Durge Durghat Bhari
🎵 1895 characters
⏱️ 2:02 duration
🆔 ID: 2707181
📜 Lyrics
दुर्गे दुर्घट भारी तुजविण संसारी
अनाथनाथे अंबे करुणा विस्तारी
दुर्गे दुर्घट भारी तुजविण संसारी
अनाथनाथे अंबे करुणा विस्तारी
वारी, वारी, जन्म-मरणाते वारी
हारी पडलो आता संकट निवारी
जय देवी, जय देवी
जय देवी, जय देवी महिषासुरमर्दिनी
सुरवर ईश्वर वरदे तारक संजीवनी
जय देवी, जय देवी
त्रिभुवनी भुवनी पहाता तुज ऐसे नाही
चारी श्रमले, परंतु न बोलवे काही
साही विवाद करीता पडलो प्रवाहे
ते तु भक्तालागे पावसी लवलाही
जय देवी, जय देवी
जय देवी, जय देवी महिषासुरमर्दिनी
सुरवर ईश्वर वरदे तारक संजीवनी
जय देवी, जय देवी
प्रसन्नवदने प्रसन्न होसी निजदासा
क्लेशांपासुनी सोडी, तोडी भवपाशा
अंबे तुजवाचून कोण पुरवील आशा?
नरहरी तल्लीन झाला पदपंकजलेशा
जय देवी, जय देवी
जय देवी, जय देवी महिषासुरमर्दिनी
सुरवर ईश्वर वरदे तारक संजीवनी
जय देवी, जय देवी
अनाथनाथे अंबे करुणा विस्तारी
दुर्गे दुर्घट भारी तुजविण संसारी
अनाथनाथे अंबे करुणा विस्तारी
वारी, वारी, जन्म-मरणाते वारी
हारी पडलो आता संकट निवारी
जय देवी, जय देवी
जय देवी, जय देवी महिषासुरमर्दिनी
सुरवर ईश्वर वरदे तारक संजीवनी
जय देवी, जय देवी
त्रिभुवनी भुवनी पहाता तुज ऐसे नाही
चारी श्रमले, परंतु न बोलवे काही
साही विवाद करीता पडलो प्रवाहे
ते तु भक्तालागे पावसी लवलाही
जय देवी, जय देवी
जय देवी, जय देवी महिषासुरमर्दिनी
सुरवर ईश्वर वरदे तारक संजीवनी
जय देवी, जय देवी
प्रसन्नवदने प्रसन्न होसी निजदासा
क्लेशांपासुनी सोडी, तोडी भवपाशा
अंबे तुजवाचून कोण पुरवील आशा?
नरहरी तल्लीन झाला पदपंकजलेशा
जय देवी, जय देवी
जय देवी, जय देवी महिषासुरमर्दिनी
सुरवर ईश्वर वरदे तारक संजीवनी
जय देवी, जय देवी