Gharaonda: Do Deewane Shaher Mein
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📜 Lyrics
Hahahaha, दीवाना
एक दीवाना शहर में
Huh, एक दीवाना नहीं, एक दीवानी भी
Hmm, hmm
दो दीवाने शहर में...
दो दीवाने शहर में, रात में या दोपहर में
आब-ओ-दाना...
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं, एक आशियाना ढूँढते हैं
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं, एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने शहर में, रात में या दोपहर में
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं, एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने...
इन भुल-भुलैया गलियों में अपना भी कोई घर होगा
अँबर पे खुलेगी खिड़कियाँ, खिड़की पे खुला अँबर होगा
इन भुल-भुलैया गलियों में अपना भी कोई घर होगा
अँबर पे खुलेगी खिड़कियाँ, खिड़की पे खुला अँबर होगा
असमानी रंग की आँखों में...
"असमानी" या "आसमानी"?
असमानी रंग की आँखों में बसने का बहाना ढूँढते, ढूँढते हैं
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं, एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने शहर में, रात में या दोपहर में
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं, एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने...
जब तारे ज़मीं पर...
तारे, और ज़मीं पर!
Of course!
जब तारे ज़मीं पर चलते हैं
आकाश ज़मीं हो जाता है
उस रात नहीं फ़िर घर जाता
वो चाँद यहीं सो जाता है
जब तारे जमीन पर चलते हैं
आकाश जमीन हो जाता है
उस रात नहीं फ़िर घर जाता
वो चाँद यहीं सो जाता है
पल भर के लिए...
पल भर के लिए...
पल भर के लिए इन आँखों में हम एक ज़माना ढूँढते हैं, ढूँढते हैं
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं, एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने शहर में, रात में या दोपहर में
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं, एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने...
दो दीवाने...
दो दीवाने...
हाँ, दो दीवाने...
दो दीवाने...
हो, दो दीवाने...
एक दीवाना शहर में
Huh, एक दीवाना नहीं, एक दीवानी भी
Hmm, hmm
दो दीवाने शहर में...
दो दीवाने शहर में, रात में या दोपहर में
आब-ओ-दाना...
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं, एक आशियाना ढूँढते हैं
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं, एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने शहर में, रात में या दोपहर में
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं, एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने...
इन भुल-भुलैया गलियों में अपना भी कोई घर होगा
अँबर पे खुलेगी खिड़कियाँ, खिड़की पे खुला अँबर होगा
इन भुल-भुलैया गलियों में अपना भी कोई घर होगा
अँबर पे खुलेगी खिड़कियाँ, खिड़की पे खुला अँबर होगा
असमानी रंग की आँखों में...
"असमानी" या "आसमानी"?
असमानी रंग की आँखों में बसने का बहाना ढूँढते, ढूँढते हैं
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं, एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने शहर में, रात में या दोपहर में
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं, एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने...
जब तारे ज़मीं पर...
तारे, और ज़मीं पर!
Of course!
जब तारे ज़मीं पर चलते हैं
आकाश ज़मीं हो जाता है
उस रात नहीं फ़िर घर जाता
वो चाँद यहीं सो जाता है
जब तारे जमीन पर चलते हैं
आकाश जमीन हो जाता है
उस रात नहीं फ़िर घर जाता
वो चाँद यहीं सो जाता है
पल भर के लिए...
पल भर के लिए...
पल भर के लिए इन आँखों में हम एक ज़माना ढूँढते हैं, ढूँढते हैं
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं, एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने शहर में, रात में या दोपहर में
आब-ओ-दाना ढूँढते हैं, एक आशियाना ढूँढते हैं
दो दीवाने...
दो दीवाने...
दो दीवाने...
हाँ, दो दीवाने...
दो दीवाने...
हो, दो दीवाने...