Commentry Tabassum & O Meri Sharmilee
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⏱️ 4:12 duration
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📜 Lyrics
ये तो सभी जानते है की Kishore Kumar भट ही लेट लतीफ थे
हमेशा की तरह इक रिकॉर्डिंग पे भट लेट आये
और आते ही कहने लगे मैंने सोचा है आज म पीछे से गाना गायुगा
सब घबरा गए इक दूसे को देखा बोले
दादा ये कितना गलत बोलल रहे है आप
Kishore Kumar कहने लगे गलत अरे गलत क्या बोलल रहा हु भाई
अरे गाना बहुत लम्बा है ४ अन्तरे है पीछे वाला आन्तरा पहले गयुगा
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
आओ ना तरसाओ ना आओ ना तरसाओ ना
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
तेरा काजल लेकर रात बनी, रात बनी
तेरी मेंहदी लेकर दिन उगा, दिन उगा
तेरी बोली सुनकर सुर जगे, सुर जगे
तेरी खुशबू लेकर फूल खिला, फूल खिला
जान-ए-मन तू है कहाँ
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
तेरी राहों से गुज़रे जब से हम, जब से हम
मुझे मेरी डगर तक याद नहीं, याद नहीं
तुझे देखा जब से दिलरुबा, दिलरुबा
मुझे मेरा घर तक याद नहीं, याद नहीं
जान-ए-मन तू है कहाँ
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
ओ नीरज नयना आ ज़रा, आ ज़रा
तेरी लाज का घूँघट खोल दूं, खोल दूं
तेरे आँचल पर कोई गीत लिखूँ, गीत लिखूँ
तेरे होंठों में अमृत घोल दूँ, घोल दूँ
जान-ए-मन तू है कहाँ
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
आओ ना तरसाओ ना आओ ना तरसाओ ना
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
हमेशा की तरह इक रिकॉर्डिंग पे भट लेट आये
और आते ही कहने लगे मैंने सोचा है आज म पीछे से गाना गायुगा
सब घबरा गए इक दूसे को देखा बोले
दादा ये कितना गलत बोलल रहे है आप
Kishore Kumar कहने लगे गलत अरे गलत क्या बोलल रहा हु भाई
अरे गाना बहुत लम्बा है ४ अन्तरे है पीछे वाला आन्तरा पहले गयुगा
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
आओ ना तरसाओ ना आओ ना तरसाओ ना
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
तेरा काजल लेकर रात बनी, रात बनी
तेरी मेंहदी लेकर दिन उगा, दिन उगा
तेरी बोली सुनकर सुर जगे, सुर जगे
तेरी खुशबू लेकर फूल खिला, फूल खिला
जान-ए-मन तू है कहाँ
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
तेरी राहों से गुज़रे जब से हम, जब से हम
मुझे मेरी डगर तक याद नहीं, याद नहीं
तुझे देखा जब से दिलरुबा, दिलरुबा
मुझे मेरा घर तक याद नहीं, याद नहीं
जान-ए-मन तू है कहाँ
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
ओ नीरज नयना आ ज़रा, आ ज़रा
तेरी लाज का घूँघट खोल दूं, खोल दूं
तेरे आँचल पर कोई गीत लिखूँ, गीत लिखूँ
तेरे होंठों में अमृत घोल दूँ, घोल दूँ
जान-ए-मन तू है कहाँ
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली
आओ ना तरसाओ ना आओ ना तरसाओ ना
ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली ओ मेरी ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली