Deedah-e-Dehar - Kashish
🎵 1167 characters
⏱️ 1:03 duration
🆔 ID: 23557799
📜 Lyrics
किसी नज़र में कशिश ऐसी के दिल ठहर जाए
चाहने वाले का हर ज़ख्म खुद सवर जाए
ये जो लम्स है तेरा ये जादू का राज़ ना
दिल की वीरान गलियों में रौशनी बढ़ जाए
तेरी बातों का असर दिल पे उतरता ऐसा
हक़ है या हर दुआ तुझपे ही ठहर जाए
ये महोब्बत है, ये महोब्बत है या कोई ख्वाब का धोखा
जो भी मिले वो ही ख्वाहिश बनके बिखर जाए
मेरी हर सांस में तेरे वजूद का एहसास
मेरे दिल का हर दुःख तेरे कदम पर मर जाए
किसी नज़र में कशिश ऐसी की सब भूल जाए
दिल के हर कोशे में तू ही तू ठहर जाए
तू ही तू ठहर जाए
चाहने वाले का हर ज़ख्म खुद सवर जाए
ये जो लम्स है तेरा ये जादू का राज़ ना
दिल की वीरान गलियों में रौशनी बढ़ जाए
तेरी बातों का असर दिल पे उतरता ऐसा
हक़ है या हर दुआ तुझपे ही ठहर जाए
ये महोब्बत है, ये महोब्बत है या कोई ख्वाब का धोखा
जो भी मिले वो ही ख्वाहिश बनके बिखर जाए
मेरी हर सांस में तेरे वजूद का एहसास
मेरे दिल का हर दुःख तेरे कदम पर मर जाए
किसी नज़र में कशिश ऐसी की सब भूल जाए
दिल के हर कोशे में तू ही तू ठहर जाए
तू ही तू ठहर जाए