Dayr E Dil Ki Raat Mein Charagh Sa Jala Gaya
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📜 Lyrics
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
जुदाइयों के ज़ख्म दर्द-ए-ज़िंदगी ने भर दिए
जुदाइयों के ज़ख्म दर्द-ए-ज़िंदगी ने भर दिए
तुझे भी नींद आ गयी, मुझे भी सब्र आ गया
तुझे भी नींद आ गयी, मुझे भी सब्र आ गया
मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
ये सुब्ह की सफ़ेदियाँ, ये दोपहर की ज़र्दियाँ
ये सुब्ह की सफ़ेदियाँ, ये दोपहर की ज़र्दियाँ
अब आईने में देखता हूँ, मैं कहाँ चला गया
अब आईने में देखता हूँ, मैं कहाँ चला गया
मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
वो दोस्ती तो ख़ैर अब नसीब-ए-दुश्मनाँ हुई
वो दोस्ती तो ख़ैर अब नसीब-ए-दुश्मनाँ हुई
वो छोटी-छोटी रंजिशों का लुत्फ़ भी चला गया
वो छोटी-छोटी रंजिशों का लुत्फ़ भी चला गया
मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
ये किस ख़ुशी की रेत पर ग़मों को नींद आ गई
ये किस ख़ुशी की रेत पर ग़मों को नींद आ गई
वो लहर किस तरफ़ गई, ये मैं कहाँ समा गया
वो लहर किस तरफ़ गई, ये मैं कहाँ समा गया
मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
जुदाइयों के ज़ख्म दर्द-ए-ज़िंदगी ने भर दिए
जुदाइयों के ज़ख्म दर्द-ए-ज़िंदगी ने भर दिए
तुझे भी नींद आ गयी, मुझे भी सब्र आ गया
तुझे भी नींद आ गयी, मुझे भी सब्र आ गया
मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
ये सुब्ह की सफ़ेदियाँ, ये दोपहर की ज़र्दियाँ
ये सुब्ह की सफ़ेदियाँ, ये दोपहर की ज़र्दियाँ
अब आईने में देखता हूँ, मैं कहाँ चला गया
अब आईने में देखता हूँ, मैं कहाँ चला गया
मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
वो दोस्ती तो ख़ैर अब नसीब-ए-दुश्मनाँ हुई
वो दोस्ती तो ख़ैर अब नसीब-ए-दुश्मनाँ हुई
वो छोटी-छोटी रंजिशों का लुत्फ़ भी चला गया
वो छोटी-छोटी रंजिशों का लुत्फ़ भी चला गया
मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
ये किस ख़ुशी की रेत पर ग़मों को नींद आ गई
ये किस ख़ुशी की रेत पर ग़मों को नींद आ गई
वो लहर किस तरफ़ गई, ये मैं कहाँ समा गया
वो लहर किस तरफ़ गई, ये मैं कहाँ समा गया
मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
⏱️ Synced Lyrics
[00:43.08] दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
[00:53.86] दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
[01:04.70] मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
[01:15.08] दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
[01:25.99]
[01:57.83] जुदाइयों के ज़ख्म दर्द-ए-ज़िंदगी ने भर दिए
[02:11.07] जुदाइयों के ज़ख्म दर्द-ए-ज़िंदगी ने भर दिए
[02:21.70] तुझे भी नींद आ गयी, मुझे भी सब्र आ गया
[02:32.28] तुझे भी नींद आ गयी, मुझे भी सब्र आ गया
[02:42.89] मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
[02:52.91] दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
[03:03.65]
[03:24.77] ये सुब्ह की सफ़ेदियाँ, ये दोपहर की ज़र्दियाँ
[03:38.01] ये सुब्ह की सफ़ेदियाँ, ये दोपहर की ज़र्दियाँ
[03:48.26] अब आईने में देखता हूँ, मैं कहाँ चला गया
[03:58.74] अब आईने में देखता हूँ, मैं कहाँ चला गया
[04:09.16] मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
[04:19.57] दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
[04:30.40]
[04:56.78] वो दोस्ती तो ख़ैर अब नसीब-ए-दुश्मनाँ हुई
[05:09.95] वो दोस्ती तो ख़ैर अब नसीब-ए-दुश्मनाँ हुई
[05:20.57] वो छोटी-छोटी रंजिशों का लुत्फ़ भी चला गया
[05:31.07] वो छोटी-छोटी रंजिशों का लुत्फ़ भी चला गया
[05:41.89] मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
[05:51.93] दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
[06:02.70]
[06:23.84] ये किस ख़ुशी की रेत पर ग़मों को नींद आ गई
[06:36.89] ये किस ख़ुशी की रेत पर ग़मों को नींद आ गई
[06:47.46] वो लहर किस तरफ़ गई, ये मैं कहाँ समा गया
[06:58.03] वो लहर किस तरफ़ गई, ये मैं कहाँ समा गया
[07:08.57] मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
[07:19.02] दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
[07:29.66] दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
[07:39.90]
[00:53.86] दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
[01:04.70] मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
[01:15.08] दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
[01:25.99]
[01:57.83] जुदाइयों के ज़ख्म दर्द-ए-ज़िंदगी ने भर दिए
[02:11.07] जुदाइयों के ज़ख्म दर्द-ए-ज़िंदगी ने भर दिए
[02:21.70] तुझे भी नींद आ गयी, मुझे भी सब्र आ गया
[02:32.28] तुझे भी नींद आ गयी, मुझे भी सब्र आ गया
[02:42.89] मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
[02:52.91] दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
[03:03.65]
[03:24.77] ये सुब्ह की सफ़ेदियाँ, ये दोपहर की ज़र्दियाँ
[03:38.01] ये सुब्ह की सफ़ेदियाँ, ये दोपहर की ज़र्दियाँ
[03:48.26] अब आईने में देखता हूँ, मैं कहाँ चला गया
[03:58.74] अब आईने में देखता हूँ, मैं कहाँ चला गया
[04:09.16] मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
[04:19.57] दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
[04:30.40]
[04:56.78] वो दोस्ती तो ख़ैर अब नसीब-ए-दुश्मनाँ हुई
[05:09.95] वो दोस्ती तो ख़ैर अब नसीब-ए-दुश्मनाँ हुई
[05:20.57] वो छोटी-छोटी रंजिशों का लुत्फ़ भी चला गया
[05:31.07] वो छोटी-छोटी रंजिशों का लुत्फ़ भी चला गया
[05:41.89] मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
[05:51.93] दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
[06:02.70]
[06:23.84] ये किस ख़ुशी की रेत पर ग़मों को नींद आ गई
[06:36.89] ये किस ख़ुशी की रेत पर ग़मों को नींद आ गई
[06:47.46] वो लहर किस तरफ़ गई, ये मैं कहाँ समा गया
[06:58.03] वो लहर किस तरफ़ गई, ये मैं कहाँ समा गया
[07:08.57] मिला नहीं तो क्या हुआ, वो शक्ल तो दिखा गया
[07:19.02] दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
[07:29.66] दयार-ए-दिल की रात में चराग़ सा जला गया
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