Kabir Ye Man Maskhara
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⏱️ 1:34 duration
🆔 ID: 23771336
📜 Lyrics
कबीर ये मन मसखरा कहु तो माने रोष
कबीर ये मन मसखरा कहु तो माने रोष
जा मारद साहेब मिले तहा ना चाले कोष
रे भाई तहा ना चाले कोष
कबीर ये मन मसखरा काहु तो माने रोष
जा मारद साहेब मिले तहा ना चाले कोष
रे भाई तहा ना चाले कोष
कबीर कहते है की मन बहोत मजाकिया है मस्ती करता है
ध्यान और पूजा पाठ करते हू भक्ति के मार्ग पर चलना
मन को बिल्कुल पसंद नहीं
मन को काबू मे रखना एक सीध पुरुष के लिए भी टेढ़ी खीर है
कबीर ये मन मसखरा कहु तो माने रोष
जा मारद साहेब मिले तहा ना चाले कोष
रे भाई तहा ना चाले कोष
कबीर ये मन मसखरा काहु तो माने रोष
जा मारद साहेब मिले तहा ना चाले कोष
रे भाई तहा ना चाले कोष
कबीर कहते है की मन बहोत मजाकिया है मस्ती करता है
ध्यान और पूजा पाठ करते हू भक्ति के मार्ग पर चलना
मन को बिल्कुल पसंद नहीं
मन को काबू मे रखना एक सीध पुरुष के लिए भी टेढ़ी खीर है
⏱️ Synced Lyrics
[00:05.45] कबीर ये मन मसखरा कहु तो माने रोष
[00:16.12] कबीर ये मन मसखरा कहु तो माने रोष
[00:26.73] जा मारद साहेब मिले तहा ना चाले कोष
[00:36.08] रे भाई तहा ना चाले कोष
[00:42.92] कबीर ये मन मसखरा काहु तो माने रोष
[00:54.12] जा मारद साहेब मिले तहा ना चाले कोष
[01:03.53] रे भाई तहा ना चाले कोष
[01:12.23] कबीर कहते है की मन बहोत मजाकिया है मस्ती करता है
[01:18.04] ध्यान और पूजा पाठ करते हू भक्ति के मार्ग पर चलना
[01:22.83] मन को बिल्कुल पसंद नहीं
[01:24.23] मन को काबू मे रखना एक सीध पुरुष के लिए भी टेढ़ी खीर है
[00:16.12] कबीर ये मन मसखरा कहु तो माने रोष
[00:26.73] जा मारद साहेब मिले तहा ना चाले कोष
[00:36.08] रे भाई तहा ना चाले कोष
[00:42.92] कबीर ये मन मसखरा काहु तो माने रोष
[00:54.12] जा मारद साहेब मिले तहा ना चाले कोष
[01:03.53] रे भाई तहा ना चाले कोष
[01:12.23] कबीर कहते है की मन बहोत मजाकिया है मस्ती करता है
[01:18.04] ध्यान और पूजा पाठ करते हू भक्ति के मार्ग पर चलना
[01:22.83] मन को बिल्कुल पसंद नहीं
[01:24.23] मन को काबू मे रखना एक सीध पुरुष के लिए भी टेढ़ी खीर है