.85] पुर्खैको आशिष सम्झेर
[03:31.27]