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Aate Jaate Khobsurat (Anurodh)

👤 Kishore Kumar 🎼 Legends Vol 5 ⏱️ 5:52
🎵 3958 characters
⏱️ 5:52 duration
🆔 ID: 24853953

📜 Lyrics

आते-जाते ख़ूबसूरत, आवारा सड़कों पे
कभी-कभी इत्तिफ़ाक़ से...

आते-जाते ख़ूबसूरत, आवारा सड़कों पे
कभी-कभी इत्तिफ़ाक़ से कितने अनजान लोग मिल जाते हैं
उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं
उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं

आते-जाते ख़ूबसूरत, आवारा सड़कों पे
कभी-कभी इत्तिफ़ाक़ से कितने अनजान लोग मिल जाते हैं
उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं
उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं

आवाज़ की दुनिया के, दोस्तों
कल रात किसी जगह पे मुझको

किस क़दर ये हसीं ख़याल मिला है
राह में एक रेशमी रुमाल मिला है
किस क़दर ये हसीं ख़याल मिला है
राह में एक रेशमी रुमाल मिला है

जो गिराया था किसी ने जान कर
जिसका हो, ले जाए वो पहचान कर
वर्ना मैं रख लूँगा उस को अपना जान कर
किसी हुस्न वाले की निशानी मान कर, निशानी मान कर

हँसते-गाते लोगों की बातों ही बातों में
कभी-कभी एक मज़ाक़ से कितने जवान क़िस्से बन जाते हैं
उन क़िस्सों में चंद भूल जाते हैं, चंद याद रह जाते हैं
उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं

तक़दीर मुझ पे मेहरबान है
जिस शोख़ की ये दास्तान है

उसने भी शायद ये पैग़ाम सुना हो
मेरे गीतों में अपना नाम सुना हो
उसने भी शायद ये पैग़ाम सुना हो
मेरे गीतों में अपना नाम सुना हो

दूर बैठी ये राज़ वो जान ले
मेरी आवाज़ को पहचान ले
काश, फिर कल रात जैसी बरसात हो
और मेरी-उसकी कहीं मुलाक़ात हो, मुलाक़ात हो

लंबी-लंबी रातों में नींद नहीं जब आती
कभी-कभी इस फ़िराक़ से कितने हसीन ख़्वाब बन जाते हैं
उनमें से कुछ ख़्वाब भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं
उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं

आते-जाते ख़ूबसूरत, आवारा सड़कों पे
कभी-कभी इत्तिफ़ाक़ से कितने अनजान लोग मिल जाते हैं
उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं

⏱️ Synced Lyrics

[00:04.45] आते-जाते ख़ूबसूरत, आवारा सड़कों पे
[00:11.81] कभी-कभी इत्तिफ़ाक़ से...
[00:23.23] आते-जाते ख़ूबसूरत, आवारा सड़कों पे
[00:28.81] कभी-कभी इत्तिफ़ाक़ से कितने अनजान लोग मिल जाते हैं
[00:39.88] उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं
[00:50.99] उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं
[01:02.09] आते-जाते ख़ूबसूरत, आवारा सड़कों पे
[01:07.49] कभी-कभी इत्तिफ़ाक़ से कितने अनजान लोग मिल जाते हैं
[01:18.52] उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं
[01:29.53] उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं
[01:40.07]
[02:03.49] आवाज़ की दुनिया के, दोस्तों
[02:06.06] कल रात किसी जगह पे मुझको
[02:08.85] किस क़दर ये हसीं ख़याल मिला है
[02:14.40] राह में एक रेशमी रुमाल मिला है
[02:19.59] किस क़दर ये हसीं ख़याल मिला है
[02:25.43] राह में एक रेशमी रुमाल मिला है
[02:30.59] जो गिराया था किसी ने जान कर
[02:35.85] जिसका हो, ले जाए वो पहचान कर
[02:41.42] वर्ना मैं रख लूँगा उस को अपना जान कर
[02:47.01] किसी हुस्न वाले की निशानी मान कर, निशानी मान कर
[02:55.72] हँसते-गाते लोगों की बातों ही बातों में
[03:01.60] कभी-कभी एक मज़ाक़ से कितने जवान क़िस्से बन जाते हैं
[03:12.57] उन क़िस्सों में चंद भूल जाते हैं, चंद याद रह जाते हैं
[03:23.66] उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं
[03:34.28]
[03:51.74] तक़दीर मुझ पे मेहरबान है
[03:54.41] जिस शोख़ की ये दास्तान है
[03:57.26] उसने भी शायद ये पैग़ाम सुना हो
[04:02.81] मेरे गीतों में अपना नाम सुना हो
[04:08.39] उसने भी शायद ये पैग़ाम सुना हो
[04:13.76] मेरे गीतों में अपना नाम सुना हो
[04:18.68] दूर बैठी ये राज़ वो जान ले
[04:24.15] मेरी आवाज़ को पहचान ले
[04:29.59] काश, फिर कल रात जैसी बरसात हो
[04:35.13] और मेरी-उसकी कहीं मुलाक़ात हो, मुलाक़ात हो
[04:43.95] लंबी-लंबी रातों में नींद नहीं जब आती
[04:49.57] कभी-कभी इस फ़िराक़ से कितने हसीन ख़्वाब बन जाते हैं
[05:00.32] उनमें से कुछ ख़्वाब भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं
[05:11.06] उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं
[05:22.05] आते-जाते ख़ूबसूरत, आवारा सड़कों पे
[05:27.43] कभी-कभी इत्तिफ़ाक़ से कितने अनजान लोग मिल जाते हैं
[05:38.38] उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं
[05:50.35]

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