Agar Nath Dekhoge Awagun Humare
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📜 Lyrics
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे,
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे,
अगर नाथ देखोगे...
पतितो को पावन करते कृपानिधि,
पतितो को पावन करते कृपानिधि,
पतितो को पावन करते कृपानिधि,
पतितो को पावन करते कृपानिधि,
किए पाप है इस सुयश के सहारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
अगर नाथ देखोंगे...
हमारे लिए क्यों देर किए हो,
हमारे लिए क्यों देर किए हो,
हमारे लिए क्यों देर किए हो,
हमारे लिए क्यों देर किए हो,
हमारे लिए क्यों देर किए हो,
हमारे लिए क्यों देर किए हो,
गणिका अजामिल को पल भर में उबारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
अगर नाथ देखोंगे...
माना अगम है, अपावन कुटिल है,
माना अगम है, अपावन कुटिल है,
ये माना अगम है, अपावन कुटिल है,
माना अगम है, अपावन कुटिल है,
माना अगम है, अपावन कुटिल है,
ये माना अगम है, अपावन कुटिल है,
ये माना अगम है, अपावन कुटिल है,
सबकुछ है लेकिन है भगवत् तुम्हारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
अगर नाथ देखोंगे...
मन होगा निर्मल तुम्हारी कृपा से,
मन होगा निर्मल तुम्हारी कृपा से,
मन होगा निर्मल तुम्हारी कृपा से,
मन होगा निर्मल तुम्हारी कृपा से,
ये मन होगा निर्मल तुम्हारी कृपा से,
ये मन होगा निर्मल तुम्हारी कृपा से,
इसे शुद्ध करने में राजेश हारे,
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
अगर नाथ देखोंगे...
अगर नाथ देखोंगे...
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे,
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे,
अगर नाथ देखोगे...
पतितो को पावन करते कृपानिधि,
पतितो को पावन करते कृपानिधि,
पतितो को पावन करते कृपानिधि,
पतितो को पावन करते कृपानिधि,
किए पाप है इस सुयश के सहारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
अगर नाथ देखोंगे...
हमारे लिए क्यों देर किए हो,
हमारे लिए क्यों देर किए हो,
हमारे लिए क्यों देर किए हो,
हमारे लिए क्यों देर किए हो,
हमारे लिए क्यों देर किए हो,
हमारे लिए क्यों देर किए हो,
गणिका अजामिल को पल भर में उबारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
अगर नाथ देखोंगे...
माना अगम है, अपावन कुटिल है,
माना अगम है, अपावन कुटिल है,
ये माना अगम है, अपावन कुटिल है,
माना अगम है, अपावन कुटिल है,
माना अगम है, अपावन कुटिल है,
ये माना अगम है, अपावन कुटिल है,
ये माना अगम है, अपावन कुटिल है,
सबकुछ है लेकिन है भगवत् तुम्हारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
अगर नाथ देखोंगे...
मन होगा निर्मल तुम्हारी कृपा से,
मन होगा निर्मल तुम्हारी कृपा से,
मन होगा निर्मल तुम्हारी कृपा से,
मन होगा निर्मल तुम्हारी कृपा से,
ये मन होगा निर्मल तुम्हारी कृपा से,
ये मन होगा निर्मल तुम्हारी कृपा से,
इसे शुद्ध करने में राजेश हारे,
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
अगर नाथ देखोंगे...
अगर नाथ देखोंगे...