Lamha Lamha (Duet)
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⏱️ 5:25 duration
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📜 Lyrics
लम्हा-लम्हा दूरी यूँ पिघलती है
जाने किस आग में ये शबनम जलती है
हो, लम्हा-लम्हा दूरी यूँ पिघलती है
जाने किस आग में ये शबनम जलती है
ख़्वाहिशों की शाम ढलती है
ख़्वाहिशों की शाम ढलती है
जाने किस आग में ये शबनम जलती है
तेरी आँखें दिखाती हैं
हमें सपने सितारों के, हो-हो
तेरे होंठों पे लिखा है
जो तुम बोले इशारों में, हो-हो
ख़्वाबों के कारवाँ में रात चलती है
जाने किस आग में ये शबनम जलती है
बहकती शाम आई है
तुझे ले कर के बाँहों में, हो-हो
तुझे छू लूँ कि रखूँ मैं
छुपा कर के निगाहों में, हो-हो
शरमाती-इठलाती है, मचलती है
जाने किस आग में ये शबनम जलती है
हो, लम्हा-लम्हा दूरी यूँ पिघलती है
जाने किस आग में ये शबनम जलती है
ख़्वाहिशों की शाम ढलती है
ख़्वाहिशों की शाम ढलती है
जाने किस आग में ये शबनम जलती है
जाने किस आग में ये शबनम जलती है
हो, लम्हा-लम्हा दूरी यूँ पिघलती है
जाने किस आग में ये शबनम जलती है
ख़्वाहिशों की शाम ढलती है
ख़्वाहिशों की शाम ढलती है
जाने किस आग में ये शबनम जलती है
तेरी आँखें दिखाती हैं
हमें सपने सितारों के, हो-हो
तेरे होंठों पे लिखा है
जो तुम बोले इशारों में, हो-हो
ख़्वाबों के कारवाँ में रात चलती है
जाने किस आग में ये शबनम जलती है
बहकती शाम आई है
तुझे ले कर के बाँहों में, हो-हो
तुझे छू लूँ कि रखूँ मैं
छुपा कर के निगाहों में, हो-हो
शरमाती-इठलाती है, मचलती है
जाने किस आग में ये शबनम जलती है
हो, लम्हा-लम्हा दूरी यूँ पिघलती है
जाने किस आग में ये शबनम जलती है
ख़्वाहिशों की शाम ढलती है
ख़्वाहिशों की शाम ढलती है
जाने किस आग में ये शबनम जलती है