Kehna Hi Kya - From "Bombay"
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📜 Lyrics
गुमसुम-गुमसुम गुपचुप, गुमसुम गुपचुप
गुमसुम-गुमसुम गुपचुप, गुमसुम गुपचुप
हलचल-हलचल हो गई तेरी (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
होंठ हैं तेरे चुप (गुमसुम गुपचुप)
खलबल-खलबल हो गई तेरी (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
बैठी है तू चुप (गुमसुम गुपचुप)
प्यारे-प्यारे चेहरे ने (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
करते ही इशारा (गुमसुम गुपचुप)
देखा तेरी आँखों ने है (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
सपना कोई प्यारा (गुमसुम गुपचुप)
हमसे गोरी ना तू शरमा (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
आ कह दे हमसे ज़रा (गुमसुम गुपचुप)
हमसे गोरी ना तू शरमा (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
आ कह दे हमसे ज़रा (गुमसुम गुपचुप)
कहना ही क्या ये नैन एक अनजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमाँ नये ऐसे दिल में खिले
जिनको कभी मैं ना जानूँ
वो हमसे, हम उनसे कभी ना मिले
कैसे मिले दिल ना जानूँ
अब क्या करें, क्या नाम ले
कैसे उन्हें मैं पुकारूँ?
कहना ही क्या ये नैन एक अनजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमाँ नये ऐसे दिल में खिले
जिनको कभी मैं ना जानूँ
वो हमसे, हम उनसे कभी ना मिले
कैसे मिले दिल ना जानूँ
अब क्या करें, क्या नाम ले
कैसे उन्हें मैं पुकारूँ?
पहली ही नज़र में कुछ हम, कुछ तुम हो जाते हैं यूँ गुम
नैनों से बरसे रिम-झिम, रिम-झिम हमपे प्यार का सावन
शर्म थोड़ी-थोड़ी हमको आए तो नज़रें झुक जाए
सितम थोड़ा-थोड़ा हमपे शोख हवा भी कर जाए
ऐसी चले आँचल उड़े, दिल में एक तूफ़ान उठे
हम तो लूट गए खड़े ही खड़े
कहना ही क्या ये नैन एक अनजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमाँ नये ऐसे दिल में खिले
जिनको कभी मैं ना जानूँ
वो हमसे, हम उनसे कभी ना मिले
कैसे मिले दिल ना जानूँ
अब क्या करें, क्या नाम ले
कैसे उन्हें मैं पुकारूँ?
गुमसुम-गुमसुम गुपचुप, गुमसुम गुपचुप
गुमसुम-गुमसुम गुपचुप, गुमसुम गुपचुप
हलचल-हलचल हो गई तेरी (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
होंठ हैं तेरे चुप (गुमसुम गुपचुप)
खलबल-खलबल हो गई तेरी (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
बैठी है तू चुप (गुमसुम गुपचुप)
प्यारे-प्यारे चेहरे ने (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
करते ही इशारा (गुमसुम गुपचुप)
देखा तेरी आँखों ने है (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
सपना कोई प्यारा (गुमसुम गुपचुप)
हमसे गोरी ना तू शरमा (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
आ कह दे हमसे ज़रा (गुमसुम गुपचुप)
हमसे गोरी ना तू शरमा (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
आ कह दे हमसे ज़रा (गुमसुम गुपचुप)
इन होंठों ने माँगा सरगम, सरगम
तू और तेरा ही प्यार है
आके ढूँढे हैं जिसको हर दम, हर दम
तू और तेरा ही प्यार है
महफ़िल में भी तनहा है दिल ऐसे, दिल ऐसे
तुझको खोना दे डरता है ये ऐसे, ये ऐसे
आज मिली, ऐसी खुशी
झूम उठी दुनिया ये मेरी
तुमको पाया तो पाई ज़िन्दगी
कहना ही क्या ये नैन एक अनजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमाँ नये ऐसे दिल में खिले
जिनको कभी मैं ना जानूँ
वो हमसे, हम उनसे कभी ना मिले
कैसे मिले दिल ना जानूँ
अब क्या करें, क्या नाम ले
कैसे उन्हें मैं पुकारूँ?
कहना ही क्या ये नैन एक अनजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
कहना ही क्या...
