Umeed Hogi Koi
🎵 1581 characters
⏱️ 5:05 duration
🆔 ID: 23122738
📜 Lyrics
उम्मीद होगी कोई
हो, रात ढले वर्ना कोई आता नहीं
किसने ये पुकारा, उम्मीद होगी कोई
हो, रात ढले वर्ना कोई आता नहीं
किसने ये पुकारा, उम्मीद होगी कोई
जब भी कोई आहट सी होती है
जाने कैसी दिल में ये घबराहट सी होती है
जब भी कोई आहट सी होती है
जाने कैसी दिल में ये घबराहट सी होती है
कोई लम्हा लौटा है बेचारा, उम्मीद होगी कोई
हो, रात ढले वर्ना कोई आता नहीं
किसने ये पुकारा, उम्मीद होगी कोई
आँखें ढूँढे साए आवाज़ों के
सूने-सूने चेहरे हैं बस ख़ाली दरवाज़ों के
आँखें ढूँढे साए आवाज़ों के
सूने-सूने चेहरे हैं बस ख़ाली दरवाज़ों के
शायद कोई है, किसने फिर पुकारा, उम्मीद होगी कोई
हो, रात ढले वर्ना कोई आता नहीं
किसने फिर पुकारा, उम्मीद होगी कोई
हो, रात ढले वर्ना कोई आता नहीं
किसने ये पुकारा, उम्मीद होगी कोई
हो, रात ढले वर्ना कोई आता नहीं
किसने ये पुकारा, उम्मीद होगी कोई
जब भी कोई आहट सी होती है
जाने कैसी दिल में ये घबराहट सी होती है
जब भी कोई आहट सी होती है
जाने कैसी दिल में ये घबराहट सी होती है
कोई लम्हा लौटा है बेचारा, उम्मीद होगी कोई
हो, रात ढले वर्ना कोई आता नहीं
किसने ये पुकारा, उम्मीद होगी कोई
आँखें ढूँढे साए आवाज़ों के
सूने-सूने चेहरे हैं बस ख़ाली दरवाज़ों के
आँखें ढूँढे साए आवाज़ों के
सूने-सूने चेहरे हैं बस ख़ाली दरवाज़ों के
शायद कोई है, किसने फिर पुकारा, उम्मीद होगी कोई
हो, रात ढले वर्ना कोई आता नहीं
किसने फिर पुकारा, उम्मीद होगी कोई