Mantoiyat
🎵 4853 characters
⏱️ 3:13 duration
🆔 ID: 2705604
📜 Lyrics
Raftaar
सवाल ये है कि जो चीज़ जैसी है
उसे वैसे ही पेश क्यों ना किया जाए?
मैं तो बस अपनी कहानियों को एक आईना समझता हूँ
जिसमें समाज अपने आप को देख सके, देख सके
Uh, आईना ना देखना चाहे समाज मेरा
Uh, पूछे मेरा कल, ना देखते ये आज मेरा
Uh, खोदते, खरोंदते ये मेरी ग़लतियाँ
मैं भी चल दिया, मेरी सोच पे है राज मेरा
कान बंद, आँखें बंद, इनके मुँह पे ताले
इनमें ज़ोर ना कि सत्य पे प्रकाश डाले
बोलें सच जो उसके चेहरे पे तेज़ाब डालें
घूमें फिर खुले में और जलें जो वो नकाब डालें
(Off, off) off है, दिमाग़ सबका off है
ज़माना क्या कहेगा, इसका ही तो सबको ख़ौफ़ है
Uh, दबके जीते हैं, दबाने के ये आदी हैं
Sex निषेध है तो इतनी क्यूँ आबादी है?
लोग ये हैं आत्मा से खोखले
खुद करें तो ठीक, बाक़ी ग़लत, दोगले!
गाली दे दूँ हिंदी में तो बोले, "ऐसा क्यूँ किया?"
Fuck क्यों है cool? जाने ग़लत क्यों है चूतिया
क्या इस तरह के अल्फ़ाज़
हमें सड़कों पे सुनाई नहीं पड़ते?
Manto एक इंसान है
Man-Man-Manto एक इंसान है
Manto एक इंसान है
Manto एक इंसान है
मुझ पर इल्ज़ाम है
मुझ पर, मुझ पर, मुझ पर इल्ज़ाम है
मुझ पर इल्ज़ाम है
Manto एक इंसान है
जात में ये बाँटते हैं, बाँट के ये काटते हैं
कटने वाले खाट पे हैं, इनकी मौज रात में है
लाल बत्ती वाली गाड़ी, glass इनके हाथ में है
राजनीति में है चोर, police इनके साथ में
मेरी बातें तुमको सच नहीं लगती
सच्ची बातें तुमको, यारा, पच नहीं सकती
मुझसे नासमझ हैं दुगनी मेरी age के
एक पैर कब्र में, ये भूखे हैं दहेज के
बेटियों को मारते, बेटियाँ ना पालते
बेटियों पे दूसरों की नज़रें गंदी डालते
लड़कियाँ पटाके उनको "बंदी" बोलते हैं
और जो राज़ी ना हो उनको, साले, "रंडी" बोलते हैं
बाप रोज़ माँ पे ठोस हाथ जो उठाएगा
बेज़ुबान बोलने से पहले सीख जाएगा
(कि) मर्द तब बनेगा जब तू औरतें दबाएगा
सोच ये रही तो जल्दी देश डूब जाएगा
मैं उस society की चोली क्या उतारूँगा जो पहले से नंगी है
उसे कपड़े पहनाना मेरा काम नहीं है
मैं काली तख़्ती पर सफ़ेद chalk इस्तेमाल करता हूँ
ताकि काली तख़्ती और नुमाया हो जाए
Manto एक इंसा-
मैं घंटों पढ़ा है तुमको, Manto
तुम्हारे जैसा बनूँ करे मेरा मन तो
इन बंदों को सच नहीं दिखता
७० साल आज़ादी के, सच आज भी नहीं बिकता
अगर आप मेरी कहानी को
बर्दाश्त नहीं कर सकते
तो इसका मतलब ये है
कि ये ज़माना ही ना-क़ाबिल-ए-बरदाश्त है
सवाल ये है कि जो चीज़ जैसी है
उसे वैसे ही पेश क्यों ना किया जाए?
