Nahaye Dhoye Kya
🎵 1073 characters
⏱️ 1:37 duration
🆔 ID: 23475612
📜 Lyrics
नहाये धोये क्या हुआ, जो मन मैल न जाए ।
नहाये धोये क्या हुआ, जो मन मैल न जाए ।
मीन सदा जल में रहे, धोये बास न जाए ।
कबीरा धोये बास न जाए ।
नहाये धोये क्या हुआ, जो मन मैल न जाए ।
मीन सदा जल में रहे, धोये बास न जाए ।
कबीरा धोये बास न जाए ।
कबीर कहते हैं की ऐसे नहा धो कर
अपने शरीर को पवित्र करने का क्या मतलब
जब मन ही मैला हो
मछली चौबीस घंटे जल में रहती है
जल से निकलकर धोने के बाद भी उसकी बॉस नहीं जाती
अत आदमी के मन की शुद्धि जरुरी है
नहाये धोये क्या हुआ, जो मन मैल न जाए ।
मीन सदा जल में रहे, धोये बास न जाए ।
कबीरा धोये बास न जाए ।
नहाये धोये क्या हुआ, जो मन मैल न जाए ।
मीन सदा जल में रहे, धोये बास न जाए ।
कबीरा धोये बास न जाए ।
कबीर कहते हैं की ऐसे नहा धो कर
अपने शरीर को पवित्र करने का क्या मतलब
जब मन ही मैला हो
मछली चौबीस घंटे जल में रहती है
जल से निकलकर धोने के बाद भी उसकी बॉस नहीं जाती
अत आदमी के मन की शुद्धि जरुरी है
⏱️ Synced Lyrics
[00:05.43] नहाये धोये क्या हुआ, जो मन मैल न जाए ।
[00:16.62] नहाये धोये क्या हुआ, जो मन मैल न जाए ।
[00:27.00] मीन सदा जल में रहे, धोये बास न जाए ।
[00:36.04] कबीरा धोये बास न जाए ।
[00:43.33] नहाये धोये क्या हुआ, जो मन मैल न जाए ।
[00:54.65] मीन सदा जल में रहे, धोये बास न जाए ।
[01:03.07] कबीरा धोये बास न जाए ।
[01:10.83] कबीर कहते हैं की ऐसे नहा धो कर
[01:14.40] अपने शरीर को पवित्र करने का क्या मतलब
[01:17.05] जब मन ही मैला हो
[01:19.80] मछली चौबीस घंटे जल में रहती है
[01:23.15] जल से निकलकर धोने के बाद भी उसकी बॉस नहीं जाती
[01:28.90] अत आदमी के मन की शुद्धि जरुरी है
[00:16.62] नहाये धोये क्या हुआ, जो मन मैल न जाए ।
[00:27.00] मीन सदा जल में रहे, धोये बास न जाए ।
[00:36.04] कबीरा धोये बास न जाए ।
[00:43.33] नहाये धोये क्या हुआ, जो मन मैल न जाए ।
[00:54.65] मीन सदा जल में रहे, धोये बास न जाए ।
[01:03.07] कबीरा धोये बास न जाए ।
[01:10.83] कबीर कहते हैं की ऐसे नहा धो कर
[01:14.40] अपने शरीर को पवित्र करने का क्या मतलब
[01:17.05] जब मन ही मैला हो
[01:19.80] मछली चौबीस घंटे जल में रहती है
[01:23.15] जल से निकलकर धोने के बाद भी उसकी बॉस नहीं जाती
[01:28.90] अत आदमी के मन की शुद्धि जरुरी है