Yuh Toh Banjar
🎵 1109 characters
⏱️ 2:25 duration
🆔 ID: 14615191
📜 Lyrics
यूँ तो बंजर सा था मेरा आशियाँ
महफ़िल आप के आने से सजी
वक़्त-बे-वक़्त ये मेरे हालात हैं
आप का हुस्न जश्न-ए-सैलाब जी
गुफ़्तगू हो रही अब हवाओं में भी
मुस्कुरा जाते हैं फूल-कलियाँ सभी
गुफ़्तगू हो रही अब हवाओं में भी
मुस्कुरा जाते हैं फूल-कलियाँ सभी
ख़ुशबू मिट्टी की हो जैसे बरसात में
क्या समाँ आप का हुस्न दिखलाए जी
हुस्न ऐसा जो ना हो कभी इतराया
झुकती पलकों को ज़ुल्फ़ों से ही सहलाया
मुस्कुराहट तो उनकी इनायत हुई
ख़्वाब है या हक़ीक़त, ये बतलाओ जी
महफ़िल आप के आने से सजी
वक़्त-बे-वक़्त ये मेरे हालात हैं
आप का हुस्न जश्न-ए-सैलाब जी
गुफ़्तगू हो रही अब हवाओं में भी
मुस्कुरा जाते हैं फूल-कलियाँ सभी
गुफ़्तगू हो रही अब हवाओं में भी
मुस्कुरा जाते हैं फूल-कलियाँ सभी
ख़ुशबू मिट्टी की हो जैसे बरसात में
क्या समाँ आप का हुस्न दिखलाए जी
हुस्न ऐसा जो ना हो कभी इतराया
झुकती पलकों को ज़ुल्फ़ों से ही सहलाया
मुस्कुराहट तो उनकी इनायत हुई
ख़्वाब है या हक़ीक़त, ये बतलाओ जी
⏱️ Synced Lyrics
[00:22.83] यूँ तो बंजर सा था मेरा आशियाँ
[00:28.68] महफ़िल आप के आने से सजी
[00:33.87] वक़्त-बे-वक़्त ये मेरे हालात हैं
[00:39.35] आप का हुस्न जश्न-ए-सैलाब जी
[00:45.31]
[00:59.66] गुफ़्तगू हो रही अब हवाओं में भी
[01:05.31] मुस्कुरा जाते हैं फूल-कलियाँ सभी
[01:16.46] गुफ़्तगू हो रही अब हवाओं में भी
[01:22.08] मुस्कुरा जाते हैं फूल-कलियाँ सभी
[01:27.56] ख़ुशबू मिट्टी की हो जैसे बरसात में
[01:32.96] क्या समाँ आप का हुस्न दिखलाए जी
[01:39.40]
[01:53.83] हुस्न ऐसा जो ना हो कभी इतराया
[01:59.34] झुकती पलकों को ज़ुल्फ़ों से ही सहलाया
[02:04.81] मुस्कुराहट तो उनकी इनायत हुई
[02:10.38] ख़्वाब है या हक़ीक़त, ये बतलाओ जी
[02:16.54]
[00:28.68] महफ़िल आप के आने से सजी
[00:33.87] वक़्त-बे-वक़्त ये मेरे हालात हैं
[00:39.35] आप का हुस्न जश्न-ए-सैलाब जी
[00:45.31]
[00:59.66] गुफ़्तगू हो रही अब हवाओं में भी
[01:05.31] मुस्कुरा जाते हैं फूल-कलियाँ सभी
[01:16.46] गुफ़्तगू हो रही अब हवाओं में भी
[01:22.08] मुस्कुरा जाते हैं फूल-कलियाँ सभी
[01:27.56] ख़ुशबू मिट्टी की हो जैसे बरसात में
[01:32.96] क्या समाँ आप का हुस्न दिखलाए जी
[01:39.40]
[01:53.83] हुस्न ऐसा जो ना हो कभी इतराया
[01:59.34] झुकती पलकों को ज़ुल्फ़ों से ही सहलाया
[02:04.81] मुस्कुराहट तो उनकी इनायत हुई
[02:10.38] ख़्वाब है या हक़ीक़त, ये बतलाओ जी
[02:16.54]