Home 🎬 Bollywood 🎵 Pakistani 🎤 English Pop

Yeh Rishta (From "Meenaxi")

👤 Reena Bhardwaj, A.R. Rahman 🎼 MasterWorks - A.R. Rahman (The Musical Wizard) ⏱️ 4:42
🎵 2244 characters
⏱️ 4:42 duration
🆔 ID: 28826547

📜 Lyrics

कोई सच्चे ख्वाब दिखाकर
आँखो मे समा जाता है
ये रिश्ता

ये रिश्ता क्या कहलाता है
ये रिश्ता क्या कहलाता है
ये रिश्ता क्या कहलाता है
ये रिश्ता क्या कहलाता है

जब सूरज थकने लगता है
और धूप सिमटने लगती है
कोई अंजानी सी चीज़ मेरी
साँसों से लिपटने लगती है

कोई अंजानी सी चीज़ मेरी
साँसों से लिपटने लगती है
मैं दिल के करीब आ जाती हू
दिल मेरे करीब आ जाता है

ये रिश्ता क्या कहलाता है
ये रिश्ता क्या कहलाता है

इस गुमसुम झील के पानी मे
कोई मोती आ कर गिरता है
एक दायरा बनने लगता है
और बड़के भवर बनजाता है

ये रिश्ता क्या कहलाता है
ये रिश्ता क्या कहलाता है
ये रिश्ता क्या कहलाता है
ये रिश्ता क्या कहलाता है

तस्वीर बनाती रहती हू
मैं टूटी हुई आवाज़ो पर
एक चेहरा ढूंढती रहती हू
दीवारों कभी दरवाजो पर

एक चेहरा ढूंढती रहती हू
दीवारों कभी दरवाजो पर
मैं अपने पास नही रहती
और दूर से कोई बुलाता है

ये रिश्ता क्या कहलाता है
ये रिश्ता क्या कहलाता है
ये रिश्ता क्या कहलाता है
ये रिश्ता क्या कहलाता है

⏱️ Synced Lyrics

[00:22.31] कोई सच्चे ख्वाब दिखाकर
[00:29.00] आँखो मे समा जाता है
[00:35.57] ये रिश्ता
[00:38.72]
[00:41.13] ये रिश्ता क्या कहलाता है
[00:46.36] ये रिश्ता क्या कहलाता है
[00:51.73] ये रिश्ता क्या कहलाता है
[00:57.65] ये रिश्ता क्या कहलाता है
[01:03.24]
[01:07.75] जब सूरज थकने लगता है
[01:13.09] और धूप सिमटने लगती है
[01:18.47] कोई अंजानी सी चीज़ मेरी
[01:21.36] साँसों से लिपटने लगती है
[01:26.66]
[01:29.58] कोई अंजानी सी चीज़ मेरी
[01:31.96] साँसों से लिपटने लगती है
[01:34.63] मैं दिल के करीब आ जाती हू
[01:37.41] दिल मेरे करीब आ जाता है
[01:42.85] ये रिश्ता क्या कहलाता है
[01:47.45] ये रिश्ता क्या कहलाता है
[01:53.38]
[02:41.58] इस गुमसुम झील के पानी मे
[02:46.36] कोई मोती आ कर गिरता है
[02:51.89] एक दायरा बनने लगता है
[02:57.13] और बड़के भवर बनजाता है
[03:02.65]
[03:05.48] ये रिश्ता क्या कहलाता है
[03:10.63] ये रिश्ता क्या कहलाता है
[03:15.78] ये रिश्ता क्या कहलाता है
[03:21.26] ये रिश्ता क्या कहलाता है
[03:28.64] तस्वीर बनाती रहती हू
[03:34.27] मैं टूटी हुई आवाज़ो पर
[03:39.87] एक चेहरा ढूंढती रहती हू
[03:42.95] दीवारों कभी दरवाजो पर
[03:45.54]
[03:50.36] एक चेहरा ढूंढती रहती हू
[03:53.36] दीवारों कभी दरवाजो पर
[03:55.96] मैं अपने पास नही रहती
[03:58.76] और दूर से कोई बुलाता है
[04:03.82] ये रिश्ता क्या कहलाता है
[04:09.59] ये रिश्ता क्या कहलाता है
[04:14.44] ये रिश्ता क्या कहलाता है
[04:19.65] ये रिश्ता क्या कहलाता है
[04:34.55]

⭐ Rate These Lyrics

Average: 0.0/5 • 0 ratings