Janeman Tum Kamal Karte Ho
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📜 Lyrics
आज हम इश्क़ का इज़हार करे तो क्या हो
जान पहचान से इनकार करे तो क्या हो
भरी महफ़िल मे तुम्हें प्यार करे तो क्या हो
कोशिशे आप की बेतार करे तो क्या हो
कहते डरती हो दिल में मरती हो
जानेमन तुम कमाल करती हो
कहते डरती हो दिल में मरती हो
जानेमन तुम कमाल करती हो
आँखो आँखो में मुस्कुराती हो
बातों बातों में दिल लुभाती हो
नर्म सांँसों की गर्म लहरों से
दिल के तारों को गुदगुदाती हो
अरे, इन सब बातों का मतलब पुछे तो
राग चेहरे का लाल करती हो
जानेमन तुम कमाल करती हो
चुप भी रहिए ये क्या क़यामत है
आप की भी अजीब आदत है
इतना हंगामा किसलिए आख़िर
प्यार है या कोई मुसीबत है
जब भी मिलते हो जाने तुम क्या-क्या
उल्टे सीधे सवाल करते हो
जानेमन तुम कमाल करते हो
मस्तियाँ सी फ़ज़ा पे छाई हैं
वादियाँ रंग में नहाई हैं
नर्म सब्ज़ पेड़ शोख़ फुलों ने
मखमली चादरें बिछाई हैं
आ छोडो शरमाना ऐसे मौसम में
तबीयत क्यों निहाल करती हो
हो! जानेमन तुम कमाल करती हो
जब भी मिलते हो जाने तुम क्या-क्या
उल्टे सीधे सवाल करते हो
जानेमन तुम कमाल करते हो
जानेमन तुम कमाल करती हो
जानेमन तुम कमाल करते हो
मैंने कहा, जानेमन तुम कमाल करती हो
जान पहचान से इनकार करे तो क्या हो
भरी महफ़िल मे तुम्हें प्यार करे तो क्या हो
कोशिशे आप की बेतार करे तो क्या हो
कहते डरती हो दिल में मरती हो
जानेमन तुम कमाल करती हो
कहते डरती हो दिल में मरती हो
जानेमन तुम कमाल करती हो
आँखो आँखो में मुस्कुराती हो
बातों बातों में दिल लुभाती हो
नर्म सांँसों की गर्म लहरों से
दिल के तारों को गुदगुदाती हो
अरे, इन सब बातों का मतलब पुछे तो
राग चेहरे का लाल करती हो
जानेमन तुम कमाल करती हो
चुप भी रहिए ये क्या क़यामत है
आप की भी अजीब आदत है
इतना हंगामा किसलिए आख़िर
प्यार है या कोई मुसीबत है
जब भी मिलते हो जाने तुम क्या-क्या
उल्टे सीधे सवाल करते हो
जानेमन तुम कमाल करते हो
मस्तियाँ सी फ़ज़ा पे छाई हैं
वादियाँ रंग में नहाई हैं
नर्म सब्ज़ पेड़ शोख़ फुलों ने
मखमली चादरें बिछाई हैं
आ छोडो शरमाना ऐसे मौसम में
तबीयत क्यों निहाल करती हो
हो! जानेमन तुम कमाल करती हो
जब भी मिलते हो जाने तुम क्या-क्या
उल्टे सीधे सवाल करते हो
जानेमन तुम कमाल करते हो
जानेमन तुम कमाल करती हो
जानेमन तुम कमाल करते हो
मैंने कहा, जानेमन तुम कमाल करती हो