Mamta Se Bhari
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⏱️ 3:49 duration
🆔 ID: 2480667
📜 Lyrics
ममता से भरी तुझे छाओं मिली
जुग जुग जीना तू बाहुबली
है जहाँ विष और अमृत भी
मन वो मंथन स्थली
महिष मति का वंशज वो
जिसे कहते बाहुबली
रणमें वो ऐसे टूटे
जैसे टूटे कोई बिजली
है जहाँ विष और अमृत भी
मन वो मंथन स्थली
तलवारें जब वो लेहरायए
छात्र भिन्न् मस्तक हो जाए
शत्रु दल ये सोच न पाए
जाएं बचके कहाँ
माता है भाग्य विधाता
मला साथी केहलाता
ऐसा अध्भुत वो राजा
सबका मन जो जीते ओ
शाशन वही शिवगामी कहे जो
रण धर धरम का
मन में छलता हर क्षण
है जहाँ विष और अमृत भी
मन वो मंथन स्थली
जुग जुग जीना तू बाहुबली
है जहाँ विष और अमृत भी
मन वो मंथन स्थली
महिष मति का वंशज वो
जिसे कहते बाहुबली
रणमें वो ऐसे टूटे
जैसे टूटे कोई बिजली
है जहाँ विष और अमृत भी
मन वो मंथन स्थली
तलवारें जब वो लेहरायए
छात्र भिन्न् मस्तक हो जाए
शत्रु दल ये सोच न पाए
जाएं बचके कहाँ
माता है भाग्य विधाता
मला साथी केहलाता
ऐसा अध्भुत वो राजा
सबका मन जो जीते ओ
शाशन वही शिवगामी कहे जो
रण धर धरम का
मन में छलता हर क्षण
है जहाँ विष और अमृत भी
मन वो मंथन स्थली
⏱️ Synced Lyrics
[00:01.74] ममता से भरी तुझे छाओं मिली
[00:13.20] जुग जुग जीना तू बाहुबली
[00:24.04]
[00:33.78] है जहाँ विष और अमृत भी
[00:40.57] मन वो मंथन स्थली
[00:49.08]
[01:00.52] महिष मति का वंशज वो
[01:04.73] जिसे कहते बाहुबली
[01:09.51]
[01:12.52] रणमें वो ऐसे टूटे
[01:16.61] जैसे टूटे कोई बिजली
[01:21.39]
[01:23.69] है जहाँ विष और अमृत भी
[01:30.71] मन वो मंथन स्थली
[01:39.30]
[02:02.23] तलवारें जब वो लेहरायए
[02:04.97] छात्र भिन्न् मस्तक हो जाए
[02:07.15] शत्रु दल ये सोच न पाए
[02:09.42] जाएं बचके कहाँ
[02:18.93] माता है भाग्य विधाता
[02:22.08] मला साथी केहलाता
[02:23.79] ऐसा अध्भुत वो राजा
[02:26.20] सबका मन जो जीते ओ
[02:35.43] शाशन वही शिवगामी कहे जो
[02:40.06] रण धर धरम का
[02:42.56] मन में छलता हर क्षण
[02:46.99] है जहाँ विष और अमृत भी
[02:51.62] मन वो मंथन स्थली
[02:57.78]
[00:13.20] जुग जुग जीना तू बाहुबली
[00:24.04]
[00:33.78] है जहाँ विष और अमृत भी
[00:40.57] मन वो मंथन स्थली
[00:49.08]
[01:00.52] महिष मति का वंशज वो
[01:04.73] जिसे कहते बाहुबली
[01:09.51]
[01:12.52] रणमें वो ऐसे टूटे
[01:16.61] जैसे टूटे कोई बिजली
[01:21.39]
[01:23.69] है जहाँ विष और अमृत भी
[01:30.71] मन वो मंथन स्थली
[01:39.30]
[02:02.23] तलवारें जब वो लेहरायए
[02:04.97] छात्र भिन्न् मस्तक हो जाए
[02:07.15] शत्रु दल ये सोच न पाए
[02:09.42] जाएं बचके कहाँ
[02:18.93] माता है भाग्य विधाता
[02:22.08] मला साथी केहलाता
[02:23.79] ऐसा अध्भुत वो राजा
[02:26.20] सबका मन जो जीते ओ
[02:35.43] शाशन वही शिवगामी कहे जो
[02:40.06] रण धर धरम का
[02:42.56] मन में छलता हर क्षण
[02:46.99] है जहाँ विष और अमृत भी
[02:51.62] मन वो मंथन स्थली
[02:57.78]