Maili Chadar Odhe Ke
🎵 2193 characters
⏱️ 4:53 duration
🆔 ID: 15770356
📜 Lyrics
मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
हे पावन परमेश्वर मेरे, मन ही मन शरमाऊँ
मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
मैली चादर ओढ़ के कैसे?
तूने मुझको जग में भेजा निर्मल देकर काया
आ करके संसार में मैंने इसको दाग़ लगाया
जनम-जनम की मैली चादर, कैसे दाग़ छुड़ाऊँ?
मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ
मैली चादर ओढ़ के कैसे?
निर्मल वाणी पाकर तुझसे नाम ना तेरा गाया
नैन मूँद कर, हे परमेश्वर, कभी ना तुझको ध्याया
मन-वीणा की तारें टूटी, अब क्या गीत सुनाऊँ?
मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
मैली चादर ओढ़ के कैसे?
इन पैरों से चलकर तेरे मंदिर कभी ना आया
जहाँ-जहाँ हो पूजा तेरी, कभी ना शीश झुकाया
हे हरिहर, मैं हार के आया, अब क्या हार चढाऊँ?
मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
हे पावन परमेश्वर मेरे, मन ही मन शरमाऊँ
मैली चादर ओढ़ के कैसे?
मैली चादर ओढ़ के कैसे?
मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
हे पावन परमेश्वर मेरे, मन ही मन शरमाऊँ
मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
मैली चादर ओढ़ के कैसे?
तूने मुझको जग में भेजा निर्मल देकर काया
आ करके संसार में मैंने इसको दाग़ लगाया
जनम-जनम की मैली चादर, कैसे दाग़ छुड़ाऊँ?
मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ
मैली चादर ओढ़ के कैसे?
निर्मल वाणी पाकर तुझसे नाम ना तेरा गाया
नैन मूँद कर, हे परमेश्वर, कभी ना तुझको ध्याया
मन-वीणा की तारें टूटी, अब क्या गीत सुनाऊँ?
मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
मैली चादर ओढ़ के कैसे?
इन पैरों से चलकर तेरे मंदिर कभी ना आया
जहाँ-जहाँ हो पूजा तेरी, कभी ना शीश झुकाया
हे हरिहर, मैं हार के आया, अब क्या हार चढाऊँ?
मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
हे पावन परमेश्वर मेरे, मन ही मन शरमाऊँ
मैली चादर ओढ़ के कैसे?
मैली चादर ओढ़ के कैसे?
⏱️ Synced Lyrics
[00:33.41] मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
[00:44.58] मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
[00:55.60] हे पावन परमेश्वर मेरे, मन ही मन शरमाऊँ
[01:06.45] मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
[01:17.36] मैली चादर ओढ़ के कैसे?
[01:22.45]
[01:33.85] तूने मुझको जग में भेजा निर्मल देकर काया
[01:44.75] आ करके संसार में मैंने इसको दाग़ लगाया
[01:55.68] जनम-जनम की मैली चादर, कैसे दाग़ छुड़ाऊँ?
[02:06.62] मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ
[02:17.42] मैली चादर ओढ़ के कैसे?
[02:22.57]
[02:33.83] निर्मल वाणी पाकर तुझसे नाम ना तेरा गाया
[02:44.58] नैन मूँद कर, हे परमेश्वर, कभी ना तुझको ध्याया
[02:55.43] मन-वीणा की तारें टूटी, अब क्या गीत सुनाऊँ?
[03:06.30] मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
[03:17.32] मैली चादर ओढ़ के कैसे?
[03:22.66]
[03:33.73] इन पैरों से चलकर तेरे मंदिर कभी ना आया
[03:44.78] जहाँ-जहाँ हो पूजा तेरी, कभी ना शीश झुकाया
[03:55.37] हे हरिहर, मैं हार के आया, अब क्या हार चढाऊँ?
[04:06.35] मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
[04:17.19] मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
[04:28.13] हे पावन परमेश्वर मेरे, मन ही मन शरमाऊँ
[04:39.08] मैली चादर ओढ़ के कैसे?
[04:44.26] मैली चादर ओढ़ के कैसे?
[04:50.26]
[00:44.58] मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
[00:55.60] हे पावन परमेश्वर मेरे, मन ही मन शरमाऊँ
[01:06.45] मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
[01:17.36] मैली चादर ओढ़ के कैसे?
[01:22.45]
[01:33.85] तूने मुझको जग में भेजा निर्मल देकर काया
[01:44.75] आ करके संसार में मैंने इसको दाग़ लगाया
[01:55.68] जनम-जनम की मैली चादर, कैसे दाग़ छुड़ाऊँ?
[02:06.62] मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ
[02:17.42] मैली चादर ओढ़ के कैसे?
[02:22.57]
[02:33.83] निर्मल वाणी पाकर तुझसे नाम ना तेरा गाया
[02:44.58] नैन मूँद कर, हे परमेश्वर, कभी ना तुझको ध्याया
[02:55.43] मन-वीणा की तारें टूटी, अब क्या गीत सुनाऊँ?
[03:06.30] मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
[03:17.32] मैली चादर ओढ़ के कैसे?
[03:22.66]
[03:33.73] इन पैरों से चलकर तेरे मंदिर कभी ना आया
[03:44.78] जहाँ-जहाँ हो पूजा तेरी, कभी ना शीश झुकाया
[03:55.37] हे हरिहर, मैं हार के आया, अब क्या हार चढाऊँ?
[04:06.35] मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
[04:17.19] मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ?
[04:28.13] हे पावन परमेश्वर मेरे, मन ही मन शरमाऊँ
[04:39.08] मैली चादर ओढ़ के कैसे?
[04:44.26] मैली चादर ओढ़ के कैसे?
[04:50.26]