Kyun Dhunde - 1 Min Music
🎵 840 characters
⏱️ 1:10 duration
🆔 ID: 2118591
📜 Lyrics
क्यों ढूंढे हे तू तुझमें गम ये बता
जब जादू चलती फिजाओ में हे
क्यों ढूंढे हे तू रात में दिन का पता
जब मस्तियाँ चाँदनियाँ राहों में हे
क्यों देखे हे तू आँख भर इक सपना
सपने यहां बुनते हजारो में हे
क्यों ढूंढे हे तू भीड़ में इक अपना
अपने तो यहां सब अनजाने भी हे
क्यों ढूंढे हे तू रात में दिन का पता
जब मस्तियाँ चाँदनियाँ राहों में हे
जब जादू चलती फिजाओ में हे
क्यों ढूंढे हे तू रात में दिन का पता
जब मस्तियाँ चाँदनियाँ राहों में हे
क्यों देखे हे तू आँख भर इक सपना
सपने यहां बुनते हजारो में हे
क्यों ढूंढे हे तू भीड़ में इक अपना
अपने तो यहां सब अनजाने भी हे
क्यों ढूंढे हे तू रात में दिन का पता
जब मस्तियाँ चाँदनियाँ राहों में हे
⏱️ Synced Lyrics
[00:00.83] क्यों ढूंढे हे तू तुझमें गम ये बता
[00:04.56] जब जादू चलती फिजाओ में हे
[00:09.88] क्यों ढूंढे हे तू रात में दिन का पता
[00:14.80] जब मस्तियाँ चाँदनियाँ राहों में हे
[00:20.06] क्यों देखे हे तू आँख भर इक सपना
[00:25.22] सपने यहां बुनते हजारो में हे
[00:30.38] क्यों ढूंढे हे तू भीड़ में इक अपना
[00:37.71] अपने तो यहां सब अनजाने भी हे
[00:43.66] क्यों ढूंढे हे तू रात में दिन का पता
[00:48.85] जब मस्तियाँ चाँदनियाँ राहों में हे
[00:04.56] जब जादू चलती फिजाओ में हे
[00:09.88] क्यों ढूंढे हे तू रात में दिन का पता
[00:14.80] जब मस्तियाँ चाँदनियाँ राहों में हे
[00:20.06] क्यों देखे हे तू आँख भर इक सपना
[00:25.22] सपने यहां बुनते हजारो में हे
[00:30.38] क्यों ढूंढे हे तू भीड़ में इक अपना
[00:37.71] अपने तो यहां सब अनजाने भी हे
[00:43.66] क्यों ढूंढे हे तू रात में दिन का पता
[00:48.85] जब मस्तियाँ चाँदनियाँ राहों में हे