Kyun Baar Baar
🎵 1292 characters
⏱️ 5:45 duration
🆔 ID: 29417267
📜 Lyrics
क्यूँ बार-बार आँखों में तुम करवट लेते हो? हो-हो
ना सोते हो, ना मुझ को तुम सोने देते हो, हो-हो
क्यूँ बार-बार आँखों में तुम करवट लेते हो?
कहाँ छुपे हो सीने में तुम, साँसें भारी रहती हैं
ओ, नींद में हो या सपनों में, क्यूँ पलकें भारी रहती हैं? हो-हो
क्यूँ बार-बार आँखों में तुम करवट लेते हो? हो-हो
ना सोते हो, ना मुझ को तुम सोने देते हो
सारे अंग तुम अपने रखना, आँख का रंग तो मेरा हो
हो, थोड़ी-थोड़ी शाम की रंगत, हल्का-हल्का सवेरा हो, हो-हो
क्यूँ बार-बार आँखों में तुम करवट लेते हो? हो-हो
ना सोते हो, ना मुझ को तुम सोने देते हो
ना सोते हो, ना मुझ को तुम सोने देते हो, हो-हो
क्यूँ बार-बार आँखों में तुम करवट लेते हो?
कहाँ छुपे हो सीने में तुम, साँसें भारी रहती हैं
ओ, नींद में हो या सपनों में, क्यूँ पलकें भारी रहती हैं? हो-हो
क्यूँ बार-बार आँखों में तुम करवट लेते हो? हो-हो
ना सोते हो, ना मुझ को तुम सोने देते हो
सारे अंग तुम अपने रखना, आँख का रंग तो मेरा हो
हो, थोड़ी-थोड़ी शाम की रंगत, हल्का-हल्का सवेरा हो, हो-हो
क्यूँ बार-बार आँखों में तुम करवट लेते हो? हो-हो
ना सोते हो, ना मुझ को तुम सोने देते हो
⏱️ Synced Lyrics
[00:51.16] क्यूँ बार-बार आँखों में तुम करवट लेते हो? हो-हो
[01:03.52] ना सोते हो, ना मुझ को तुम सोने देते हो, हो-हो
[01:15.91] क्यूँ बार-बार आँखों में तुम करवट लेते हो?
[01:28.07]
[02:23.55] कहाँ छुपे हो सीने में तुम, साँसें भारी रहती हैं
[02:40.92] ओ, नींद में हो या सपनों में, क्यूँ पलकें भारी रहती हैं? हो-हो
[03:00.47] क्यूँ बार-बार आँखों में तुम करवट लेते हो? हो-हो
[03:12.71] ना सोते हो, ना मुझ को तुम सोने देते हो
[03:25.10]
[04:14.46] सारे अंग तुम अपने रखना, आँख का रंग तो मेरा हो
[04:31.78] हो, थोड़ी-थोड़ी शाम की रंगत, हल्का-हल्का सवेरा हो, हो-हो
[04:51.40] क्यूँ बार-बार आँखों में तुम करवट लेते हो? हो-हो
[05:03.68] ना सोते हो, ना मुझ को तुम सोने देते हो
[05:16.00]
[01:03.52] ना सोते हो, ना मुझ को तुम सोने देते हो, हो-हो
[01:15.91] क्यूँ बार-बार आँखों में तुम करवट लेते हो?
[01:28.07]
[02:23.55] कहाँ छुपे हो सीने में तुम, साँसें भारी रहती हैं
[02:40.92] ओ, नींद में हो या सपनों में, क्यूँ पलकें भारी रहती हैं? हो-हो
[03:00.47] क्यूँ बार-बार आँखों में तुम करवट लेते हो? हो-हो
[03:12.71] ना सोते हो, ना मुझ को तुम सोने देते हो
[03:25.10]
[04:14.46] सारे अंग तुम अपने रखना, आँख का रंग तो मेरा हो
[04:31.78] हो, थोड़ी-थोड़ी शाम की रंगत, हल्का-हल्का सवेरा हो, हो-हो
[04:51.40] क्यूँ बार-बार आँखों में तुम करवट लेते हो? हो-हो
[05:03.68] ना सोते हो, ना मुझ को तुम सोने देते हो
[05:16.00]