Jab Ek Qaza Se Guzro To
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⏱️ 3:13 duration
🆔 ID: 25921087
📜 Lyrics
जब एक क़ज़ा से गुज़रो तो
एक और क़ज़ा मिल जाती है
मरने की घड़ी मिलती है अगर
जीने की सज़ा मिल जाती है
इस दर्द के बहते दरिया में
हर ग़म है, मरहम कोई नहीं
हर दर्द का हिस्सा मिलता है
ईसा की मरियम कोई नहीं
साँसों की इजाज़त मिलती नहीं
जीने की रज़ा मिल जाती है
मैं वक़्त का मुज़रिम हूँ, लेकिन
इस वक़्त ने क्या इंसाफ़ किया
जब तक जीते हो, जलते रहो
जल जाओ तो कहना, "माफ़ किया"
जल जाए ज़रा सी चिंगारी
तो और हवा मिल जाती है
जब एक क़ज़ा से गुज़रो तो
एक और क़ज़ा मिल जाती है
मरने की घड़ी मिलती है अगर
जीने की सज़ा मिल जाती है
एक और क़ज़ा मिल जाती है
मरने की घड़ी मिलती है अगर
जीने की सज़ा मिल जाती है
इस दर्द के बहते दरिया में
हर ग़म है, मरहम कोई नहीं
हर दर्द का हिस्सा मिलता है
ईसा की मरियम कोई नहीं
साँसों की इजाज़त मिलती नहीं
जीने की रज़ा मिल जाती है
मैं वक़्त का मुज़रिम हूँ, लेकिन
इस वक़्त ने क्या इंसाफ़ किया
जब तक जीते हो, जलते रहो
जल जाओ तो कहना, "माफ़ किया"
जल जाए ज़रा सी चिंगारी
तो और हवा मिल जाती है
जब एक क़ज़ा से गुज़रो तो
एक और क़ज़ा मिल जाती है
मरने की घड़ी मिलती है अगर
जीने की सज़ा मिल जाती है
⏱️ Synced Lyrics
[00:25.79] जब एक क़ज़ा से गुज़रो तो
[00:30.73] एक और क़ज़ा मिल जाती है
[00:36.12] मरने की घड़ी मिलती है अगर
[00:41.17] जीने की सज़ा मिल जाती है
[00:46.76]
[01:06.39] इस दर्द के बहते दरिया में
[01:14.10] हर ग़म है, मरहम कोई नहीं
[01:19.21] हर दर्द का हिस्सा मिलता है
[01:24.22] ईसा की मरियम कोई नहीं
[01:29.12] साँसों की इजाज़त मिलती नहीं
[01:34.30] जीने की रज़ा मिल जाती है
[01:40.05]
[02:07.49] मैं वक़्त का मुज़रिम हूँ, लेकिन
[02:14.96] इस वक़्त ने क्या इंसाफ़ किया
[02:20.06] जब तक जीते हो, जलते रहो
[02:25.14] जल जाओ तो कहना, "माफ़ किया"
[02:30.12] जल जाए ज़रा सी चिंगारी
[02:35.18] तो और हवा मिल जाती है
[02:45.21] जब एक क़ज़ा से गुज़रो तो
[02:50.22] एक और क़ज़ा मिल जाती है
[02:55.44] मरने की घड़ी मिलती है अगर
[03:00.54] जीने की सज़ा मिल जाती है
[03:05.81]
[00:30.73] एक और क़ज़ा मिल जाती है
[00:36.12] मरने की घड़ी मिलती है अगर
[00:41.17] जीने की सज़ा मिल जाती है
[00:46.76]
[01:06.39] इस दर्द के बहते दरिया में
[01:14.10] हर ग़म है, मरहम कोई नहीं
[01:19.21] हर दर्द का हिस्सा मिलता है
[01:24.22] ईसा की मरियम कोई नहीं
[01:29.12] साँसों की इजाज़त मिलती नहीं
[01:34.30] जीने की रज़ा मिल जाती है
[01:40.05]
[02:07.49] मैं वक़्त का मुज़रिम हूँ, लेकिन
[02:14.96] इस वक़्त ने क्या इंसाफ़ किया
[02:20.06] जब तक जीते हो, जलते रहो
[02:25.14] जल जाओ तो कहना, "माफ़ किया"
[02:30.12] जल जाए ज़रा सी चिंगारी
[02:35.18] तो और हवा मिल जाती है
[02:45.21] जब एक क़ज़ा से गुज़रो तो
[02:50.22] एक और क़ज़ा मिल जाती है
[02:55.44] मरने की घड़ी मिलती है अगर
[03:00.54] जीने की सज़ा मिल जाती है
[03:05.81]