Home 🎬 Bollywood 🎵 Pakistani 🎤 English Pop

Samjhauta Ghamon

👤 Lata Mangeshkar 🎼 Samjhauta @ IndiaMp3.com ⏱️ 3:43
🎵 2042 characters
⏱️ 3:43 duration
🆔 ID: 28187227

📜 Lyrics

समझौता ग़मों से कर लो
समझौता ग़मों से कर लो
ज़िंदगी में ग़म भी मिलते हैं, हो-ओ

पतझड़ आते ही रहते हैं
पतझड़ आते ही रहते हैं
कि मधुबन फिर भी खिलते हैं, हो-ओ

समझौता ग़मों से कर लो
समझौता ग़मों से कर लो

रेत के नीचे जल की धारा
रेत के नीचे जल की धारा
हर सागर का यहाँ किनारा

रातों के आँचल में छुपा है सूरज प्यारा, हो-ओ
रातों के आँचल में छुपा है सूरज प्यारा, हो-ओ

समझौता ग़मों से कर लो
समझौता ग़मों से कर लो
ज़िंदगी में ग़म भी मिलते हैं, हो-ओ
समझौता ग़मों से कर लो
समझौता ग़मों से कर लो

दे दो मुझको ज़िम्मेदारी
दे दो मुझको ज़िम्मेदारी
मैं बन जाऊँ नज़र तुम्हारी

तुम मेरी आँखों से देखो दुनिया सारी, हो-ओ
तुम मेरी आँखों से देखो दुनिया सारी, हो-ओ

समझौता ग़मों से कर लो
समझौता ग़मों से कर लो
ज़िंदगी में ग़म भी मिलते हैं, हो-ओ

पतझड़ आते ही रहते हैं
पतझड़ आते ही रहते हैं
कि मधुबन फिर भी खिलते हैं, हो-ओ

समझौता ग़मों से कर लो
समझौता ग़मों से कर लो

⏱️ Synced Lyrics

[00:22.83] समझौता ग़मों से कर लो
[00:26.64] समझौता ग़मों से कर लो
[00:30.73] ज़िंदगी में ग़म भी मिलते हैं, हो-ओ
[00:38.49] पतझड़ आते ही रहते हैं
[00:41.89] पतझड़ आते ही रहते हैं
[00:46.39] कि मधुबन फिर भी खिलते हैं, हो-ओ
[00:53.26] समझौता ग़मों से कर लो
[00:56.46] समझौता ग़मों से कर लो
[00:59.97]
[01:12.63] रेत के नीचे जल की धारा
[01:19.24] रेत के नीचे जल की धारा
[01:25.84] हर सागर का यहाँ किनारा
[01:32.32] रातों के आँचल में छुपा है सूरज प्यारा, हो-ओ
[01:38.27] रातों के आँचल में छुपा है सूरज प्यारा, हो-ओ
[01:46.58] समझौता ग़मों से कर लो
[01:49.80] समझौता ग़मों से कर लो
[01:53.24] ज़िंदगी में ग़म भी मिलते हैं, हो-ओ
[02:00.90] समझौता ग़मों से कर लो
[02:04.07] समझौता ग़मों से कर लो
[02:07.77]
[02:31.36] दे दो मुझको ज़िम्मेदारी
[02:37.67] दे दो मुझको ज़िम्मेदारी
[02:44.07] मैं बन जाऊँ नज़र तुम्हारी
[02:50.33] तुम मेरी आँखों से देखो दुनिया सारी, हो-ओ
[02:56.70] तुम मेरी आँखों से देखो दुनिया सारी, हो-ओ
[03:04.73] समझौता ग़मों से कर लो
[03:08.00] समझौता ग़मों से कर लो
[03:11.72] ज़िंदगी में ग़म भी मिलते हैं, हो-ओ
[03:19.13] पतझड़ आते ही रहते हैं
[03:22.34] पतझड़ आते ही रहते हैं
[03:26.84] कि मधुबन फिर भी खिलते हैं, हो-ओ
[03:33.51] समझौता ग़मों से कर लो
[03:36.96] समझौता ग़मों से कर लो
[03:41.18]

⭐ Rate These Lyrics

Average: 0.0/5 • 0 ratings