मैं तो बस अपनी कहानियों को एक आईना समझता हूँ
जिसमें समाज अपने आप को देख सके, देख सके
Uh, आईना ना देखना चाहे समाज मेरा
Uh, पूछे मेरा कल, ना देखते ये आज मेरा
Uh, खोदते, खरोंदते ये मेरी ग़लतियाँ
मैं भी चल दिया, मेरी सोच पे है राज मेरा
कान बंद, आँखें बंद, इनके मुँह पे ताले
इनमें ज़ोर ना कि सत्य पे प्रकाश डाले
बोलें सच जो उसके चेहरे पे तेज़ाब डालें
घूमें फिर खुले में और जलें जो वो नकाब डालें
(Off, off) off है, दिमाग़ सबका off है
ज़माना क्या कहेगा, इसका ही तो सबको ख़ौफ़ है
Uh, दबके जीते हैं, दबाने के ये आदी हैं
Sex निषेध है तो इतनी क्यूँ आबादी है?
लोग ये हैं आत्मा से खोखले
खुद करें तो ठीक, बाक़ी ग़लत, दोगले!
गाली दे दूँ हिंदी में तो बोले, "ऐसा क्यूँ किया?"
Fuck क्यों है cool? जाने ग़लत क्यों है चूतिया
क्या इस तरह के अल्फ़ाज़
हमें सड़कों पे सुनाई नहीं पड़ते?
Manto एक इंसान है
Man-Man-Manto एक इंसान है
Manto एक इंसान है
Manto एक इंसान है
मुझ पर इल्ज़ाम है
मुझ पर, मुझ पर, मुझ पर इल्ज़ाम है
मुझ पर इल्ज़ाम है
Manto एक इंसान है
जात में ये बाँटते हैं, बाँट के ये काटते हैं
कटने वाले खाट पे हैं, इनकी मौज रात में है
लाल बत्ती वाली गाड़ी, glass इनके हाथ में है
राजनीति में है चोर, police इनके साथ में
मेरी बातें तुमको सच नहीं लगती
सच्ची बातें तुमको, यारा, पच नहीं सकती
मुझसे नासमझ हैं दुगनी मेरी age के
एक पैर कब्र में, ये भूखे हैं दहेज के
बेटियों को मारते, बेटियाँ ना पालते
बेटियों पे दूसरों की नज़रें गंदी डालते
लड़कियाँ पटाके उनको "बंदी" बोलते हैं
और जो राज़ी ना हो उनको, साले, "रंडी" बोलते हैं
बाप रोज़ माँ पे ठोस हाथ जो उठाएगा
बेज़ुबान बोलने से पहले सीख जाएगा
(कि) मर्द तब बनेगा जब तू औरतें दबाएगा
सोच ये रही तो जल्दी देश डूब जाएगा
मैं उस society की चोली क्या उतारूँगा जो पहले से नंगी है
उसे कपड़े पहनाना मेरा काम नहीं है
मैं काली तख़्ती पर सफ़ेद chalk इस्तेमाल करता हूँ
ताकि काली तख़्ती और नुमाया हो जाए
Manto एक इंसा-
मैं घंटों पढ़ा है तुमको, Manto
तुम्हारे जैसा बनूँ करे मेरा मन तो
इन बंदों को सच नहीं दिखता
७० साल आज़ादी के, सच आज भी नहीं बिकता
अगर आप मेरी कहानी को
बर्दाश्त नहीं कर सकते
तो इसका मतलब ये है
कि ये ज़माना ही ना-क़ाबिल-ए-बरदाश्त है
⏱️ Synced Lyrics
[00:04.34] Raftaar
[00:07.46]
[00:11.23] सवाल ये है कि जो चीज़ जैसी है
[00:12.84] उसे वैसे ही पेश क्यों ना किया जाए?
[00:16.68] मैं तो बस अपनी कहानियों को एक आईना समझता हूँ
[00:18.56] जिसमें समाज अपने आप को देख सके, देख सके
[00:21.40] Uh, आईना ना देखना चाहे समाज मेरा
[00:23.98] Uh, पूछे मेरा कल, ना देखते ये आज मेरा
[00:26.73] Uh, खोदते, खरोंदते ये मेरी ग़लतियाँ
[00:29.27] मैं भी चल दिया, मेरी सोच पे है राज मेरा
[00:32.41] कान बंद, आँखें बंद, इनके मुँह पे ताले
[00:35.07] इनमें ज़ोर ना कि सत्य पे प्रकाश डाले
[00:37.69] बोलें सच जो उसके चेहरे पे तेज़ाब डालें
[00:39.91] घूमें फिर खुले में और जलें जो वो नकाब डालें
[00:42.78] (Off, off) off है, दिमाग़ सबका off है
[00:45.10] ज़माना क्या कहेगा, इसका ही तो सबको ख़ौफ़ है
[00:47.96] Uh, दबके जीते हैं, दबाने के ये आदी हैं
[00:50.44] Sex निषेध है तो इतनी क्यूँ आबादी है?