गुमसुम-गुमसुम गुपचुप, गुमसुम गुपचुप
हलचल-हलचल हो गई तेरी (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
होंठ हैं तेरे चुप (गुमसुम गुपचुप)
खलबल-खलबल हो गई तेरी (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
बैठी है तू चुप (गुमसुम गुपचुप)
प्यारे-प्यारे चेहरे ने (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
करते ही इशारा (गुमसुम गुपचुप)
देखा तेरी आँखों ने है (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
सपना कोई प्यारा (गुमसुम गुपचुप)
हमसे गोरी ना तू शरमा (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
आ कह दे हमसे ज़रा (गुमसुम गुपचुप)
हमसे गोरी ना तू शरमा (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
आ कह दे हमसे ज़रा (गुमसुम गुपचुप)
कहना ही क्या ये नैन एक अनजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमाँ नये ऐसे दिल में खिले
जिनको कभी मैं ना जानूँ
वो हमसे, हम उनसे कभी ना मिले
कैसे मिले दिल ना जानूँ
अब क्या करें, क्या नाम ले
कैसे उन्हें मैं पुकारूँ?
कहना ही क्या ये नैन एक अनजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमाँ नये ऐसे दिल में खिले
जिनको कभी मैं ना जानूँ
वो हमसे, हम उनसे कभी ना मिले
कैसे मिले दिल ना जानूँ
अब क्या करें, क्या नाम ले
कैसे उन्हें मैं पुकारूँ?
पहली ही नज़र में कुछ हम, कुछ तुम हो जाते हैं यूँ गुम
नैनों से बरसे रिम-झिम, रिम-झिम हमपे प्यार का सावन
शर्म थोड़ी-थोड़ी हमको आए तो नज़रें झुक जाए
सितम थोड़ा-थोड़ा हमपे शोख हवा भी कर जाए
ऐसी चले आँचल उड़े, दिल में एक तूफ़ान उठे
हम तो लूट गए खड़े ही खड़े
कहना ही क्या ये नैन एक अनजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमाँ नये ऐसे दिल में खिले
जिनको कभी मैं ना जानूँ
वो हमसे, हम उनसे कभी ना मिले
कैसे मिले दिल ना जानूँ
अब क्या करें, क्या नाम ले
कैसे उन्हें मैं पुकारूँ?
गुमसुम-गुमसुम गुपचुप, गुमसुम गुपचुप
गुमसुम-गुमसुम गुपचुप, गुमसुम गुपचुप
हलचल-हलचल हो गई तेरी (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
होंठ हैं तेरे चुप (गुमसुम गुपचुप)
खलबल-खलबल हो गई तेरी (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
बैठी है तू चुप (गुमसुम गुपचुप)
प्यारे-प्यारे चेहरे ने (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
करते ही इशारा (गुमसुम गुपचुप)
देखा तेरी आँखों ने है (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
सपना कोई प्यारा (गुमसुम गुपचुप)
हमसे गोरी ना तू शरमा (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
आ कह दे हमसे ज़रा (गुमसुम गुपचुप)
हमसे गोरी ना तू शरमा (गुमसुम-गुमसुम गुपचुप)
आ कह दे हमसे ज़रा (गुमसुम गुपचुप)
इन होंठों ने माँगा सरगम, सरगम
तू और तेरा ही प्यार है
आके ढूँढे हैं जिसको हर दम, हर दम
तू और तेरा ही प्यार है
महफ़िल में भी तनहा है दिल ऐसे, दिल ऐसे
तुझको खोना दे डरता है ये ऐसे, ये ऐसे
आज मिली, ऐसी खुशी
झूम उठी दुनिया ये मेरी
तुमको पाया तो पाई ज़िन्दगी
कहना ही क्या ये नैन एक अनजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
अरमाँ नये ऐसे दिल में खिले
जिनको कभी मैं ना जानूँ
वो हमसे, हम उनसे कभी ना मिले
कैसे मिले दिल ना जानूँ
अब क्या करें, क्या नाम ले
कैसे उन्हें मैं पुकारूँ?
कहना ही क्या ये नैन एक अनजान से जो मिले
चलने लगे मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले
कहना ही क्या...