Nazmein
🎵 857 characters
⏱️ 0:40 duration
🆔 ID: 3931855
📜 Lyrics
मेरा एक ख़्वाब था
नज़्में मेरी उजाले देखे सुबह के
मगर इस ज़िन्दगी की शाम में
ये जानकर जो नज़्में मेरी रग-ओ-जां में बहती थीं
तुम्हारी ऊँगलियों पर अब उतरने लग गई हैं
तसल्ली हो गई है
मैं जाते-जाते क्या देता तुम्हें सिवा अल्फ़ाज़ के?
मगर इतनी सी ख़्वाहिश है
कि मेरे बाद भी पिरोते रहना तुम
अल्फ़ाज़ की लड़ियाँ
तुम्हारी अपनी नज़्मों में
नज़्में मेरी उजाले देखे सुबह के
मगर इस ज़िन्दगी की शाम में
ये जानकर जो नज़्में मेरी रग-ओ-जां में बहती थीं
तुम्हारी ऊँगलियों पर अब उतरने लग गई हैं
तसल्ली हो गई है
मैं जाते-जाते क्या देता तुम्हें सिवा अल्फ़ाज़ के?
मगर इतनी सी ख़्वाहिश है
कि मेरे बाद भी पिरोते रहना तुम
अल्फ़ाज़ की लड़ियाँ
तुम्हारी अपनी नज़्मों में
⏱️ Synced Lyrics
[00:00.33] मेरा एक ख़्वाब था
[00:02.17] नज़्में मेरी उजाले देखे सुबह के
[00:05.67] मगर इस ज़िन्दगी की शाम में
[00:08.61] ये जानकर जो नज़्में मेरी रग-ओ-जां में बहती थीं
[00:12.90] तुम्हारी ऊँगलियों पर अब उतरने लग गई हैं
[00:16.34] तसल्ली हो गई है
[00:18.43] मैं जाते-जाते क्या देता तुम्हें सिवा अल्फ़ाज़ के?
[00:22.38] मगर इतनी सी ख़्वाहिश है
[00:25.03] कि मेरे बाद भी पिरोते रहना तुम
[00:27.93] अल्फ़ाज़ की लड़ियाँ
[00:29.84] तुम्हारी अपनी नज़्मों में
[00:32.64]
[00:02.17] नज़्में मेरी उजाले देखे सुबह के
[00:05.67] मगर इस ज़िन्दगी की शाम में
[00:08.61] ये जानकर जो नज़्में मेरी रग-ओ-जां में बहती थीं
[00:12.90] तुम्हारी ऊँगलियों पर अब उतरने लग गई हैं
[00:16.34] तसल्ली हो गई है
[00:18.43] मैं जाते-जाते क्या देता तुम्हें सिवा अल्फ़ाज़ के?
[00:22.38] मगर इतनी सी ख़्वाहिश है
[00:25.03] कि मेरे बाद भी पिरोते रहना तुम
[00:27.93] अल्फ़ाज़ की लड़ियाँ
[00:29.84] तुम्हारी अपनी नज़्मों में
[00:32.64]