[00:53.96] लोग ये हैं आत्मा से खोखले
[00:55.88] खुद करें तो ठीक, बाक़ी ग़लत, दोगले!
[00:58.87] गाली दे दूँ हिंदी में तो बोले, "ऐसा क्यूँ किया?"
[01:01.35] Fuck क्यों है cool? जाने ग़लत क्यों है चूतिया
[01:03.98] क्या इस तरह के अल्फ़ाज़
[01:05.08] हमें सड़कों पे सुनाई नहीं पड़ते?
[01:07.99] Manto एक इंसान है
[01:09.64] Man-Man-Manto एक इंसान है
[01:13.33] Manto एक इंसान है
[01:15.88] Manto एक इंसान है
[01:18.56] मुझ पर इल्ज़ाम है
[01:20.23] मुझ पर, मुझ पर, मुझ पर इल्ज़ाम है
[01:23.88] मुझ पर इल्ज़ाम है
[01:26.73] Manto एक इंसान है
[01:27.87] जात में ये बाँटते हैं, बाँट के ये काटते हैं
[01:30.71] कटने वाले खाट पे हैं, इनकी मौज रात में है
[01:33.38] लाल बत्ती वाली गाड़ी, glass इनके हाथ में है
[01:36.04] राजनीति में है चोर, police इनके साथ में
[01:38.96] मेरी बातें तुमको सच नहीं लगती
[01:41.47] सच्ची बातें तुमको, यारा, पच नहीं सकती
[01:44.32] मुझसे नासमझ हैं दुगनी मेरी age के
[01:46.80] एक पैर कब्र में, ये भूखे हैं दहेज के
[01:49.44] बेटियों को मारते, बेटियाँ ना पालते
[01:51.92] बेटियों पे दूसरों की नज़रें गंदी डालते
[01:54.67] लड़कियाँ पटाके उनको "बंदी" बोलते हैं
[01:57.02] और जो राज़ी ना हो उनको, साले, "रंडी" बोलते हैं
[02:00.14] बाप रोज़ माँ पे ठोस हाथ जो उठाएगा
[02:02.74] बेज़ुबान बोलने से पहले सीख जाएगा
[02:05.14] (कि) मर्द तब बनेगा जब तू औरतें दबाएगा
[02:07.90] सोच ये रही तो जल्दी देश डूब जाएगा
[02:11.69] मैं उस society की चोली क्या उतारूँगा जो पहले से नंगी है
[02:16.19] उसे कपड़े पहनाना मेरा काम नहीं है
[02:19.87] मैं काली तख़्ती पर सफ़ेद chalk इस्तेमाल करता हूँ
[02:24.06] ताकि काली तख़्ती और नुमाया हो जाए
[02:30.64] Manto एक इंसा-
[02:32.25] मैं घंटों पढ़ा है तुमको, Manto
[02:34.85] तुम्हारे जैसा बनूँ करे मेरा मन तो
[02:37.52] इन बंदों को सच नहीं दिखता
[02:39.88] ७० साल आज़ादी के, सच आज भी नहीं बिकता
[02:43.19] अगर आप मेरी कहानी को
[02:44.30] बर्दाश्त नहीं कर सकते
[02:47.45] तो इसका मतलब ये है
[02:49.70] कि ये ज़माना ही ना-क़ाबिल-ए-बरदाश्त है
[02:52.77]
[00:07.46]
[00:11.23] सवाल ये है कि जो चीज़ जैसी है
[00:12.84] उसे वैसे ही पेश क्यों ना किया जाए?
