Ojhal
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⏱️ 3:22 duration
🆔 ID: 21021733
📜 Lyrics
हम्म हम्म हम्म
तू कभी मेरी आँखों से ओझल हुई
मेरी आँखें मुझे ही सताने लगी
जब दिखी भीड़ में तू कहीं यूँ मुझे
जान मेरी जान में फिर से आने लगी
मेरी जानाँ मुझे न सताया करो
मैं बुलाऊँ मेरे पास आया करो
ऐसी नाराज़गी यार किस बात की
जो मुझी से नज़र तू चुराने लगी
तू कभी मेरी आँखों से ओझल हुई
मेरी बातें मुझे ही बताने लगी
खो गई वो ज़ुबान और वो आवाज़ भी
जब से आँसू मुझी से छुपाने लगी
जानाँ ऐसे गई हो कभी जाना न
तू ही मंज़िल मेरी और कोई राह न
जो किताबों से पढ़ते रहें हम ग़ज़ल
आ रही उनके पन्नों की आवाज़ न
तेरे मेरे प्यार का सपना है
इसमें दिल इक अपना है
बाकी नहीं गर तू मुझमें
मेरा कोई जग न है
ख़ुद को मैं समझाता हूँ
रह न तेरे बिन पाता हूँ
छोड़ चला दुनिया अब मैं
इतना तुझसे कहना है
जानाँ ऐसे गई हो कभी जाना न
तू ही मंज़िल मेरी और कोई राह न
जो किताबों से पढ़ते रहें हम ग़ज़ल
आ रही उनके पन्नों की आवाज़ न
तू कभी मेरी आँखों से ओझल हुई
मेरी आँखें मुझे ही सताने लगी
जब दिखी भीड़ में तू कहीं यूँ मुझे
जान मेरी जान में फिर से आने लगी
मेरी जानाँ मुझे न सताया करो
मैं बुलाऊँ मेरे पास आया करो
ऐसी नाराज़गी यार किस बात की
जो मुझी से नज़र तू चुराने लगी
तू कभी मेरी आँखों से ओझल हुई
मेरी बातें मुझे ही बताने लगी
खो गई वो ज़ुबान और वो आवाज़ भी
जब से आँसू मुझी से छुपाने लगी
जानाँ ऐसे गई हो कभी जाना न
तू ही मंज़िल मेरी और कोई राह न
जो किताबों से पढ़ते रहें हम ग़ज़ल
आ रही उनके पन्नों की आवाज़ न
तेरे मेरे प्यार का सपना है
इसमें दिल इक अपना है
बाकी नहीं गर तू मुझमें
मेरा कोई जग न है
ख़ुद को मैं समझाता हूँ
रह न तेरे बिन पाता हूँ
छोड़ चला दुनिया अब मैं
इतना तुझसे कहना है
जानाँ ऐसे गई हो कभी जाना न
तू ही मंज़िल मेरी और कोई राह न
जो किताबों से पढ़ते रहें हम ग़ज़ल
आ रही उनके पन्नों की आवाज़ न