Home 🎬 Bollywood 🎵 Pakistani 🎤 English Pop

Caravan Guzar Gaya

👤 Mohammed Rafi 🎼 Nai Umar Ki Nai Fasal (Original Motion Picture Soundtrack) ⏱️ 6:34
🎵 3844 characters
⏱️ 6:34 duration
🆔 ID: 23668828

📜 Lyrics

स्वप्न झड़े फूल से, मीत चुभे शूल से
लुट गए श्रृंगार सभी, बाग़ के बबूल से
और हम खड़े खड़े, बहार देखते रहे
कारवां गुज़र गया, ग़ुबार देखते रहे
आँख भी खुली न थी कि हाय धूप ढल गई
पाँव जब तलक उठे कि ज़िन्दगी फिसल गई
पात पात झड़ गए कि शाख़ शाख़ जल गई
चाह तो निकल सकी न, पर उम्र निकल गई
न पर उम्र निकल गई
गीत अश्क बन गए, स्वप्न हो दफ़न गए
साथ के सभी दिए, धुआँ पहन-पहन गए
और हम झुके-झुके, मोड़ पर रुके-रुके
उम्र की चढ़ाव का उतार देखते रहे
क्या शबाब था कि फूल फूल प्यार कर उठा
क्या कमाल था कि देख आईना सिहर उठा
इस तरफ़ ज़मीन और आसमां उधर उठा
थामकर जिगर उठा कि जो मिला नज़र उठा
कि जो मिला नज़र उठा
एक दिन मगर यहाँ
ऐसी कुछ हवा चली
लुट गयी कलीकली कि घुट गयी गलीगली
और हम लुटेलुटे
वक्त से पिटेपिटे
साँस की शराब का खुमार देखते रहे
कारवाँ गुज़र गया, गुबार देखते रहे
हाथ थे मिले कि जुल्फ चाँद की सँवार दूँ
होठ थे खुले कि हर बहार को पुकार दूँ
दर्द था दिया गया कि हर दुखी को प्यार दूँ
और साँस यूँ कि स्वर्ग भूमी पर उतार दूँ
भूमी पर उतार दूँ
हो सका न कुछ मगर
शाम बन गई सहर
वह उठी लहर कि दह गये किले बिखरबिखर
और हम डरेडरे
नीर नयन में भरे
ओढ़कर कफ़न, पड़े मज़ार देखते रहे
माँग भर चली कि एक, जब नई नई किरन
ढोलकें धुमुक उठीं, ठुमक उठे चरनचरन
शोर मच गया कि लो चली दुल्हन, चली दुल्हन
गाँव सब उमड़ पड़ा, बहक उठे नयननयन
बहक उठे नयननयन
पर तभी ज़हर भरी
गाज एक वह गिरी
पुँछ गया सिंदूर तारतार हुई चूनरी
और हम अजानसे
दूर के मकान से
पालकी लिये हुए कहार देखते रहे
कारवाँ गुज़र गया, गुबार देखते रहे
स्वप्न झड़े फूल से, मीत चुभे शूल से
लुट गए श्रृंगार सभी, बाग़ के बबूल से
और हम खड़े खड़े, बहार देखते रहे
कारवाँ गुज़र गया, गुबार देखते रहे
कारवाँ गुज़र गया, गुबार देखते रहे

⭐ Rate These Lyrics

Average: 0.0/5 • 0 ratings