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Kaari Kaari (From "Pink")

👤 Quratulain Balouch 🎼 Kaari Kaari (From "Pink") - Single ⏱️ 6:27
🎵 2968 characters
⏱️ 6:27 duration
🆔 ID: 15478394

📜 Lyrics

कारी-कारी रैना सारी १०० अँधेरे क्यूँ लाई? क्यूँ लाई?
रोशनी के पाँव में ये बेड़ियाँ सी क्यूँ आईं? क्यूँ आईं?
उजियारे कैसे अंगारे जैसे? छाँव छैली, धूप मैली क्यूँ है री?

कारी-कारी रैना सारी १०० अँधेरे क्यूँ लाई? क्यूँ लाई?
रोशनी के पाँव में ये बेड़ियाँ सी क्यूँ आईं? क्यूँ आईं?
उजियारे कैसे अंगारे जैसे? छाँव छैली, धूप मैली क्यूँ है री?

तितलियों के पंखों पर रख दिए गए पत्थर
ऐ ख़ुदा, तू गुम है कहाँ?
रेशमी लिबासों को चीरते हैं कुछ ख़ंजर
ऐ ख़ुदा, तू गुम है कहाँ?

क्या रीत चल पड़ी है? क्या आग जल पड़ी है?
क्यूँ चीखता है सुरमई धुआँ?
क्या रीत चल पड़ी है? क्या आग जल पड़ी है?
क्यूँ चीखता है सुरमई धुआँ?

कारी-कारी रैना सारी १०० अँधेरे क्यूँ लाई? क्यूँ लाई?
रोशनी के पाँव में ये बेड़ियाँ सी क्यूँ आईं? क्यूँ आईं?
उजियारे कैसे अंगारे जैसे? छाँव छैली, धूप मैली क्यूँ है री?

पंखुड़ी की बेटी है, कंकरों पे लेटी है
बारिशें हैं तेज़ाब की
ना ये उठ के चलती है, ना चिता में जलती है
लाश है ये किस ख़्वाब की?

रातों में पल रही हैं, सड़कों पे चल रही हैं
क्यूँ बाल खोले दहशतें यहाँ?
रातों में पल रही हैं, सड़कों पे चल रही हैं
क्यूँ बाल खोले दहशतें यहाँ?

कारी-कारी रैना सारी १०० अँधेरे क्यूँ लाई? क्यूँ लाई?
रोशनी के पाँव में ये बेड़ियाँ सी क्यूँ आईं? क्यूँ आईं?
उजियारे कैसे अंगारे जैसे? छाँव छैली, धूप मैली क्यूँ है री?

⏱️ Synced Lyrics

[00:35.26] कारी-कारी रैना सारी १०० अँधेरे क्यूँ लाई? क्यूँ लाई?
[00:44.70] रोशनी के पाँव में ये बेड़ियाँ सी क्यूँ आईं? क्यूँ आईं?
[00:55.23] उजियारे कैसे अंगारे जैसे? छाँव छैली, धूप मैली क्यूँ है री?
[01:10.11]
[01:19.57] कारी-कारी रैना सारी १०० अँधेरे क्यूँ लाई? क्यूँ लाई?
[01:28.57] रोशनी के पाँव में ये बेड़ियाँ सी क्यूँ आईं? क्यूँ आईं?
[01:39.15] उजियारे कैसे अंगारे जैसे? छाँव छैली, धूप मैली क्यूँ है री?
[01:52.93]
[02:19.73] तितलियों के पंखों पर रख दिए गए पत्थर
[02:24.55] ऐ ख़ुदा, तू गुम है कहाँ?
[02:29.05] रेशमी लिबासों को चीरते हैं कुछ ख़ंजर
[02:33.81] ऐ ख़ुदा, तू गुम है कहाँ?
[02:37.97] क्या रीत चल पड़ी है? क्या आग जल पड़ी है?
[02:42.77] क्यूँ चीखता है सुरमई धुआँ?
[02:47.22] क्या रीत चल पड़ी है? क्या आग जल पड़ी है?
[02:52.09] क्यूँ चीखता है सुरमई धुआँ?
[02:57.28]
[03:31.76] कारी-कारी रैना सारी १०० अँधेरे क्यूँ लाई? क्यूँ लाई?
[03:41.01] रोशनी के पाँव में ये बेड़ियाँ सी क्यूँ आईं? क्यूँ आईं?
[03:51.73] उजियारे कैसे अंगारे जैसे? छाँव छैली, धूप मैली क्यूँ है री?
[04:32.21] पंखुड़ी की बेटी है, कंकरों पे लेटी है
[04:36.97] बारिशें हैं तेज़ाब की
[04:41.70] ना ये उठ के चलती है, ना चिता में जलती है
[04:46.30] लाश है ये किस ख़्वाब की?
[04:50.39] रातों में पल रही हैं, सड़कों पे चल रही हैं
[04:55.02] क्यूँ बाल खोले दहशतें यहाँ?
[04:59.93] रातों में पल रही हैं, सड़कों पे चल रही हैं
[05:04.39] क्यूँ बाल खोले दहशतें यहाँ?
[05:09.40]
[05:44.26] कारी-कारी रैना सारी १०० अँधेरे क्यूँ लाई? क्यूँ लाई?
[05:53.54] रोशनी के पाँव में ये बेड़ियाँ सी क्यूँ आईं? क्यूँ आईं?
[06:03.90] उजियारे कैसे अंगारे जैसे? छाँव छैली, धूप मैली क्यूँ है री?
[06:17.39]

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