Mat Ja Mat Ja Mere Bachpan
🎵 2813 characters
⏱️ 3:58 duration
🆔 ID: 3986783
📜 Lyrics
मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
जब से ये रुत मतवाली आई है मेरे आँगन
रहते हैं खींचे से नैना, रूठा रहता है मन
जब से ये रुत मतवाली आई है मेरे आँगन
रहते हैं खींचे से नैना, रूठा रहता है मन
अपने रूठे मन को मैं ले कर जाऊँ कहाँ?
बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
कल रात उचट गई निंदिया और भोर तलक मैं जागी
ये कैसी मीठी अग्नि जो मेरे तन में लागी?
कल रात उचट गई निंदिया और भोर तलक मैं जागी
ये कैसी मीठी अग्नि जो मेरे तन में लागी?
कर दें ना मुझे पागल मेरे नटखट अरमाँ
बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
क्यूँ लाज लगे है सब से? क्यूँ सब से छुपती फिरूँ?
कोई भी नहीं है ऐसा, हाल अपना जिससे कहूँ
क्यूँ लाज लगे है सब से? क्यूँ सब से छुपती फिरूँ?
कोई भी नहीं है ऐसा, हाल अपना जिससे कहूँ
नादानी मेरी देखो, सब को समझूँ नादाँ
बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
मत जा, मत जा, मत जा...
बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
जब से ये रुत मतवाली आई है मेरे आँगन
रहते हैं खींचे से नैना, रूठा रहता है मन
जब से ये रुत मतवाली आई है मेरे आँगन
रहते हैं खींचे से नैना, रूठा रहता है मन
अपने रूठे मन को मैं ले कर जाऊँ कहाँ?
बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
कल रात उचट गई निंदिया और भोर तलक मैं जागी
ये कैसी मीठी अग्नि जो मेरे तन में लागी?
कल रात उचट गई निंदिया और भोर तलक मैं जागी
ये कैसी मीठी अग्नि जो मेरे तन में लागी?
कर दें ना मुझे पागल मेरे नटखट अरमाँ
बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
क्यूँ लाज लगे है सब से? क्यूँ सब से छुपती फिरूँ?
कोई भी नहीं है ऐसा, हाल अपना जिससे कहूँ
क्यूँ लाज लगे है सब से? क्यूँ सब से छुपती फिरूँ?
कोई भी नहीं है ऐसा, हाल अपना जिससे कहूँ
नादानी मेरी देखो, सब को समझूँ नादाँ
बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
मत जा, मत जा, मत जा...
⏱️ Synced Lyrics
[00:20.66] मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
[00:26.15] बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
[00:31.35] मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
[00:36.51] बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
[00:42.11]
[01:02.76] जब से ये रुत मतवाली आई है मेरे आँगन
[01:07.91] रहते हैं खींचे से नैना, रूठा रहता है मन
[01:13.17] जब से ये रुत मतवाली आई है मेरे आँगन
[01:18.54] रहते हैं खींचे से नैना, रूठा रहता है मन
[01:23.78] अपने रूठे मन को मैं ले कर जाऊँ कहाँ?
[01:29.01] बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
[01:34.15] मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
[01:39.42] बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
[01:44.99]
[02:05.72] कल रात उचट गई निंदिया और भोर तलक मैं जागी
[02:10.77] ये कैसी मीठी अग्नि जो मेरे तन में लागी?
[02:15.86] कल रात उचट गई निंदिया और भोर तलक मैं जागी
[02:21.25] ये कैसी मीठी अग्नि जो मेरे तन में लागी?
[02:26.21] कर दें ना मुझे पागल मेरे नटखट अरमाँ
[02:31.48] बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
[02:36.73] मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
[02:41.99] बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
[02:47.52]
[03:07.74] क्यूँ लाज लगे है सब से? क्यूँ सब से छुपती फिरूँ?
[03:13.03] कोई भी नहीं है ऐसा, हाल अपना जिससे कहूँ
[03:18.17] क्यूँ लाज लगे है सब से? क्यूँ सब से छुपती फिरूँ?
[03:23.49] कोई भी नहीं है ऐसा, हाल अपना जिससे कहूँ
[03:28.41] नादानी मेरी देखो, सब को समझूँ नादाँ
[03:33.71] बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
[03:38.82] मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
[03:43.92] बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
[03:49.20] मत जा, मत जा, मत जा...
[03:51.89]
[00:26.15] बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
[00:31.35] मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
[00:36.51] बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
[00:42.11]
[01:02.76] जब से ये रुत मतवाली आई है मेरे आँगन
[01:07.91] रहते हैं खींचे से नैना, रूठा रहता है मन
[01:13.17] जब से ये रुत मतवाली आई है मेरे आँगन
[01:18.54] रहते हैं खींचे से नैना, रूठा रहता है मन
[01:23.78] अपने रूठे मन को मैं ले कर जाऊँ कहाँ?
[01:29.01] बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
[01:34.15] मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
[01:39.42] बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
[01:44.99]
[02:05.72] कल रात उचट गई निंदिया और भोर तलक मैं जागी
[02:10.77] ये कैसी मीठी अग्नि जो मेरे तन में लागी?
[02:15.86] कल रात उचट गई निंदिया और भोर तलक मैं जागी
[02:21.25] ये कैसी मीठी अग्नि जो मेरे तन में लागी?
[02:26.21] कर दें ना मुझे पागल मेरे नटखट अरमाँ
[02:31.48] बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
[02:36.73] मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
[02:41.99] बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
[02:47.52]
[03:07.74] क्यूँ लाज लगे है सब से? क्यूँ सब से छुपती फिरूँ?
[03:13.03] कोई भी नहीं है ऐसा, हाल अपना जिससे कहूँ
[03:18.17] क्यूँ लाज लगे है सब से? क्यूँ सब से छुपती फिरूँ?
[03:23.49] कोई भी नहीं है ऐसा, हाल अपना जिससे कहूँ
[03:28.41] नादानी मेरी देखो, सब को समझूँ नादाँ
[03:33.71] बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
[03:38.82] मत जा, मत जा, मत जा, मेरे बचपन नादाँ
[03:43.92] बचपन ने कहा मुझसे, "कुछ रोज़ के हम मेहमाँ"
[03:49.20] मत जा, मत जा, मत जा...
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