Shodhisi Manava Rahooli Mandiri
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⏱️ 3:17 duration
🆔 ID: 15637758
📜 Lyrics
शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
नांदतो देव हा, आपुल्या अंतरी
शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
मेघ हे दाटती, कोठुनी अंबरी
सूर येती कसे, वाजते बासरी
रोमरोमी फुले, तीर्थ हे भूवरी
दूर इंद्रायणी, दूर ती पंढरी
शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
गंध का हासतो, पाकळी सारुनी
वाहते निर्झरी, प्रेमसंजीवनी
भोवताली तुला, साद घाली कुणी
खूण घे जाणुनी, रूप हे ईश्वरी
शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
भेटतो देव का, पूजनी अर्चनी
पुण्य का लाभते, दानधर्मातुनी
शोध रे दिव्यता आपुल्या जीवनी
आंधळा खेळ हा खेळशी कुठवरी
शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
नांदतो देव हा, आपुल्या अंतरी
शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
नांदतो देव हा, आपुल्या अंतरी
शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
मेघ हे दाटती, कोठुनी अंबरी
सूर येती कसे, वाजते बासरी
रोमरोमी फुले, तीर्थ हे भूवरी
दूर इंद्रायणी, दूर ती पंढरी
शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
गंध का हासतो, पाकळी सारुनी
वाहते निर्झरी, प्रेमसंजीवनी
भोवताली तुला, साद घाली कुणी
खूण घे जाणुनी, रूप हे ईश्वरी
शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
भेटतो देव का, पूजनी अर्चनी
पुण्य का लाभते, दानधर्मातुनी
शोध रे दिव्यता आपुल्या जीवनी
आंधळा खेळ हा खेळशी कुठवरी
शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
नांदतो देव हा, आपुल्या अंतरी
शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
⏱️ Synced Lyrics
[00:04.09] शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
[00:16.59] नांदतो देव हा, आपुल्या अंतरी
[00:24.90] शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
[00:43.41] मेघ हे दाटती, कोठुनी अंबरी
[00:50.66] सूर येती कसे, वाजते बासरी
[01:00.14] रोमरोमी फुले, तीर्थ हे भूवरी
[01:07.37] दूर इंद्रायणी, दूर ती पंढरी
[01:14.83] शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
[01:29.95] गंध का हासतो, पाकळी सारुनी
[01:37.35] वाहते निर्झरी, प्रेमसंजीवनी
[01:46.78] भोवताली तुला, साद घाली कुणी
[01:54.28] खूण घे जाणुनी, रूप हे ईश्वरी
[02:01.87] शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
[02:20.77] भेटतो देव का, पूजनी अर्चनी
[02:28.36] पुण्य का लाभते, दानधर्मातुनी
[02:37.43] शोध रे दिव्यता आपुल्या जीवनी
[02:45.31] आंधळा खेळ हा खेळशी कुठवरी
[02:52.85] शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
[03:00.45] नांदतो देव हा, आपुल्या अंतरी
[03:07.88] शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
[03:15.35]
[00:16.59] नांदतो देव हा, आपुल्या अंतरी
[00:24.90] शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
[00:43.41] मेघ हे दाटती, कोठुनी अंबरी
[00:50.66] सूर येती कसे, वाजते बासरी
[01:00.14] रोमरोमी फुले, तीर्थ हे भूवरी
[01:07.37] दूर इंद्रायणी, दूर ती पंढरी
[01:14.83] शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
[01:29.95] गंध का हासतो, पाकळी सारुनी
[01:37.35] वाहते निर्झरी, प्रेमसंजीवनी
[01:46.78] भोवताली तुला, साद घाली कुणी
[01:54.28] खूण घे जाणुनी, रूप हे ईश्वरी
[02:01.87] शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
[02:20.77] भेटतो देव का, पूजनी अर्चनी
[02:28.36] पुण्य का लाभते, दानधर्मातुनी
[02:37.43] शोध रे दिव्यता आपुल्या जीवनी
[02:45.31] आंधळा खेळ हा खेळशी कुठवरी
[02:52.85] शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
[03:00.45] नांदतो देव हा, आपुल्या अंतरी
[03:07.88] शोधिशी मानवा, राऊळी मंदिरी
[03:15.35]