[00:16.68] मैं तो बस अपनी कहानियों को एक आईना समझता हूँ
[00:18.56] जिसमें समाज अपने आप को देख सके, देख सके
[00:21.40] Uh, आईना ना देखना चाहे समाज मेरा
[00:23.98] Uh, पूछे मेरा कल, ना देखते ये आज मेरा
[00:26.73] Uh, खोदते, खरोंदते ये मेरी ग़लतियाँ
[00:29.27] मैं भी चल दिया, मेरी सोच पे है राज मेरा
[00:32.41] कान बंद, आँखें बंद, इनके मुँह पे ताले
[00:35.07] इनमें ज़ोर ना कि सत्य पे प्रकाश डाले
[00:37.69] बोलें सच जो उसके चेहरे पे तेज़ाब डालें
[00:39.91] घूमें फिर खुले में और जलें जो वो नकाब डालें
[00:42.78] (Off, off) off है, दिमाग़ सबका off है
[00:45.10] ज़माना क्या कहेगा, इसका ही तो सबको ख़ौफ़ है
[00:47.96] Uh, दबके जीते हैं, दबाने के ये आदी हैं
[00:50.44] Sex निषेध है तो इतनी क्यूँ आबादी है?
[00:53.96] लोग ये हैं आत्मा से खोखले
[00:55.88] खुद करें तो ठीक, बाक़ी ग़लत, दोगले!
[00:58.87] गाली दे दूँ हिंदी में तो बोले, "ऐसा क्यूँ किया?"
[01:01.35] Fuck क्यों है cool? जाने ग़लत क्यों है चूतिया
[01:03.98] क्या इस तरह के अल्फ़ाज़
[01:05.08] हमें सड़कों पे सुनाई नहीं पड़ते?
[01:07.99] Manto एक इंसान है
[01:09.64] Man-Man-Manto एक इंसान है
[01:13.33] Manto एक इंसान है
[01:15.88] Manto एक इंसान है
[01:18.56] मुझ पर इल्ज़ाम है
[01:20.23] मुझ पर, मुझ पर, मुझ पर इल्ज़ाम है
[01:23.88] मुझ पर इल्ज़ाम है
[01:26.73] Manto एक इंसान है
[01:27.87] जात में ये बाँटते हैं, बाँट के ये काटते हैं
[01:30.71] कटने वाले खाट पे हैं, इनकी मौज रात में है
[01:33.38] लाल बत्ती वाली गाड़ी, glass इनके हाथ में है
[01:36.04] राजनीति में है चोर, police इनके साथ में
[01:38.96] मेरी बातें तुमको सच नहीं लगती
[01:41.47] सच्ची बातें तुमको, यारा, पच नहीं सकती
[01:44.32] मुझसे नासमझ हैं दुगनी मेरी age के
[01:46.80] एक पैर कब्र में, ये भूखे हैं दहेज के
[01:49.44] बेटियों को मारते, बेटियाँ ना पालते
[01:51.92] बेटियों पे दूसरों की नज़रें गंदी डालते
[01:54.67] लड़कियाँ पटाके उनको "बंदी" बोलते हैं
[01:57.02] और जो राज़ी ना हो उनको, साले, "रंडी" बोलते हैं
[02:00.14] बाप रोज़ माँ पे ठोस हाथ जो उठाएगा
[02:02.74] बेज़ुबान बोलने से पहले सीख जाएगा
[02:05.14] (कि) मर्द तब बनेगा जब तू औरतें दबाएगा
[02:07.90] सोच ये रही तो जल्दी देश डूब जाएगा
[02:11.69] मैं उस society की चोली क्या उतारूँगा जो पहले से नंगी है
[02:16.19] उसे कपड़े पहनाना मेरा काम नहीं है
[02:19.87] मैं काली तख़्ती पर सफ़ेद chalk इस्तेमाल करता हूँ
[02:24.06] ताकि काली तख़्ती और नुमाया हो जाए
[02:30.64] Manto एक इंसा-
[02:32.25] मैं घंटों पढ़ा है तुमको, Manto
[02:34.85] तुम्हारे जैसा बनूँ करे मेरा मन तो
[02:37.52] इन बंदों को सच नहीं दिखता
[02:39.88] ७० साल आज़ादी के, सच आज भी नहीं बिकता
[02:43.19] अगर आप मेरी कहानी को
[02:44.30] बर्दाश्त नहीं कर सकते
[02:47.45] तो इसका मतलब ये है
[02:49.70] कि ये ज़माना ही ना-क़ाबिल-ए-बरदाश्त है
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