Bhare Bazaar Mein
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⏱️ 5:15 duration
🆔 ID: 29419383
📜 Lyrics
भरे बाज़ार में हम क्यूँ...
भरे बाज़ार में हम क्यूँ ये दिल की बात ले जाएँ?
भरे बाज़ार में हम क्यूँ ये दिल की बात ले जाएँ?
यहीं अच्छा है, अपना ग़म हम अपने साथ ले जाएँ
भरे बाज़ार में...
ज़माने ने नसीबों के हवाले कर दिया हमको
ज़माने ने, ज़माने ने नसीबों के हवाले कर दिया हमको
जहाँ चाहें, जिधर चाहें पकड़कर हाथ ले जाएँ
जहाँ चाहें, जिधर चाहें पकड़कर हाथ ले जाएँ
भरे बाज़ार में...
मेहरबानों कभी तुमने लिया था कर्ज़ जो हमसे
मेहरबानों, मेहरबानों कभी तुमने लिया था कर्ज़ जो हमसे
वहीं दे दो समझकर हम उसे खैरात ले जाएँ
वहीं दे दो समझकर हम उसे खैरात ले जाएँ
भरे बाज़ार में...
कहाँ आँखें, कहाँ बादल मगर दिल में ये आती हैं
कहाँ आँखें, कहाँ आँखें, कहाँ बादल मगर दिल में ये आती हैं
बहुत रोये चुराकर घर में ये बरसात ले जाएँ
बहुत रोये चुराकर घर में ये बरसात ले जाएँ
यहीं अच्छा है, अपना ग़म हम अपने साथ ले जाएँ
भरे बाज़ार में हम क्यूँ ये दिल की बात ले जाएँ?
भरे बाज़ार में हम क्यूँ ये दिल की बात ले जाएँ?
भरे बाज़ार में हम क्यूँ ये दिल की बात ले जाएँ?
यहीं अच्छा है, अपना ग़म हम अपने साथ ले जाएँ
भरे बाज़ार में...
ज़माने ने नसीबों के हवाले कर दिया हमको
ज़माने ने, ज़माने ने नसीबों के हवाले कर दिया हमको
जहाँ चाहें, जिधर चाहें पकड़कर हाथ ले जाएँ
जहाँ चाहें, जिधर चाहें पकड़कर हाथ ले जाएँ
भरे बाज़ार में...
मेहरबानों कभी तुमने लिया था कर्ज़ जो हमसे
मेहरबानों, मेहरबानों कभी तुमने लिया था कर्ज़ जो हमसे
वहीं दे दो समझकर हम उसे खैरात ले जाएँ
वहीं दे दो समझकर हम उसे खैरात ले जाएँ
भरे बाज़ार में...
कहाँ आँखें, कहाँ बादल मगर दिल में ये आती हैं
कहाँ आँखें, कहाँ आँखें, कहाँ बादल मगर दिल में ये आती हैं
बहुत रोये चुराकर घर में ये बरसात ले जाएँ
बहुत रोये चुराकर घर में ये बरसात ले जाएँ
यहीं अच्छा है, अपना ग़म हम अपने साथ ले जाएँ
भरे बाज़ार में हम क्यूँ ये दिल की बात ले जाएँ?
⏱️ Synced Lyrics
[00:07.78] भरे बाज़ार में हम क्यूँ...
[00:14.05] भरे बाज़ार में हम क्यूँ ये दिल की बात ले जाएँ?
[00:25.15] भरे बाज़ार में हम क्यूँ ये दिल की बात ले जाएँ?
[00:36.71] यहीं अच्छा है, अपना ग़म हम अपने साथ ले जाएँ
[00:47.99] भरे बाज़ार में...
[00:55.22]
[01:20.02] ज़माने ने नसीबों के हवाले कर दिया हमको
[01:31.69] ज़माने ने, ज़माने ने नसीबों के हवाले कर दिया हमको
[01:45.46] जहाँ चाहें, जिधर चाहें पकड़कर हाथ ले जाएँ
[01:56.42] जहाँ चाहें, जिधर चाहें पकड़कर हाथ ले जाएँ
[02:07.71] भरे बाज़ार में...
[02:16.19]
[02:39.53] मेहरबानों कभी तुमने लिया था कर्ज़ जो हमसे
[02:51.40] मेहरबानों, मेहरबानों कभी तुमने लिया था कर्ज़ जो हमसे
[03:05.47] वहीं दे दो समझकर हम उसे खैरात ले जाएँ
[03:16.46] वहीं दे दो समझकर हम उसे खैरात ले जाएँ
[03:27.64] भरे बाज़ार में...
[03:35.38]
[03:58.71] कहाँ आँखें, कहाँ बादल मगर दिल में ये आती हैं
[04:10.46] कहाँ आँखें, कहाँ आँखें, कहाँ बादल मगर दिल में ये आती हैं
[04:24.31] बहुत रोये चुराकर घर में ये बरसात ले जाएँ
[04:35.38] बहुत रोये चुराकर घर में ये बरसात ले जाएँ
[04:46.56] यहीं अच्छा है, अपना ग़म हम अपने साथ ले जाएँ
[04:57.58] भरे बाज़ार में हम क्यूँ ये दिल की बात ले जाएँ?
[05:10.05]
[00:14.05] भरे बाज़ार में हम क्यूँ ये दिल की बात ले जाएँ?
[00:25.15] भरे बाज़ार में हम क्यूँ ये दिल की बात ले जाएँ?
[00:36.71] यहीं अच्छा है, अपना ग़म हम अपने साथ ले जाएँ
[00:47.99] भरे बाज़ार में...
[00:55.22]
[01:20.02] ज़माने ने नसीबों के हवाले कर दिया हमको
[01:31.69] ज़माने ने, ज़माने ने नसीबों के हवाले कर दिया हमको
[01:45.46] जहाँ चाहें, जिधर चाहें पकड़कर हाथ ले जाएँ
[01:56.42] जहाँ चाहें, जिधर चाहें पकड़कर हाथ ले जाएँ
[02:07.71] भरे बाज़ार में...
[02:16.19]
[02:39.53] मेहरबानों कभी तुमने लिया था कर्ज़ जो हमसे
[02:51.40] मेहरबानों, मेहरबानों कभी तुमने लिया था कर्ज़ जो हमसे
[03:05.47] वहीं दे दो समझकर हम उसे खैरात ले जाएँ
[03:16.46] वहीं दे दो समझकर हम उसे खैरात ले जाएँ
[03:27.64] भरे बाज़ार में...
[03:35.38]
[03:58.71] कहाँ आँखें, कहाँ बादल मगर दिल में ये आती हैं
[04:10.46] कहाँ आँखें, कहाँ आँखें, कहाँ बादल मगर दिल में ये आती हैं
[04:24.31] बहुत रोये चुराकर घर में ये बरसात ले जाएँ
[04:35.38] बहुत रोये चुराकर घर में ये बरसात ले जाएँ
[04:46.56] यहीं अच्छा है, अपना ग़म हम अपने साथ ले जाएँ
[04:57.58] भरे बाज़ार में हम क्यूँ ये दिल की बात ले जाएँ?
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